कबीर-निशा पार्ट 3

प्रोफेसर घर पर थे। रसोई में क्लिप और बेलन से निशा ने कबीर को चुपचाप तोड़ा। तीन कदम दूर खतरा खड़ा था, फिर भी वो और सज़ा माँगता रहा। कबीर-निशा पार्ट 2 सुबह की पहली रोशनी खिड़की से अंदर आ रही थी जब मेरी आँख खुली। शरीर एक जगह से हिल भी नहीं पा रहा था। हाथ अभी भी छत की कड़ी से बंधे थे। निशा मेरे ऊपर सोई हुई थीं। उनका पूरा वजन मेरे......Read Full story

कबीर-निशा पार्ट 2

आँखें बंद, बाँहें छत से बंधी, बर्फ और गर्म मोम का खेल। निशा ने कबीर को पूरी रात अपने अंदर कैद रखा। सुबह तक बदन टूट चुका था, फिर भी वो फिर आने को बेताब था। अगले दिन सुबह सात बजकर चालीस मिनट पर मैं फिर उसी दरवाज़े के सामने खड़ा था। शरीर अभी भी कल के निशानों से जल रहा था। जाँघों पर बेल्ट के लाल निशान, सीने पर मोम के दाग और अंडकोष......Read Full story

कबीर-निशा पार्ट 1

ट्यूशन वाले कमरे में रस्सी, मोम और थप्पड़ों ने एक लड़के को पूरी तरह तोड़ दिया। दर्द में भी लंड तनता रहा। अब वो रो-रोकर और माँगता है। मेरा नाम कबीर है। उम्र बाईस साल। दिल्ली के एक छोटे से इलाके में रहकर मैं एम.कॉम की पढ़ाई कर रहा था। घर की हालत ठीक नहीं थी इसलिए ट्यूशन लेकर गुज़ारा चलाना पड़ता था। उसी ट्यूशन की वजह से मेरी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल गई।ट्यूशन......Read Full story

कबीर-निशा पार्ट 3: रात भर लटकता गुलाम

आँखें बंद, बाँहें छत से बंधी, बर्फ और गर्म मोम का खेल। निशा ने कबीर को पूरी रात अपने अंदर कैद रखा। सुबह तक बदन टूट चुका था, फिर भी वो फिर आने को बेताब था। अगले दिन सुबह सात बजकर चालीस मिनट पर मैं फिर उसी दरवाज़े के सामने खड़ा था। शरीर अभी भी कल के निशानों से जल रहा था। जाँघों पर बेल्ट के लाल निशान, सीने पर मोम के दाग और अंडकोष......Read Full story

रुद्रक्ष-अनन्या भाग 11

तीन घंटे बंद गोदाम में बीस पुरुषों ने संपत्ति को बारी-बारी और एक साथ खोला। लौटकर मालिक ने हिसाब लिया और अगली रात पार्टनर व उसकी पत्नी के हवाले करने का हुक्म दे दिया। रुद्रक्ष-अनन्या भाग 10 रात के नौ बजे रुद्रक्ष ने अनन्या को एक बड़े बंगले के अंदर धकेल दिया। अंदर पाँच महिलाएँ इंतजार कर रही थीं। सब अमीर, सब ठंडी आँखों वाली। उम्र तीस से पैंतालीस के बीच। कमरे में मोमबत्तियाँ जल......Read Full story

रुद्रक्ष-अनन्या भाग 10

पाँच दिन बिना रोशनी के बंद कमरे में संपत्ति ने अंधेरे में खुद को बार-बार खोला। लौटकर मालिक ने जाँच की और अगली रात महिलाओं के हवाले करने का नया फैसला सुना दिया। रुद्रक्ष-अनन्या भाग 9 सुबह के सात बजे रुद्रक्ष ने अनन्या को ऊँची इमारत की खुली बालकनी में ले जाकर खंभे से बाँध दिया। हाथ ऊपर। पैर फैलाए। वजन भारी। नंगी। सिर्फ कॉलर। नीचे सड़क पर लोग आने-जाने शुरू हो चुके थे। गाड़ियाँ,......Read Full story

रुद्रक्ष-अनन्या भाग 9

तीन दिन अकेले कमरे में कैमरे घूमते रहे। संपत्ति ने अपनी मुट्ठी से खुद को बार-बार खोला। मालिक ने लौटकर जाँच की और सुबह से शाम तक खुली बालकनी का नया हुक्म सुना दिया। रुद्रक्ष-अनन्या भाग 8 रात के आठ बजे बड़े हॉल में तीन पुरुष बैठे थे। रुद्रक्ष के पुराने व्यापारिक दुश्मन। एक भारी भरकम, एक दुबला तेज आँखों वाला, एक शांत लेकिन ठंडी मुस्कान वाला। मेज पर शराब की बोतलें, गिलास और महंगे......Read Full story

रुद्रक्ष-अनन्या भाग 8

मालिक ने संपत्ति को कांच की मेज पर बाँधकर निप्पल खींचे, बार-बार भरा और खून निकालने तक पीटा। कल रात तीन दुश्मनों के सामने नंगी सर्वर बनने का अंतिम हुक्म दे दिया। रुद्रक्ष-अनन्या भाग 7 तीसरे दिन रात को रुद्रक्ष ने अनन्या को एक बंद ट्रक के अंदर धकेल दिया। अंदर बिल्कुल अंधेरा था। कोई रोशनी नहीं। फर्श ठंडा लोहा। दीवारें धातु की। अनन्या के हाथ पीछे बाँध दिए गए। कॉलर की चेन फर्श के......Read Full story

रुद्रक्ष-अनन्या भाग 7

आधी रात ऊँची छत पर नंगी बाँधी संपत्ति शहर की रोशनी में खड़ी रही। नीचे भीड़ जुटती गई। मालिक ने गिनती करवाई, भरा और अगले सफर में बंद ट्रक का नया हुक्म सुना दिया। रुद्रक्ष-अनन्या भाग 6 दर्पणों वाला कमरा बिल्कुल अलग था। चारों दीवारें, छत और फर्श तक बड़े-बड़े साफ दर्पण लगे थे। कोई कोना नहीं, कोई अंधेरा नहीं। हर दिशा में अनन्या की नंगी काया के सैकड़ों टुकड़े दिख रहे थे। बीच में......Read Full story