कॉलेज के आखिरी दिन राहुल ने नेहा को टीचर के केबिन में बांधकर बेतहाशा पेला। फिर पहाड़ों पर प्रिया समेत दोनों को अपना बना लिया। विक्रम सिर्फ देखता रहा जब उसकी माल राहुल की हो गई collage porn stories ।
यह कहानी मुंबई के एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी की है। वहाँ का माहौल हमेशा से ही खुला और दबंग रहा। राहुल 22 साल का था, 6 फुट 2 इंच लंबा, कंधे चौड़े, शरीर लोहे जैसा कसा हुआ। उसका लंड 9 इंच का मोटा और नसों वाला था, जिसे देखकर लड़कियाँ घबरा जाती थीं। उसकी गर्लफ्रेंड प्रिया 21 साल की, गोरी, 5 फुट 5 इंच, गोल-मटोल चूचियाँ और टIGHT चूत वाली माल थी। राहुल ने उसे इतनी बार चोदा था कि उसकी चूत अब राहुल के लंड की आदी हो चुकी थी।
ग्रुप में चार कपल और तीन अकेले लड़के थे। राहुल सबका बाप था। सब जानते थे कि वह किसी भी लड़की को चाहे तो उसके बिस्तर पर गिरा सकता है। ग्रुप की एक लड़की थी नेहा। 20 साल की, सांवली, 5 फुट 10 इंच लंबी, लंबे बाल, पतली कमर और फूली हुई गांड वाली। उसका बॉयफ्रेंड विक्रम दूसरे शहर पुणे में रहता था। नेहा सिर्फ कॉलेज या पार्टियों में मिल पाती थी।
राहुल की नजर नेहा पर बहुत पहले से थी। एक रात जब वह प्रिया की चूत फाड़ रहा था तो बोला, “प्रिया, एक दिन नेहा की वो काली चूत भी लूंगा। साली इतनी हॉट है कि सोच-सोचकर लंड खड़ा हो जाता है।”
प्रिया हंसी और बोली, “वो तुझे नहीं देगी। उसका विक्रम उसे अच्छी तरह से पेलता है। नई लंड की जरूरत नहीं।”
राहुल ने मजाक में कहा, “तो कंपटीशन रख लो। मैं नेहा को चोदकर रंडी बना दूंगा तो विक्रम तुझे चोद सकता है। लेकिन अगर वो तुझे नहीं तोड़ पाया तो फिर मेरा राज चलेगा।”
प्रिया ने हंसते हुए कहा कि नेहा से बात करेगी। कुछ दिनों बाद प्रिया ने बताया कि नेहा गुस्से में बोली, “अपने राहुल से कह देना कि अगर वो मुझे हल्के में ले रहा है तो मैं उसकी गांड फाड़ दूंगी।”
राहुल ने सिर्फ हंसकर टाल दिया। बात वहीं दब गई।
फिर यूनिवर्सिटी का फेयरवेल आया। जूनियर्स ने एक गेम निकाला। रैंडम स्लिप्स से डांस पार्टनर तय हुए। राहुल और नेहा का नाम एक साथ निकला। रोमांटिक सॉन्ग पर जब सब डांस कर रहे थे तो राहुल ने नेहा की कमर पकड़ ली। पीछे से चिपक गया। उसका कड़ा लंड नेहा की साड़ी के ऊपर से ही उसकी गांड की दरार में धंसने लगा।
राहुल ने कान में फुसफुसाया, “सुना है तू मेरी गांड फाड़ देगी? बोल तो तेरी वाली की भी फड़वा दूं।”
नेहा की आँखों में गुस्सा था लेकिन शरीर कांप रहा था। राहुल ने उसे घुमाया, पेट से दबाया और गर्दन पर काट लिया। “एक मौका दे। चोदकर रंडी बना दूंगा। सारे डाउट खत्म हो जाएंगे।”
डांस खत्म होते ही प्रिया आ गई। बाद में पार्टी राहुल के अंधेरी गली वाले अपार्टमेंट में हुई। सब नशे में धुत होकर सो गए। एक रूम में नीचे गद्दे पर राहुल, प्रिया, नेहा और एक और लड़की लेटे थे। प्रिया बीच में थी।
प्रिया सोते ही मर सी जाती थी। राहुल ने एक पैर उसके ऊपर से फैलाया और नेहा की जांघ सहलाने लगा। कोई प्रतिक्रिया नहीं। फिर राहुल उठा, प्रिया के ऊपर से होकर नेहा के होंठों पर जोर से लिप किस्स किया। एक हाथ से उसकी कसी हुई चूची मसल दी और वापस लेट गया।
थोड़ी देर बाद नेहा जाग गई। उसने प्रिया को खींचकर अपनी तरफ कर लिया और खुद राहुल के बगल में मुंह घुमाकर लेट गई। अपनी गांड को राहुल के लंड पर दबाने लगी। राहुल ने पीछे से जकड़ लिया। टी-शर्ट में हाथ डालकर उसकी चूचियाँ मसलने लगा, गर्दन चाटने लगा। नेहा पागल होकर गांड दबाने लगी।
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राहुल ने शॉर्ट्स में हाथ डाला, गांड के गोल चूतड़ों को सहलाया फिर दो उंगलियों से चूत सहलाने लगा। एक उंगली अंदर घुसा दी। उसी वक्त उसके कान की लौ को दांतों से काट लिया। नेहा तड़प उठी लेकिन आवाज नहीं निकाली। राहुल ने उस रात लंड नहीं पेला। सिर्फ उंगलियों से उसकी चूत को गीला करके झाड़ दिया। नेहा कांपती हुई अपनी जगह चली गई। राहुल ने अपना लंड तपने दिया।
अगले दिन प्रिया रुक रही थी। राहुल को नेहा को उसके हॉस्टल छोड़ना था। कार में दोनों चुप थे। हॉस्टल पहुंचने पर नेहा बोली, “कॉफी पीते हैं।”
वे दीवार के पास बस स्टैंड तक चले गए जहां कॉलेज की बसें खड़ी थीं। नेहा ने राहुल का हाथ पकड़ा और बस के पीछे ले गई। बिना कुछ बोले उसने राहुल का लोअर नीचे खींच दिया। लंड हाथ में लेकर जोर-जोर से मूठ मारने लगी। घूरते हुए बोली, “बहनचोद, कल रात मुझे तेरी उंगली नहीं, ये लोहा चाहिए था।”
दस मिनट में उसने राहुल को झाड़ दिया। फिर बोली, “एक ही मौका देती हूं। ले सको तो ले लो। तुम चूक गए। हिसाब बराबर कर दिया। अब ये हथियार मेरी चूत नहीं ले पाएगा।”
राहुल कुछ नहीं बोला। नेहा हॉस्टल चली गई।
आखिरी दिन क्लास नहीं थी। सिर्फ बिछड़ने का गम। प्रिया विधवा विलाप में व्यस्त थी। राहुल सिगरेट पीने के लिए बैक साइड की केमिस्ट्री लैब में चला गया। लैब के पीछे बालकनी और साइड में टीचर का केबिन था। वहां नेहा टीचर से बात कर रही थी। वो टीचर राहुल की पुरानी रांड थी। टीचर ने राहुल को देखकर मुस्कुराया और बोली, “हीरो, याद रहेगा ना?”
राहुल ने सिर हिलाया। तभी टीचर को डायरेक्टर का कॉल आ गया। जाते हुए बोली, “लैब बंद करके चाभी मुझे दे देना।”
अब लैब में सिर्फ राहुल और नेहा थे। राहुल ने कुछ नहीं कहा। सिर्फ देखा। फिर अचानक नेहा के दोनों हाथ पीछे किए और अपनी बेल्ट से कसकर बांध दिए। उसके होंठ चूसने लगा। एक झटके में घुमाकर गर्दन दबाते हुए टीचर की टेबल पर आधा लिटा दिया। नेहा की गोल चूचियाँ टेबल में दब गईं। गांड राहुल के लंड के सामने थी।
राहुल ने कान पर मुंह लाकर बोला, “नेहा, सॉरी लेकिन आज तेरी चूत लूंगा। तू बहुत बड़ी रांड है। मेरे टक्कर की माल लगती है।”
उसने जीन्स का बटन खोला, चेन नीचे की। पैंटी समेत जीन्स घुटनों तक उतार दी। झुककर मुंह उसकी चूत और गांड पर लगा दिया। गहरी सांस ली। अह्ह्ह… पागल हो गया। लंड पैंट फाड़ने को तैयार हो गया था।
राहुल खड़ा हुआ। अपना लंड निकाला और एक झटके में नेहा की गीली चूत में पूरा उतार दिया।
“अप्प…” नेहा की आवाज निकली लेकिन उसने झेल लिया।
राहुल ने कोई नरमपन नहीं दिखाया। 25 मिनट तक घोड़े की तरह रौंदा। टेबल हिल रही थी। नेहा “मर गई… मर गई…” चिल्लाती रही। राहुल ने उसे तीन बार झाड़ा। तीसरी बार जब नेहा की टांगें कांप रही थीं तो उसने कहा, “राहुल प्लीज… इस बार तू भी झड़ जा। मेरी गांड फट चुकी है।”
राहुल बोला, “ठीक है। लेकिन पूरा माल तेरी चूत में निकालूंगा। तू पैंटी पहनकर पूरा दिन घूमेगी। मेरा वीर्य चूत में सूखेगा।”
नेहा कांपती हुई बोली, “ठीक है… मैं तुम्हारी रंडी हूं। जब बोलोगे चुदूंगी।”
राहुल ने गति धीमी की। फिर जोर से धक्के मारते हुए सारा गाढ़ा माल उसकी चूत में उड़ेल दिया। नेहा की चूत से सफेद तरल रिस रहा था। उसने पैंटी पहन ली और उसी हालत में पूरे दिन घूमी।
शाम को प्रिया का फोन आया। “राहुल, नेहा मान गई है। वो बोली कि तू उसे चोदकर रंडी बना ले। बदले में मुझे विक्रम को अपनी चूत देनी होगी।”
राहुल हंसा। “बोल देना कि राहुल तैयार है।”
तीन दिन बाद चारों पहाड़ों पर निकले। लोनवाला के पास एक रिसॉर्ट में एक ही बड़ा रूम लिया। जैसे ही कमरे में घुसे, विक्रम ने प्रिया को पकड़कर बेड पर गिरा दिया। ऊपर चढ़ गया।
“प्रिया, तीन दिन तक तेरी चूत पर अपना नाम लिख दूंगा।”
प्रिया बोली, “पहले चोद तो सही। देखूं तेरे लंड में कितना दम है।”
विक्रम उठा और नेहा को उठाकर बेड पर पटक दिया। गाली देते हुए पेलने लगा। “मादरचोद, तेरी इस रांड दोस्त को आज कुतिया बना दूंगा।”
नेहा चुदती हुई बोली, “बस राग अलाप। तू उसकी चूत नहीं तोड़ पाया। राहुल ने मेरी फाड़ दी थी।”
विक्रम का नशा उतर गया। नेहा ने आगे कहा, “मैं राहुल की रंडी हो चुकी हूं। जब तक राहुल न चाहे, तुझे दुबारा मेरी दोस्त की चूत नहीं मिलेगी। आज मौका है तो पेल।”
विक्रम ने राहुल और प्रिया के सामने नेहा को बुरी तरह रौंदा। राहुल चुपचाप देखता रहा। प्रिया को अपना लंड चुसाता रहा। जब लंड कड़क हो गया तो राहुल ने प्रिया को बिस्तर पर लिटाया।
“अब सवारी कर।”
राहुल ने उस दिन प्रिया को दो घंटे तक भीषण तरीके से चोदा। कई पोजीशन बदलीं। चूत चाटी, फिर पेलता रहा। प्रिया तीन बार झड़ गई। उसकी चीखें पूरे रूम में गूंज रही थीं।
नेहा ने विक्रम से कहा, “राहुल मुझे पहले ही रंडी बना चुका है। कॉलेज के आखिरी दिन लैब में। मैं कांप गई थी। तू उसके आगे कुछ नहीं। सॉरी बोल और तीन दिन हम दोनों को साथ चोदो।”
विक्रम ने सिर झुकाया। राहुल मुस्कुराया।
उस रात से कमरा नरक बन गया। राहुल ने नेहा को दीवार से बांध दिया। उसके हाथ ऊपर, पैर फैलाए। काले चमड़े की बेल्ट से गांड पर चटाई। हर थप्पड़ पर नेहा चीखती लेकिन चूत और गीली होती जाती। राहुल ने उसकी गांड में उंगली घुसाई, फिर लंड। नेहा की आंखों से आंसू बह रहे थे लेकिन मुंह से निकल रहा था, “और जोर से… फाड़ दे…”
प्रिया को विक्रम ने फर्श पर घुटनों के बल बिठाया। बाल पकड़कर मुंह में लंड ठूंस दिया। जब प्रिया का गला भर गया तो विक्रम ने उसे पेट के बल लिटाया और पीछे से पेलने लगा। राहुल बीच-बीच में प्रिया की चूत चाटता और नेहा की गांड मारता।
दूसरे दिन राहुल ने दोनों लड़कियों को एक साथ बेड पर लिटाया। उनके हाथ-पैर बांध दिए। पहले नेहा की चूत में लंड डाला, फिर बिना निकाले प्रिया की चूत में घुसा दिया। दोनों की चीखें मिल गईं। विक्रम ने नेहा का मुंह दबा रखा था। राहुल बारी-बारी से दोनों को पेलता रहा। जब दोनों का शरीर कांपने लगा तो उसने अपना माल नेहा की खुली चूत में छोड़ा और प्रिया से चाटवाया।
तीसरे दिन और ज्यादा क्रूर हो गया। राहुल ने नेहा को कुर्सी पर बिठाया। पैर फैलाए, हाथ पीछे बांधे। उसकी चूत में वाइब्रेटर घुसा दिया और खुद प्रिया को घोड़ी बनाकर चोदने लगा। हर धक्के के साथ नेहा का शरीर हिलता। जब वाइब्रेटर की स्पीड बढ़ाई तो नेहा पेशाब छोड़ बैठी। राहुल हंसा और बोला, “रंडी, अब तेरी इज्जत भी नहीं बची।”
विक्रम ने प्रिया की गांड में उंगली घुसाई और राहुल के सामने ही उसकी गांड फाड़ी। प्रिया चीख रही थी लेकिन राहुल ने उसका मुंह अपने लंड से बंद कर दिया।
रात को चारों एक साथ थे। राहुल ने नेहा को अपनी गोद में बिठाया और नीचे से पेलते हुए विक्रम से कहा, “अब तू प्रिया की चूत ले। लेकिन याद रख, ये दोनों अब मेरी रंडियां हैं। तेरा हक सिर्फ तभी तक है जब तक मैं कहूं।”
नेहा राहुल के लंड पर उछल रही थी। मुंह से निकल रहा था, “राहुल… और गहरा… मेरी चूत तेरी हो गई…”
प्रिया विक्रम के नीचे कराह रही थी लेकिन आंखें राहुल पर टिकी थीं।
सुबह जब सब थककर सोने वाले थे तो राहुल ने नेहा के कान में कहा, “अब तू कभी विक्रम के पास अकेली नहीं जाएगी। जब भी चुदेगी, मुझे बताएगी। नहीं तो अगली बार तेरी गांड में कुछ और घुसेगा।”
नेहा ने सिर हिलाया। उसकी आंखों में डर और वासना दोनों थे।
तीन दिन बाद जब वे मुंबई लौटे तो नेहा राहुल की नंबर वन रंडी बन चुकी थी। प्रिया भी जानती थी कि उसका बॉयफ्रेंड अब सिर्फ उसका नहीं रहा। लेकिन वह भी राहुल के लंड की गुलाम थी। विक्रम चुपचाप स्वीकार कर चुका था।
राहुल अब जब चाहे नेहा को कहीं भी बुला लेता। कभी उसके हॉस्टल के पास पार्क में कार में, कभी अपने अपार्टमेंट में प्रिया के सामने। हर बार पहले बांधता, फिर पीटता, फिर चोदता। नेहा हर बार और ज्यादा भीख मांगती।
एक शाम राहुल ने दोनों को एक साथ अपने बेड पर बिठाया। नेहा और प्रिया एक-दूसरे की चूत चाट रही थीं। राहुल पीछे खड़ा उनका वीडियो बना रहा था। फिर दोनों की गांड पर बारी-बारी से थप्पड़ मारते हुए बोला, “अब से तुम दोनों सिर्फ मेरी हो। कोई और लंड सिर्फ मेरी इजाजत से।”
दोनों ने एक साथ सिर हिलाया।
कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। राहुल का राज अब और फैलने वाला था। लेकिन वो कहानी अगली बार।
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रंडी प्रोफेसर की जंजीर वाली रात – xkhani