19 साल की प्रिया की टाइट चूत को 24 साल के रोहन ने रस्सियों, चाबुक और बर्बर ठोकों से फाड़ डाला। घंटों तक चली जंगली BDSM चुदाई, अपमान, दर्द और लत लगाने वाला गैंगबैंग – एक ऐसी बर्बर कहानी जो आपको हिलाकर रख देगी।
प्रिया 19 साल की एक खूबसूरत कॉलेज स्टूडेंट थी। उसका गोरा रंग, घने काले बाल, और आकर्षक फिगर किसी को भी अपनी ओर खींच लेता था। उसकी कमर पतली, चूचे भरे-भरे 36 इंच के, और कूल्हे गोल-मटोल थे जो देखने वाले की नजरों को बांध लेते। उसका बॉयफ्रेंड रोहन 24 साल का था, एक मजबूत कद-काठी वाला लड़का जो जिम जाता था। उसका 7.5 इंच लंबा और मोटा लंड किसी लड़की को फाड़ डालने की ताकत रखता था। दोनों की मुलाकात कॉलेज के एक फंक्शन में हुई थी। शुरू में सिर्फ दोस्ती थी, लेकिन धीरे-धीरे रोमांटिक बातें बढ़ने लगीं। रोहन हमेशा प्रिया को अपनी हवस भरी नजरों से देखता, लेकिन प्रिया अभी innocent थी।
रिलेशनशिप को 7 महीने हो चुके थे। वे अक्सर घूमने जाते, फिल्में देखते, और कभी-कभी गहरी चुंबनों में खो जाते। रोहन प्रिया को बार-बार कहता, “तुम मेरी हो, और जल्द ही मैं तुम्हें पूरी तरह अपना बना लूंगा।” प्रिया शर्मा जाती, लेकिन अंदर से उत्सुक भी होती। एक दिन रोहन ने उसे मैसेज किया, “आज शाम मेरे दोस्त की फैक्ट्री के पास वाले गेस्ट हाउस में मिलते हैं। वहां कोई नहीं होगा, सिर्फ हम। मैं तुम्हें सरप्राइज देना चाहता हूं।” प्रिया ने पहले मना किया, लेकिन रोहन की लगातार मनुहार और प्यार भरी बातों के आगे वह मान गई। उसने घर से निकलते समय एक टाइट ब्लैक टॉप और जींस पहनी, बाल खुले छोड़ दिए, और थोड़ा मेकअप करके पहुंच गई।
गेस्ट हाउस शहर के बाहरी इलाके में एक सुनसान जगह पर था। चारों तरफ पेड़ और अंधेरा। रोहन बाहर इंतजार कर रहा था। प्रिया को देखते ही उसने उसे कसकर गले लगा लिया। “आज तुम बहुत हॉट लग रही हो,” उसने कान में फुसफुसाते हुए कहा और उसके होंठों पर जोरदार किस किया। अंदर जाते ही रोहन ने दरवाजा बंद कर दिया और लॉक कर दिया। कमरा अच्छा सजा हुआ था, लेकिन बेड के पास कुछ रस्सियां, एक चाबुक जैसा पट्टा, और कुछ सेक्स टॉयज रखे थे। प्रिया को थोड़ा अजीब लगा, लेकिन रोहन ने उसे आश्वासन दिया, “चिंता मत करो, आज हम दोनों का स्पेशल दिन है।”
वे बेड पर बैठ गए। रोहन ने वाइन की बोतल खोली और दोनों ने दो-दो ग्लास पिए। शराब का असर होते ही प्रिया की शर्म कुछ कम हुई। रोहन ने उसे अपनी गोद में बिठाया और गले लगाते हुए उसके गाल चूमने लगा। फिर उसने प्रिया की टॉप उतार दी। प्रिया की भरी हुई चूचे ब्रा में कैद थे। रोहन ने ब्रा का हुक खोला और चूचों को आजाद कर दिया। “वाह, कितने परफेक्ट हैं,” कहते हुए उसने एक चूचे को जोर से दबाया। प्रिया कराह उठी, “आह… धीरे रोहन।” लेकिन रोहन ने एक चूचे को मुंह में भर लिया और जोर-जोर से चूसने लगा, दांतों से काटते हुए। दूसरा चूचा उसकी उंगलियों के बीच दबता जा रहा था। प्रिया की सांसें तेज हो गईं।
रोहन ने प्रिया को बेड पर धक्का देकर लिटा दिया। उसने अपनी शर्ट उतारी। उसकी छाती चौड़ी और मसल्स वाली थी। फिर उसने प्रिया की जींस और पैंटी खींचकर उतार दी। प्रिया पूरी तरह नंगी हो गई। वह शर्म से अपनी आंखें बंद कर लेती, लेकिन रोहन ने उसके बाल पकड़कर कहा, “आंखें खोलो, मेरी रानी। आज तुम्हें सब देखना है।” रोहन ने प्रिया के हाथों को बेड के हेडबोर्ड से रस्सी से बांध दिया। प्रिया घबरा गई, “यह क्या कर रहे हो? छोड़ो न।” रोहन मुस्कुराया, “यह मजा बढ़ाने के लिए है, बेबी। ट्रस्ट मी।”
रोहन ने प्रिया की टांगें फैलाकर रखीं और उसकी चूत को चाटने लगा। उसकी जीभ तेजी से क्लिटोरिस पर घूम रही थी। उंगली अंदर डालकर वह तेज-तेज अंदर-बाहर करने लगा। प्रिया तड़प उठी, “आह… रोहन… क्या कर रहे हो… उफ्फ!” उसकी चूत गीली हो चुकी थी। रोहन ने एक वाइब्रेटर निकाला और उसे चूत पर रख दिया। प्रिया जोर से चीखी, शरीर कांपने लगा। रोहन ने चाबुक जैसा पट्टा उठाया और प्रिया के चूचों पर हल्के-हल्के मारना शुरू कर दिया। हर मार के साथ प्रिया चीखती, लेकिन अंदर से अजीब सा मजा भी आने लगा।
“अब असली खेल शुरू होता है,” रोहन ने कहा। उसने कंडोम लगाया और अपना मोटा 7.5 इंच का लंड प्रिया की टाइट चूत पर रखा। प्रिया डर गई, “पहली बार है… प्लीज आराम से… आह!” रोहन ने एक जोरदार झटका मारा। आधा लंड घुस गया। प्रिया की चीख गूंज उठी, “आआआह! मार डाला… बाहर निकालो!” लेकिन रोहन रुका नहीं। उसने और जोर से धक्का दिया। पूरा लंड प्रिया की चूत में समा गया। खून की हल्की धार बह निकली। प्रिया रोने लगी, “बस करो… दर्द हो रहा है… मैं मर जाऊंगी!”
रोहन ने उसके मुंह पर हाथ रख दिया और तेजी से चोदना शुरू कर दिया। “चुप रह, मेरी रंडी। आज तुझे पूरी तरह तोड़ दूंगा।” वह प्रिया की टांगें अपने कंधों पर रखकर गहरे-गहरे ठोके मार रहा था। हर ठोके के साथ प्रिया की चीखें निकल रही थीं। रोहन ने उसके चूचों को जोर-जोर से थप्पड़ मारे, निप्पल्स को खींचा। फिर उसने प्रिया को घोड़ी बनाया। रस्सी अभी भी हाथों में बंधी थी। पीछे से उसने बाल पकड़कर खींचा और लंड पूरी ताकत से घुसाया। प्रिया की चूत फटने लगी थी। “आह… उफ्फ… और मत… प्लीज!” लेकिन रोहन और तेज हो गया। वह थप्पड़ मारता, बाल खींचता, और चोदता जा रहा था।
एक घंटा बीत गया। प्रिया कई बार झड़ चुकी थी, लेकिन रोहन का लंड अभी भी लोहे जैसा खड़ा था। उसने प्रिया को उल्टा लिटाया, टांगें फैलाकर रखीं और मिशनरी पोजीशन में फिर से घुसा। अब उसकी स्पीड और बढ़ गई थी। प्रिया की चूत सूज गई थी, लेकिन रोहन रुकने का नाम नहीं ले रहा था। उसने प्रिया के गले पर हल्का दबाव डाला, “बोल, तू मेरी स्लट है न?” प्रिया आंसू बहाते हुए बोली, “हां… मैं तुम्हारी हूं… बस अब छोड़ दो।” रोहन हंसा और और जोर से पेलने लगा।
उसने प्रिया को बेड से उठाकर दीवार से सटाकर खड़ा किया। पीछे से लंड डालकर उसने जोरदार चोदाई की। प्रिया के पैर कांप रहे थे। रोहन ने उसके कूल्हों पर थप्पड़ बरसाए। लाल निशान पड़ गए। फिर उसने प्रिया को अपने ऊपर बिठाया और नीचे से ऊपर की ओर तेजी से ठोके मारने लगा। प्रिया की चीखें कमरे में गूंज रही थीं। “दर्द… बहुत दर्द… लेकिन… आह!” अब दर्द के साथ अजीब सा प्लेजर भी आने लगा था। रोहन ने 2 घंटे से ज्यादा समय तक प्रिया को हर पोजीशन में चोदा। कभी डॉगी, कभी स्टैंडिंग, कभी उसके मुंह में लंड ठूंसकर। उसने प्रिया की चूत, मुंह, और यहां तक कि गुदा को भी अपनी उंगलियों से तैयार किया।
आखिरकार, ढाई घंटे बाद रोहन का लंड फड़का। उसने प्रिया की चूत के अंदर ही पूरा माल भर दिया। “ले मेरी रानी, यह तेरा इनाम है।” प्रिया थककर बेड पर गिर पड़ी। उसकी चूत बुरी तरह सूज गई थी, लाल हो रही थी, और हर जगह निशान थे। रोहन ने उसे गले लगाया, “सॉरी बेबी, लेकिन तुझे मजा आया न? मैं तुझसे प्यार करता हूं, लेकिन सेक्स में मैं बहुत वाइल्ड हो जाता हूं।” प्रिया कुछ नहीं बोली। वह लंगड़ाती हुई बाथरूम गई। साफ करते समय भी दर्द से कराह रही थी।
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प्रिया लंगड़ाती हुई घर पहुंची। उस रात नींद नहीं आई। उसकी चूत अभी भी सूजी हुई थी, हर हलचल में दर्द की लहर उठती। लेकिन दिमाग में रोहन की वो क्रूर छवि घूम रही थी – उसके बाल खींचना, थप्पड़ मारना, रस्सियों से बांधना, और घंटों तक बिना रुके पेलना। उसने सोचा, “यह प्यार था या सिर्फ मेरी देह को तोड़ने की भूख?” अगले दिन रोहन का मैसेज आया, “कल रात के लिए सॉरी। लेकिन तुमने बहुत अच्छा सहा। मैं तुम्हें और ट्रेन करना चाहता हूं। आज शाम फिर मिलें?” प्रिया ने जवाब नहीं दिया, लेकिन अंदर से एक अजीब सी ललक जाग रही थी। दर्द के बावजूद, वो जोश उसे खींच रहा था।
तीन दिन बाद रोहन ने फिर बुलाया। इस बार उसने कहा, “मेरे फार्म हाउस पर चलते हैं। वहां पूरा वीकेंड सिर्फ हमारा। कोई डिस्टर्बेंस नहीं।” प्रिया इस बार पूरी तरह तैयार होकर गई। उसने अंदर ही अंदर फैसला कर लिया था कि वो रोहन की हर मर्जी मानेगी, चाहे कितना भी दर्द हो। फार्म हाउस शहर से 50 किलोमीटर दूर, जंगल के बीच एक सुनसान जगह पर था। वहां पहुंचते ही रोहन ने प्रिया को अंदर घसीट लिया। “आज तुझे मेरी असली गुलाम बना दूंगा,” उसने कड़क स्वर में कहा।
कमरे में पहले से ही तैयारी थी – चेन, हैंडकफ, चाबुक, क्लैम्प्स, एनल प्लग, और बड़े-बड़े डिल्डोज। रोहन ने प्रिया के कपड़े फाड़ते हुए उतारे। पूरी तरह नंगी करके उसने उसके हाथ-पैर फैलाकर चारों तरफ से बेड से बांध दिया। प्रिया निश्चल पड़ी थी। रोहन ने उसके चूचों पर मेटल क्लैम्प लगाए। निप्पल्स पर तेज दर्द की लहर दौड़ी। “आआह! रोहन… बहुत दर्द हो रहा है!” रोहन ने चाबुक उठाया और उसके पेट, जांघों और चूत पर हल्के-हल्के लेकिन लगातार वार किए। प्रिया तड़प रही थी, शरीर पसीने से तर।
रोहन ने अपना 7.5 इंच का मोटा लंड निकाला। बिना किसी चेतावनी के उसने प्रिया की मुंह में ठूंस दिया। “चूस, मेरी रंडी। गला तक ले।” प्रिया का गला फूल गया, उल्टी जैसा आ रहा था, लेकिन रोहन ने सिर पकड़कर जबरदस्ती गहरे तक धकेला। आंसू बह रहे थे। कुछ मिनट बाद उसने लंड निकाला और सीधा चूत पर चढ़ गया। इस बार बिना कंडोम, पूरी ताकत से। एक झटके में पूरा लंड अंदर। प्रिया की चीख आसमान छू गई, “मर गई… फट गई मेरी चूत… बाहर निकालो प्लीज!” रोहन ने उसके गले पर हाथ रखकर दबाव डाला और पिस्टन की तरह चोदने लगा। हर ठोके में बेड हिल रहा था।
वो घंटा भर चोदता रहा। फिर पोजीशन बदली। प्रिया को घोड़ी बनाकर उसकी कमर पकड़ी और पीछे से इतनी जोर से मारा कि प्रिया के मुंह से सिर्फ “उफ्फ… आह… बस…” निकल रहा था। रोहन ने एनल प्लग लिया और चूत चोदते हुए गुदा में धकेल दिया। डबल पेनेट्रेशन का दर्द प्रिया को पागल कर रहा था। “तुम पागल हो गए हो… मैं सह नहीं पा रही!” रोहन हंसा, “सहना पड़ेगा, मेरी जवान रंडी। आज तुझे ब्रेकिंग ट्रेनिंग है।”
रात भर वो सिलसिला चला। रोहन ने प्रिया को दीवार से बांधा, उसके मुंह में बॉल गैग ठूंसा, और फिर से चोदा। कभी चाबुक से मारता, कभी मोम की बूंदें चूचों पर गिराता। प्रिया कई बार बेहोश होने के कगार पर पहुंच गई। लेकिन रोहन रुकता नहीं। उसने प्रिया की टांगें सिर के ऊपर मोड़कर इतनी गहरी चुदाई की कि लंड पेट तक महसूस हो रहा था। “देख, तेरी चूत कितनी लाल हो गई है। फिर भी भीगी हुई है। तुझे दर्द पसंद है न?” प्रिया अब चीखने की जगह कराह रही थी, “हां… और मारो… मुझे और तोड़ दो…”
दूसरे दिन सुबह तक रोहन ने प्रिया को 4 बार चोदा। आखिरी राउंड में उसने प्रिया को फर्श पर घुटनों के बल बिठाकर डोगी स्टाइल में पेला। बाल खींचे, गला दबाया, और अंत में पूरा माल चूत के अंदर उंडेल दिया। प्रिया का पूरा शरीर निशानों से भरा था – चूचे लाल, जांघें थप्पड़ों के निशान, कमर पर खरोंच। वो हिल भी नहीं पा रही थी।
लेकिन ब्रेकअप के बाद भी ये सिलसिला नहीं रुका। रोहन ने प्रिया को ब्लैकमेल किया कि वो वीडियो बना लेता है। “अब तू मेरी प्रॉपर्टी है। जब चाहूंगा, बुलाऊंगा।” प्रिया डर गई, लेकिन अंदर से वो भी लत लग चुकी थी। अगले हफ्ते रोहन ने उसे एक पुराने गोदाम में बुलाया। वहां तीन-चार उसके दोस्त भी थे। प्रिया घबरा गई, “यह क्या?” रोहन ने मुस्कुराते हुए कहा, “आज तुझे गैंगबैंग ट्रेनिंग।”
प्रिया को नंगा करके बीच में खड़ा किया गया। चारों तरफ से हाथ लगने लगे। एक ने चूचे चूसने शुरू किए, दूसरा चूत में उंगलियां डाल रहा था। रोहन ने प्रिया को घुटनों पर बिठाकर चारों का लंड मुंह में चुसवाया। फिर उसे बारी-बारी से चोदा गया। रोहन सबसे पहले, फिर उसके दोस्त। हर कोई क्रूर था। एक ने प्रिया को उल्टा लटकाकर चोदा। दूसरा चाबुक मार रहा था। प्रिया की चीखें गोदाम में गूंज रही थीं। “आह… बहुत हो गया… मैं टूट गई!” लेकिन वे रुक नहीं रहे। लगातार 3 घंटे तक प्रिया का इस्तेमाल किया गया। उसकी चूत, मुंह, गुदा – सब भरा हुआ था। अंत में चारों ने उसके चेहरे, चूचों और चूत पर अपना माल गिराया।
प्रिया अब पूरी तरह बदल चुकी थी। वो रोहन की गुलाम बन गई थी। हर वीकेंड नए-नए टॉर्चर के साथ। एक बार रोहन ने उसे जंगल में ले जाकर पेड़ से बांध दिया और घंटों चोदा। बारिश में भीगते हुए, कीचड़ में लोटते हुए। दर्द, अपमान, और प्लेजर का मिला-जुला खेल। प्रिया अब खुद मांगने लगी थी, “और जोर से मारो… मुझे और दर्द दो…”
ब्रेकअप के कई महीने बाद भी ये रिश्ता चला। लेकिन एक दिन प्रिया ने फैसला किया कि वो अब आजाद होना चाहती है। रोहन ने विरोध किया, लेकिन प्रिया मजबूत हो चुकी थी। उसने सब वीडियो डिलीट करवा दिए और आगे बढ़ गई। लेकिन वो अनुभव उसे कभी नहीं भूला। वो अब एक नई लड़की थी – जो दर्द और हवस के खेल को समझ चुकी थी। उसकी जिंदगी में आगे कई और मर्द आए, लेकिन रोहन वाली वो क्रूर, बर्बर, और लत लगाने वाली चुदाई कभी नहीं भूली।
वो रातें, वो चीखें, वो थप्पड़, वो रस्सियां – सब उसके शरीर पर और दिमाग पर हमेशा के लिए उकेरे गए थे। प्रिया अब जानती थी कि दुनिया का सबसे खतरनाक और आकर्षक खेल सेक्स है, खासकर जब वो इतना brutal और BDSM वाला हो।
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