रक्त और वीर्य की रंडी माँ-बेटी

मुंबई की हॉट आंटी प्रिया और जवान बेटी नेहा को 21 साल का आर्यन बंधन, चाबुक, मोम और बर्बर झटकों से तोड़कर अपनी पागल चुदाई का गुलाम बना लेता है। माँ-बेटी की चूत-गांड की बेरहम, बेइंतहा और क्रूर BDSM दास्तान।

दोस्तों, नमस्कार। मेरा नाम आर्यन है और मैं मुंबई का रहने वाला हूं। मैं 21 साल का हूं, कॉलेज खत्म करके अभी जॉब की तैयारी कर रहा था। दिन भर घर पर ही रहता था क्योंकि पापा विदेश में थे और मम्मी ऑफिस जाती थीं। मैं हिंदी सेक्स कहानियां पढ़ता था, खासकर आंटी वाली। मेरी पड़ोस में प्रिया शर्मा नाम की सेक्सी आंटी रहती थीं।

उनकी उम्र 38 साल थी, लेकिन शरीर देखकर कोई भी कह देता कि ये 28 की हैं।
उनका फिगर 38-30-40 का था। भरे हुए दूध, पतली कमर और भारी-भरकम गांड। चेहरे पर हमेशा एक कामुक मुस्कान। वे साड़ी में ऐसी लगतीं कि लंड अपने आप खड़ा हो जाए। मैं रोज उनकी बालकनी में कपड़े सुखाते वक्त उन्हें घूरता। उनकी बेटी नेहा 20 साल की थी, वो भी मां की तरह ही हॉट थी, लेकिन पहले आंटी की बात।


मैं रोज उनके घर जाता, छोटी-मोटी बहाने से। आंटी अकेली रहती थीं क्योंकि अंकल बिजनेस के सिलसिले में बाहर रहते थे। मैं जानता था कि आंटी भी अंदर से पूरी रंडी हैं। एक बार उनके मोबाइल में सेक्स वीडियो देख लिया था। उस दिन से मेरे मन में ख्याल आ गया था कि इस माल को रौंदना है, बुरी तरह चोदना है, उसकी चूत और गांड दोनों को फाड़ डालना है।


एक दिन मौका मिल गया। दोपहर के करीब 1 बजे मैं उनके घर गया। दरवाजा खुला था। मैं अंदर घुसा तो बाथरूम से पानी की आवाज आ रही थी। मैं चुपके से बाथरूम के दरवाजे के पास गया। दरवाजे में एक छोटी सी झिरी थी। अंदर देखा तो मेरा लंड तुरंत लोहे जैसा हो गया।
प्रिया आंटी पूरी नंगी नहा रही थीं। उनके बड़े-बड़े दूध पानी के नीचे लहरा रहे थे।

गुलाबी निप्पल सख्त हो चुके थे। उन्होंने एक हाथ से अपना दूध मसल रही थीं, दूसरे हाथ से अपनी चूत में उंगली डालकर चला रही थीं। “आह्ह्ह… अंकल का लंड तो छोटा पड़ गया… मुझे तो मोटा और लंबा चाहिए…” वे खुद से बड़बड़ा रही थीं।


मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और मुठ मारने लगा। लेकिन मुझसे रहा नहीं गया। मैं दरवाजा धक्का देकर अंदर घुस गया। आंटी चौंक गईं। “आर्यन! ये क्या? बाहर निकल जा बदमाश!” लेकिन उनकी आवाज में डर कम और उत्तेजना ज्यादा थी।
मैंने उन्हें दीवार से धक्का दिया। “चुप रह आंटी। आज मैं तुझे अपनी रंडी बना के छोडूंगा।” मैंने उनका गला पकड़ लिया और जोर से चूमने लगा। वे छुड़ाने की कोशिश कर रही थीं लेकिन मैंने उनके दोनों हाथ पीछे मोड़ दिए। मेरे 8 इंच के मोटे लंड ने उनकी जांघों को छुआ तो वे कांप गईं।


“तू पागल हो गया है? मैं तेरी आंटी हूं!” उन्होंने कहा। “आंटी नहीं, आज से मेरी गुलाम रंडी।” मैंने उन्हें बाल पकड़कर घुटनों पर बैठा दिया और अपना लंड उनके मुंह में ठूंस दिया। वे गला घोंटने लगीं लेकिन मैंने सिर पकड़कर जोर-जोर से मुंह चोदा। लार उनके मुंह से बह रही थी। “चूस रंडी, अच्छे से चूस!”
करीब 10 मिनट तक मैंने उनका मुंह फाड़ा। फिर उन्हें बाल पकड़कर उठाया और बेडरूम में घसीट ले गया। वहां मैंने उन्हें बेड पर पटक दिया। उनकी साड़ी पहले ही खुल चुकी थी। मैंने उनकी साड़ी, ब्लाउज सब फाड़ डाले। अब वे पूरी नंगी थीं।


मैंने उनके बड़े दूधों को जोर से मसला। निप्पल काटने लगा। वे चीख रही थीं – “आह्ह्ह… दर्द हो रहा है आर्यन… धीरे!” लेकिन मैं और जोर से काट रहा था। फिर मैंने उनकी चूत पर थप्पड़ मारा। “चूत गीली हो रही है रंडी। तुझे भी मजे आ रहे हैं।”
मैंने उनके हाथ बेड के सिरहाने बांध दिए। फिर अपनी बेल्ट निकाली और उनकी जांघों पर जोर-जोर से चाबुक मारी। “आआआह्ह्ह… मार मत… मैं करूंगी जो कहेगा!” वे रो रही थीं लेकिन उनकी चूत से पानी बह रहा था।


मैंने उनकी चूत में दो उंगलियां डालकर तेजी से अंदर बाहर की। वे उछल रही थीं। फिर मैंने जीभ से उनकी क्लिटोरिस चाटनी शुरू की। वे पागल हो गईं – “आर्यन… चूस ले मेरी चूत… मैं तेरी रंडी हूं… आह्ह्ह!”
करीब 15 मिनट चूत चाटने के बाद मैंने अपना मोटा लंड उनकी चूत के मुंह पर रखा। “अब असली चुदाई शुरू होती है।” मैंने एक जोरदार झटका मारा। पूरा 8 इंच का लंड उनकी चूत में घुस गया। उनकी चूत काफी टाइट थी। वे जोर से चिल्लाईं – “मर गई… फट गई मेरी चूत… निकाल इसे!”


लेकिन मैंने रुकने की बजाय और तेज झटके मारे। हर धक्के पर उनके दूध उछल रहे थे। मैंने उनका गला दबाया और चोदता रहा। “ले रंडी, ले मेरी रानी। आज तेरी चूत को फाड़ दूंगा।” वे दर्द और मजे के मिले-जुले आह्हा… उफ्फ… में चिल्ला रही थीं।
मैंने उन्हें चारों खाने चित करके गांड ऊपर की और फिर से चोदा। इस बार मैंने उनकी गांड पर भी थप्पड़ मारे। उनकी सफेद गांड लाल हो गई थी। “गांड भी मरवा लेगी आज?” मैंने पूछा। वे हां में सिर हिला रही थीं।


मैंने थूक लगाकर उनकी गांड में लंड घुसाने की कोशिश की। पहले तो मुश्किल हुआ लेकिन एक जोरदार धक्के के साथ आधा लंड घुस गया। वे दर्द से चीख पड़ीं। मैंने बाल पकड़े और पूरी गांड चोदनी शुरू कर दी। “आज तेरी दोनों छेद फाड़ दूंगा।”


करीब 40 मिनट तक मैंने उन्हें बारी-बारी से चूत और गांड में चोदा। वे कई बार झड़ चुकी थीं। आखिरकार मैंने उनकी चूत में अपना गाढ़ा वीर्य छोड़ दिया। वे थककर बेड पर पड़ी थीं।
लेकिन मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। मैंने उन्हें उठाकर दीवार से सटाया और खड़े-खड़े फिर चोदा। उनके पैरों को अपनी कमर पर लपेट लिया। इस बार और भी बेरहमी से। मैंने उनके निप्पल पर चिमटे लगाए (जो मैं पहले से अपने जेब में रखकर लाया था)। वे रो रही थीं लेकिन चुदाई का मजा भी ले रही थीं।


“आर्यन… तू तो जानवर है… मुझे इतना बेरहमी से चोद रहा है… लेकिन रुक मत… और चोद!”
हम दोनों पसीने से तर थे। कमरे में चुदाई की आवाजें गूंज रही थीं – फच… फच… थप… थप… आह्ह्ह…
दूसरे राउंड में मैंने उन्हें 69 पोजीशन में किया। उनकी चूत चाटते हुए मैंने उनकी गांड में उंगली डाली। वे मेरे लंड को पूरा गले तक ले रही थीं।
तीसरे राउंड में मैंने उन्हें कुत्ते की तरह चोदा। उनकी कमर पकड़कर इतने तेज झटके मारे कि बेड हिल रहा था। मैंने उनकी गर्दन पर काट लिया। निशान बन गए।


करीब दो घंटे बाद हम थककर लेट गए। आंटी मेरे सीने पर सिर रखे पड़ी थीं। “तुम्हारे साथ इतना मजा कभी नहीं आया। अंकल तो 2 मिनट में झड़ जाते हैं। तू तो मेरा मालिक बन गया।”
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “अब रोज आएगा। और नेहा को भी शामिल करेंगे।”
आंटी शरमा गईं लेकिन बोलीं, “वो भी तैयार हो जाएगी।”


उसके बाद हमने शावर के नीचे फिर से सेक्स किया। मैंने उन्हें शावर की दीवार से सटाकर खड़े-खड़े चोदा। पानी उनके शरीर पर बह रहा था, मैं उनके दूध चूस रहा था और लंड अंदर बाहर कर रहा था।
शाम को नेहा घर आई तो हम कपड़े पहन चुके थे। लेकिन आंटी की चाल से साफ था कि उनकी चूत अभी भी दर्द कर रही है। नेहा ने मुझे देखकर मुस्कुराया। शायद उसे कुछ शक हो गया था।


उस रात मैं फिर आंटी के पास गया। इस बार नेहा भी घर पर थी। आंटी ने नेहा को बुलाया और कहा, “देख बेटी, आर्यन कितना तगड़ा है।” नेहा शरमा गई लेकिन उसकी आंखों में हवस थी।
मैंने नेहा को पकड़ा और उसे भी बेड पर पटक दिया। आंटी देख रही थीं। मैंने नेहा की स्कर्ट ऊपर की और उसकी चूत चाटनी शुरू कर दी। नेहा 20 साल की जवान लड़की थी, उसकी चूत बिल्कुल टाइट और गुलाबी थी।


आंटी ने खुद अपनी बेटी के दूध मसलने शुरू कर दिए। मां-बेटी दोनों मेरे लंड की भूखी थीं। मैंने पहले आंटी को फिर चोदा, फिर नेहा को। दोनों को बारी-बारी से।
मैंने नेहा को भी बांधा और उसकी छोटी गांड पर चाबुक मारी। वो रो रही थी लेकिन चूत गीली हो रही थी। फिर मैंने दोनों को एक साथ चोदा। आंटी नीचे, नेहा ऊपर। मैं दोनों की चूत में बारी-बारी लंड मार रहा था।


रात भर चुदाई चलती रही। मैंने दोनों की चूत और गांड में वीर्य भरा। वे दोनों मेरी गुलाम बन चुकी थीं।
अगले दिन से रोज का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह 9 बजे मैं उनके घर पहुंच जाता। दोनों नंगी तैयार रहतीं। कभी मैं उन्हें बांधकर चोदता, कभी वे मेरी सेवा करतीं। कभी मैं उन्हें पब्लिक प्लेस पर रिस्क लेकर चोदता।
एक दिन मैंने दोनों को बालकनी में नंगी खड़ा करके चोदा। नीचे लोग घूम रहे थे। वे डर रही थीं लेकिन मजा भी आ रहा था।

join my telegram channel for leaked videos


मैंने उनके लिए सेक्स टॉयज खरीदे – डील्डो, वाइब्रेटर, हैंडकफ, चाबुक। रोज नई-नई क्रूरता से उन्हें चोदता। उनकी चूत फूल जाती, गांड लाल हो जाती, लेकिन वे और मांगतीं।
“आर्यन… हमें और मारो… हम तुम्हारी रंडियां हैं… हमेशा चोदते रहो…”
यह हमारी जिंदगी बन गई।

पड़ोस की सेक्सी आंटी प्रिया और उनकी बेटी नेहा अब मेरी पूरी तरह प्रॉपर्टी थीं। हर रोज़ सुबह 9 बजे मैं उनके फ्लैट में घुसता और दरवाज़ा लॉक कर देता। दोनों औरतें पहले से ही नंगी घुटनों पर बैठी मेरी राह देख रही होतीं। उनके गले में मैंने डog कॉलर बांध रखे थे, जिन पर लिखा था – “आर्यन की रंडी”।


उस दिन मैंने नया प्लान बनाया था। मैंने बैग में से रस्सियां, चाबुक, क्लैम्प्स, बड़ा वाइब्रेटर और आइस क्यूब्स निकाले। प्रिया आंटी 38 साल की थीं लेकिन उनकी चूत अभी भी टाइट थी, जबकि नेहा 20 साल की जवान रंडी थी, उसकी चूत बिल्कुल बाल रहित और गुलाबी।


“आज दोनों को सजा मिलेगी। कल रात तुम दोनों ने मेरे बिना ही उंगलियां डाली थीं न?” मैंने कड़क आवाज़ में कहा।
प्रिया आंटी कांप गईं – “मालिक… माफ कर दो… चुदास बहुत बढ़ गई थी।”
नेहा भी सिर झुकाए बोली – “हां मालिक… हम गलती कर गईं।”


मैंने पहले प्रिया को बेड के चारों खंभों से फैलाकर बांध दिया। उनकी टांगें चौड़ी खोलकर रस्सियों से कस दीं। उनकी भारी गांड ऊपर उठी हुई थी। मैंने आइस क्यूब उनकी चूत पर रगड़ा। ठंड से वे सिहर उठीं – “आआआह्ह्ह… बहुत ठंडा है मालिक!”


फिर मैंने चाबुक उठाई और उनकी सफेद गांड पर 20 जोरदार कोड़े मारे। हर कोड़े पर उनकी गांड लाल हो रही थी और वे चीख रही थीं। लेकिन चूत से रस टपक रहा था। “रंडी, दर्द में भी पानी छोड़ रही है?” मैंने पूछा और उनकी चूत में तीन उंगलियां ठेल दीं।
नेहा को मैंने घुटनों पर बैठाकर मेरा लंड मुंह में दे दिया। वह गला फाड़कर चूस रही थी। मैंने उसके सिर को पकड़कर गहरी थ्रोट दी। उसके मुंह से लार और थूक बह रहा था।


फिर मैंने प्रिया की चूत में 10 इंच का मोटा वाइब्रेटर घुसा दिया और उसे फुल स्पीड पर ऑन कर दिया। वे पागल होकर उछल रही थीं – “मर जाऊंगी… फट जाएगी चूत… आह्ह्ह… मालिक!”
मैं नेहा को उठाकर प्रिया के मुंह पर बिठा दिया। “अपनी मां की चूत चाट रंडी।” नेहा अपनी जीभ मां की चूत में डालने लगी। मैं नेहा की गांड में अपना लंड ठेलने लगा। एक ही झटके में पूरा 8.5 इंच का मोटा लंड उसकी छोटी गांड में चला गया। नेहा दर्द से चीखी लेकिन मैंने उसके बाल खींचे और बेरहमी से गांड चोदनी शुरू कर दी।


कमरा चीखों, थपाकों और चुदाई की आवाज़ों से गूंज रहा था। मैं नेहा की गांड फाड़ता रहा और प्रिया को चाबुक मारता रहा। नेहा दो बार झड़ चुकी थी।
मैंने पोजीशन बदली। अब दोनों मां-बेटी को एक दूसरे के ऊपर लिटाया। प्रिया नीचे, नेहा ऊपर। मैंने प्रिया की चूत में लंड मारा और नेहा की गांड में उंगली। फिर स्विच किया। दोनों को बारी-बारी पेलता रहा। उनके दूधों को चिमटों से कसकर जकड़ रखा था। निप्पल लाल और सूजे हुए थे।


“मालिक… हमारी चूत फाड़ दो… हम जन्मजात रंडियां हैं… और ज़ोर से!” प्रिया चिल्ला रही थीं।
मैंने तीन घंटे तक दोनों को क्रूरता से चोदा। आखिर में दोनों के मुंह खोलकर अपना वीर्य उनके चेहरे, दूधों और चूत पर उछाल दिया। वे दोनों लथपथ पड़ी थीं।


इसके बाद मैंने उन्हें ट्रेनिंग दी। रोज़ नई सजा। एक दिन मैंने प्रिया को बालकनी में नंगी खड़ा करके नेहा से उनकी चूत चटवाई। नीचे लोग निकल रहे थे। प्रिया डर के मारे कांप रही थीं लेकिन चुदास से पागल हो रही थीं। मैं पीछे से उनकी गांड चोद रहा था।


“अगर कोई देख ले तो?” नेहा ने डरते हुए कहा। “तो देख ले, मेरी रंडियों को सब देखें।” मैंने और तेज़ धक्के मारे।
एक हफ्ते बाद मैंने और क्रूरता बढ़ा दी। मैंने दोनों को नंगी करके फ्लोर पर बिठाया। उनके मुंह में बॉल गैग लगाया। फिर मैंने उनके दूधों पर मोमबत्ती की गर्म मोम टपकाई। वे तड़प रही थीं। मोम ठंडा होने पर मैंने उसे खुरचकर फिर चोदा।


प्रिया की उम्र 38 होने के बावजूद उनका शरीर इतना लचीला था कि मैं उन्हें किसी भी पोजीशन में मोड़ सकता था। मैंने नेहा को प्रिया की गोद में लिटाकर दोनों की चूत एक साथ चोदी। लंड पहले प्रिया की चूत में, फिर नेहा की। दोनों की चूतों का रस मिलकर लंड चिकना कर रहा था।
“आर्यन मालिक… हमें गर्भवती कर दो… हम तुम्हारे बच्चे चाहती हैं।” प्रिया ने दर्द भरी आवाज़ में कहा।


मैं हंसा और बोला – “पहले तुम दोनों की गांड फाड़ूंगा।”
उस रात मैंने दोनों की गांड में एक-एक डील्डो डाला और फिर अपना लंड। डबल पेनेट्रेशन। नेहा तो बेहोश हो गई लेकिन प्रिया चीख-चीखकर झड़ रही थीं। “फाड़ दो… पूरी तरह फाड़ दो मेरी गांड!”


अगले कुछ हफ्तों में मैंने उन्हें पब्लिक में रिस्की सेक्स करवाया। एक बार कार में हाईवे पर मैंने प्रिया को ड्राइविंग सीट पर बैठाकर उनकी चूत में लंड डाला। नेहा पीछे बैठी उनकी गांड चाट रही थी। ट्रक वाले देख रहे थे लेकिन मैं रुका नहीं।


घर पर मैंने उन्हें पेट प्ले सिखाया। दोनों को कुत्ते की तरह घुमाया। वे मेरे पैर चाटतीं, लंड चूसतीं और मैं उन्हें खाना भी कुत्ते की तरह खिलाता।
एक खास दिन मैंने तीन दोस्तों को बुलाया। दोनों रंडियों को तैयार किया – हाई हील्स, कॉलर, नंगी। मेरे दोस्तों ने उन्हें बुरी तरह चोदा। प्रिया और नेहा चार लंडों से घिरी हुई थीं। मुंह, चूत, गांड सब भर दिए गए। मैं देख रहा था और वीडियो बना रहा था।
“देखो मेरी रंडियों को… कितनी भूखी हैं।”


प्रिया चीख रही थीं – “और चोदो… सबके लंड ले लूंगी… मैं तो 38 साल की हूँ लेकिन आज 18 की रंडी बन गई हूं!”
नेहा भी रोते हुए मजे ले रही थी – “मम्मी… साथ में चुद रही हूं… कितना मजा है!”
रात भर गैंगबैंग चला। दोनों औरतें वीर्य से लथपथ हो गईं। उनके शरीर पर काटने के निशान, थप्पड़ों के लाल चिह्न और चुदाई के बाद की सूजन साफ दिख रही थी।


इसके बाद मैंने उन्हें और सख्ती से ट्रेन कर दिया। रोज़ सुबह 2 घंटे योगा जैसी एक्सरसाइज – लेकिन नंगी, जिसमें लंड या डील्डो अंदर डाले रहते। उनकी चूत और गांड अब इतनी ढीली और इस्तेमाल की हुई हो चुकी थी कि मैं आसानी से मुट्ठी भर सकता था।


एक दिन मैंने प्रिया को उनके पति के सामने वीडियो कॉल पर चुदवाया। अंकल देख रहे थे और मैं प्रिया को उनके बेड पर बेरहमी से चोद रहा था। “देखो अंकल, आपकी बीवी अब मेरी है।” प्रिया शर्म से मर रही थीं लेकिन चूत मेरे लंड पर और तेज उछल रही थी।
नेहा को मैंने कॉलेज के कुछ लड़कों के साथ शेयर किया लेकिन हमेशा मेरी निगरानी में।


हमारी जिंदगी अब एक गंदी लेकिन बेहद रोमांचक चुदाई मशीन बन गई थी। प्रिया और नेहा दोनों मेरे बिना एक दिन भी नहीं रह सकती थीं। वे खुद मांगतीं – “मालिक आज हमें बांधकर मारो… चाबुक मारो… हमारी चूत फाड़ दो।”
रात को सोते वक्त भी मैं उनका एक हाथ बांधकर रखता और बीच-बीच में उठकर चोदता। कभी प्रिया को, कभी नेहा को, कभी दोनों को साथ में।


मुंबई की इन दो हॉट रंडियों को मैंने पूरी तरह तोड़ दिया था और फिर से अपनी मर्जी से गढ़ा था। अब वे सच्ची BDSM स्लेव बन चुकी थीं – क्रूर, बेरहम और अनंत चुदाई की भूखी।
हर नया दिन नई क्रूरता, नया दर्द और नया मजा लाता। और यह सिलसिला कभी खत्म होने वाला नहीं था।

राक्षसी मौसी की खून-चूस चुदाई

भाभी की क्रूर गुलामी

प्रेग्नेंट रंडी की गांड फाड़ चुदाई

रस्सियों में बंधी चीखती चूत

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *