रुद्रक्ष-अनन्या भाग 4

मालिक ने निप्पलों में सुइयाँ चुभाकर पानी से अंदर तक धोया, मुट्ठी घुमाई और चूत पर ताला ज्यों का त्यों रखा। कल पाँच औरतों के बीच तीन घंटे की बोली का फैसला सुना दिया। रुद्रक्ष-अनन्या भाग 3 दो घंटे बाद दरवाजा खुला। रुद्रक्ष अंदर आया। हाथ में एक काला चमड़े का थैला था। अनन्या कोने में उसी तरह पड़ी थी। शरीर पर सूखा खून और पानी के धब्बे। आँखें खुली हुईं लेकिन निगाहें खोई-खोई।रुद्रक्ष ने......Read Full story

माँ-बेटी की बेची हुई रातें

एक अकेला मर्द जब घर में दो पीढ़ियों को अपनी भूख का शिकार बनाता है तो दीवारें भी काँप उठती हैं। दर्द की चीखें, टूटी मर्यादा और वो रातें जो किसी को नींद नहीं आने देतीं। जब मैं 26 साल का था, मेरी नौकरी छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट में लगी थी। कंपनी ने मुझे प्लांट के पास एक छोटे से कॉलोनी में दो कमरे का क्वार्टर दिया था। अकेला रहता था। घर की सफाई......Read Full story

अजनबी ने महिला और सहेली को रात भर चोदा

एक अजनबी ने विवाहित महिला और उसकी सहेली को रात भर रस्सियों से बाँधकर उनकी हर सीमा तोड़ दी। दर्द, आँसू और लिप्सा की वो कहानी जो पढ़ते हुए साँस अटक जाए। मेरा नाम राजेश है। उम्र 28 साल। मैं लुधियाना का रहने वाला हूँ। आज मैं अपनी जिंदगी की सबसे खतरनाक, सबसे गंदी और सबसे क्रूर घटना सुनाने जा रहा हूँ। ये कहानी उस वक्त की है जब मैं 28 का था और मेरी......Read Full story

रुद्रक्ष-अनन्या भाग 3

मालिक ने लौटी हुई संपत्ति को शीशे के सामने बाँधकर पुराने निशान मिटाए, ठंडे पानी से नहलाया और अगली बार औरतों के हवाले करने का नया फैसला सुना दिया। रुद्रक्ष-अनन्या भाग 2: तीसरे दिन सुबह रुद्रक्ष के कमरे में अनन्या फिर घुटनों के बल बैठी थी। शरीर पर पिछले वारों के निशान अभी भी काले-बैंगनी थे। निप्पल सूजे हुए। गुदा हल्की-हल्की जल रही थी। कॉलर की चेन फर्श से बंधी हुई थी।रुद्रक्ष कुर्सी पर बैठा......Read Full story

देवर अर्जुन को भाभी काव्या ने अपना कुत्ता बना लिया

देवर अर्जुन को भाभी काव्या ने कॉलर पहनाकर अपना कुत्ता बना लिया। चाबुक, मोम, डिल्डो और पिंजरे की क्रूर सजाओं में डूबी वह रातें, जहाँ दर्द ही सबसे बड़ा मजा बन जाता है। मेरा नाम अर्जुन राठौर है। मैं उदयपुर का रहने वाला हूँ। उम्र 26 साल। शरीर कसा हुआ, कद 5 फीट 11 इंच, और जो चीज़ महिलाओं को रातों की नींद उड़ा देती है वह है मेरा लंड—9 इंच लंबा और 4 इंच......Read Full story

शहर की अंधेरी खिड़की पर खड़ा शैतान

काव्या की अकेली रातें टूट गईं जब जहाजी विक्रम फिर से दरवाजे पर खड़ा हुआ। रस्सियाँ, गला दबाना, गर्म मोम और बेबस शरीर की चीखें… इस बार वह छोड़ने वाला नहीं था। हर साँस दर्द बन गई। नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम काव्या है। आज मैं आपको अपनी जिंदगी की वो रातें सुना रही हूँ जो अब भी मेरे शरीर में आग की तरह जलती हैं। वो घटनाएँ इतनी कड़वी, इतनी क्रूर और इतनी गहरी थीं......Read Full story

रुद्रक्ष-अनन्या भाग 2:

मालिक ने अपनी संपत्ति को कुत्तों के साथ बंद कर रात बिताई। सुबह जूते चाटने का नया हुक्म दिया और अगले तीन दिन किसी और के हवाले करने का फैसला सुनाया। रुद्रक्ष की अनन्या 1 सुबह की पहली रोशनी काली खिड़की से छनकर आई तो अनन्या अभी भी फर्श पर पड़ी हुई थी। शरीर हर जगह जल रहा था। नितंबों पर खून की सूखी धारियाँ चिपक गई थीं। चूत सूजी हुई और चिपचिपी। गर्दन का......Read Full story

चचेरी बहन और उसका प्रेमी

मनाली के सुनसान कॉटेज में बर्फ ने रास्ता काट दिया। रिया की चचेरी बहन और उसका प्रेमी रात भर उसके शरीर को अपनी मर्जी से मोड़ते, बाँधते और तोड़ते रहे। सुबह होते-होते वह खुद और माँगने लगी। रिया की उम्र बाईस साल थी। मेहना उसकी चचेरी बहन थी, उम्र चौबीस। और रोहन मेहना का बॉयफ्रेंड, उम्र अट्ठाईस। तीनों दिल्ली के एक पुराने कॉलोनी में रहते थे, जहाँ घर एक-दूसरे से सटे हुए थे। गर्मी की......Read Full story

रुद्रक्ष की अनन्या 1 : नंबर तीन की अंतिम साँस

एक पत्थर दिल मालिक अपनी संपत्ति को रातभर पीटता, रौंदता और अंदर तक भरता है। कल की पार्टी में नंगी बेइज्जती और कुत्तों वाले कमरे का इंतजार उसे पागल कर रहा है। रुद्रक्ष मल्होत्रा के ठंडे काले कमरे में हवा भी थम गई थी। दीवारें काली संगमरमर की थीं, फर्श पर मोटी काली कालीन बिछी हुई थी जिस पर खून के धब्बे आसानी से छिप जाते। कमरे के बीचोंबीच एक लोहे का ढांचा खड़ा था—चौड़ा,......Read Full story