कानपुर होटल में प्रेग्नेंट प्रिया को रस्सियों से बांधकर, थप्पड़ मारते हुए, गला दबाकर बर्बर चोदा। चूत और गांड दोनों फाड़ डाले, डिल्डो से डबल पेनेट्रेशन किया। क्रूर BDSM चुदाई की जानी-पहचानी हदें पार कर गई।
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं कानपुर, उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ। उम्र 28 साल। यह मेरी असली जिंदगी की वो कहानी है जो आज भी मेरे खून को उबाल देती है। मैं आपको बताने वाला हूँ कि कैसे मैंने अपनी फेसबुक वाली प्रेमिका प्रिया को होटल के कमरे में बांधकर, चीख-चीखकर चोदा, उसकी चूत और गांड दोनों को फाड़ डाला और उसे जन्नत-जहन्नुम दोनों की सैर कराई।
मेरी हाइट 5.10 फीट है और मेरा लंड 8 इंच लंबा, मोटा और लोहे जैसा सख्त होता है। जब खड़ा होता है तो किसी भी औरत की चूत को चीरने के लिए तैयार रहता है।
सब शुरू हुआ फेसबुक से। एक शाम मेरे अकाउंट पर प्रिया की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। मैंने तुरंत स्वीकार कर लिया। उसकी डीपी देखते ही मेरा लंड हिल गया। सांवली, चिकनी त्वचा, बड़ी-बड़ी आंखें, गोल चेहरे पर वो नशीली मुस्कान। उसकी प्रोफाइल से पता चला कि वह राजस्थान की है लेकिन मुंबई में जॉब करती है। उम्र 22 साल, पहली बार किसी लड़के से इतनी खुलकर बात कर रही थी।
मैंने उसे मैसेज किया, “हाय प्रिया, क्या हाल है?”
उसने अगले दिन रिप्लाई किया। शुरू में साधारण बातें – काम, मौसम, फिल्में। लेकिन मैं धीरे-धीरे सेक्सी टच देने लगा। एक रात उसने पूछा, “क्या कर रहे हो?”
मैंने लिखा, “तुम्हारी तस्वीरें देखकर लंड हिला रहा हूँ।”
वह शर्मा गई लेकिन ब्लॉक नहीं किया। उल्टा पूछा, “इतना बुरा हूँ क्या?”
उसके बाद हमारी चैट पूरी तरह सेक्स वाली हो गई। मैं उसे बताता कि कैसे उसकी चूत चाटूंगा, उसके बूब्स दबाऊंगा, लंड घुसाकर चोदूंगा। वह शुरू में हिचकिचाती लेकिन धीरे-धीरे बोलने लगी, “मुझे भी बहुत मन करता है… लेकिन डर लगता है।”
उसने बताया कि वह अभी तक कुंवारी है। किसी ने उसे छुआ तक नहीं। उसका फिगर 34-26-36 का था। 5.4 फीट हाइट, गोल-गोल बूब्स और भारी गांड। मैं तड़पने लगा।
मैंने एग्जाम का बहाना बनाया। बोला मेरा इंटरव्यू पुणे में है। “तुम भी आ जाओ, हम मिलकर घूमेंगे।” वह घर वालों से छुपाकर आने को तैयार हो गई। मैंने उसकी ट्रेन टिकट बुक कर दी।
जिस दिन वह आने वाली थी, मेरा खून उबल रहा था। मैं स्टेशन पहुंच गया। ट्रेन आई। प्रिया उतरी तो मेरी सांस रुक गई। टाइट जीन्स, टॉप में उसके बूब्स उभरे हुए थे। गांड इतनी मोटी कि हर कदम पर हिल रही थी।
“हाय राहुल…” उसने शरमाते हुए कहा।
मैंने उसे गले लगाया और कान में फुसफुसाया, “आज रात तुम्हारी चूत मेरी होने वाली है।”
वह कांप गई। हम सीधे होटल पहुंचे। मैंने पहले से ही एक अच्छा AC रूम बुक कर रखा था। दरवाजा बंद करते ही मैंने उसे दीवार से सटा दिया।
“राहुल… धीरे…” वह बोली।
लेकिन मैंने कोई सुनने का मूड नहीं था। उसके होंठ चूसने लगा। जोर-जोर से किस किया। उसकी जीभ चूसते हुए उसके बूब्स पर हाथ फेरा। फिर एक झटके से उसका टॉप उतार दिया। लाल ब्रा में कैद उसके 34 साइज के बूब्स उछल पड़े। मैंने ब्रा खींचकर फाड़ दी। उसके गुलाबी निप्पल्स को जोर से चूसने और काटने लगा।
प्रिया कराह रही थी, “आह… दर्द हो रहा है…”
मैंने उसे बेड पर पटक दिया। उसकी जींस खींचकर उतारी। काली पैंटी भीग चुकी थी। मैंने पैंटी भी फाड़ दी। उसकी चूत बिल्कुल साफ, गुलाबी और टाइट। मैंने अपनी उंगलियां घुसाईं। वह तड़प उठी।
“नहीं… पहली बार है… धीरे करो!”
मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया। जीभ अंदर डालकर चूसने लगा। उसका पानी निकल रहा था। 15 मिनट तक चाटने के बाद वह पहली बार झड़ गई। उसका पूरा शरीर कांप रहा था।
अब मैंने अपना कपड़ा उतारा। मेरा 8 इंच का मोटा लंड देखकर उसकी आंखें फट गईं।
“ये… ये अंदर नहीं जाएगा… बहुत बड़ा है!” वह घबरा गई।
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “जाएगा… और पूरी तरह जाएगा।”
मैंने उसके हाथ बेड के सिरहाने से बांध दिए। अपनी बेल्ट से। फिर उसके पैर फैलाए और लंड की नोक उसकी चूत पर रखी। जोर का धक्का मारा।
“आआआह…!” प्रिया की चीख निकल गई। सिर्फ सिरा अंदर गया। उसकी चूत फट रही थी। खून निकलने लगा।
मैं रुका नहीं। दूसरे जोरदार धक्के से आधा लंड घुस गया। वह रोने लगी, “छोड़ दो राहुल… बहुत दर्द हो रहा है… मैं मर जाऊंगी!”
मैंने उसके गाल पर थप्पड़ मारा और बोला, “चुप! आज तू मेरी रंडी है।”
तीसरे झटके में पूरा 8 इंच का लंड उसकी कुंवारी चूत में घुस गया। मैंने उसे मिशनरी में जोर-जोर से चोदना शुरू किया। हर धक्के पर उसके बूब्स उछल रहे थे। मैं उन्हें जोर से दबा रहा था, निप्पल्स काट रहा था।
वह चीखती रही, “आह… उफ… धीरे… प्लीज…”
धीरे-धीरे उसकी चीखें कराह में बदल गईं। मैंने स्पीड बढ़ाई। 40 मिनट तक लगातार चोदा। आखिर में उसके अंदर ही झड़ गया।
हम थोड़ी देर सोए। आधी रात को मेरी नींद खुली। मेरा लंड फिर खड़ा था। प्रिया सो रही थी। मैंने उसे उल्टा कर दिया। कुतिया बनाया। उसके हाथ पीछे बांधे।
“अब तेरी गांड मारूंगा,” मैंने कहा।
“नहीं राहुल… वहां नहीं… प्लीज!” वह रोने लगी।
मैंने उसकी गांड पर जोर-जोर से थप्पड़ मारे। लाल निशान पड़ गए। फिर थूक लगाकर लंड उसकी गांड पर सेट किया। जोर का धक्का।
“मम्मी…!” उसकी चीख पूरे होटल में गूंज गई। आधा लंड गांड में घुस गया। वह बुरी तरह तड़प रही थी। मैंने बाल पकड़कर खींचे और पूरा लंड अंदर ठेल दिया।
फिर शुरू हुई गांड की बर्बर चुदाई। हर धक्के के साथ वह चीखती, रोती और कराहती। मैंने उसके गले पर हाथ रखकर दबाया। BDSM स्टाइल में चोद रहा था। कभी थप्पड़, कभी चुटकी, कभी बाल खींचना।
उस रात मैंने उसे कुल 5 बार चोदा। चूत में, गांड में, मुंह में। हर बार उसके अंदर झड़ा। सुबह तक उसकी चूत और गांड सूज गई थी। वह चल भी नहीं पा रही थी।
नहाते वक्त भी मैंने उसे बाथरूम की दीवार से सटाकर चोदा। उसके बाल खींचे, गले दबाए। वह रोते हुए भी अब मजा ले रही थी। “और जोर से… फाड़ दो मुझे…”
दोपहर में मैंने अपना काम निपटाया और हम वापस लौट आए।
join my telegram channel for leaked videos
7 दिन बाद उसका फोन आया। वह रो रही थी।
“राहुल… मेरे पीरियड्स नहीं आए… मैं प्रेग्नेंट हो गई हूँ!”
मैं मुस्कुराया। “कोई बात नहीं। दवा ले लेंगे। लेकिन जुलाई में जब मिलेंगे तब तेरी गांड फिर फाड़ूंगा।”
दोस्तों, वो जुलाई का महीना आया ही था। प्रिया अब 3 महीने की प्रेग्नेंट थी। उसका पेट थोड़ा उभरने लगा था, बूब्स और भी बड़े और भारी हो गए थे। गांड पहले से ज्यादा मोटी और नरम दिख रही थी। मैंने उसे कानपुर बुला लिया। इस बार बहाना था कि हम शादी की बात करेंगे, लेकिन असल में मैं उसकी प्रेग्नेंट चूत और गांड को और बर्बर तरीके से चोदने वाला था।
ट्रेन से उतरते ही मैंने उसे देखा। प्रिया की चाल लंगड़ाती हुई थी। चेहरे पर थकान थी लेकिन आंखों में वो नशा था जो मुझे देखकर हमेशा आ जाता था। मैंने उसे सीधे होटल ले जाकर रूम में घुसा दिया। दरवाजा बंद करते ही मैंने उसके बाल पकड़कर खींचे और जोर से थप्पड़ मार दिया।
“मादरचोद रंडी! मेरे बच्चे को पेट में लिए घूम रही है और अब तेरी गांड फटने वाली है।”
प्रिया रो पड़ी, “राहुल… दया करो… बच्चा है पेट में… चूत तो पहले ही सूज गई है।”
मैं हंसा और उसे घुटनों पर बैठा दिया। उसका मुंह खोलकर अपना 8 इंच का मोटा लंड ठेल दिया। “चूस रंडी! गले तक ले अंदर।”
वह उल्टी करने लगी लेकिन मैंने उसके सिर को दबाकर पूरा लंड गले में घुसा दिया। आंसू, लार और थूक उसके मुंह से बह रहा था। 10 मिनट तक मैंने उसके मुंह को फाड़ा। फिर उसे उठाकर बेड पर पटका।
इस बार मैंने तैयार किया था। रस्सियां, बेल्ट, क्लिप्स और एक बड़ा सा डिल्डो। मैंने उसके हाथ-पैर बेड के चारों कोनों से बांध दिए। उसका प्रेग्नेंट पेट ऊपर की तरफ था। मैंने उसके बूब्स पर चुटकी कसी। दूध जैसा कुछ निकलने लगा क्योंकि प्रेग्नेंसी के कारण उसके निप्पल्स संवेदनशील हो गए थे।
“आआह… दर्द हो रहा है राहुल!”
मैंने बेल्ट से उसके बूब्स पर जोर-जोर से मारना शुरू किया। लाल-लाल निशान पड़ गए। फिर उसके पेट पर हल्के थप्पड़ मारे ताकि वह डर जाए। “अब तेरी गांड मारूंगा, बच्चे के साथ।”
मैंने उसके पैर और फैलाए। उसकी चूत पहले ही गीली हो चुकी थी। लेकिन मैं सीधे गांड पर गया। थूक लगाया और एक ही जोरदार धक्के में आधा लंड उसकी गांड में ठेल दिया।
प्रिया बुरी तरह चीखी, “नहीं… मार डालोगे… बच्चा निकल जाएगा… आआआह!”
मैं रुका नहीं। पूरा लंड अंदर कर दिया। फिर बिना रुके तेज-तेज धक्के मारने लगा। हर धक्के पर उसका प्रेग्नेंट पेट हिल रहा था। मैंने एक हाथ से उसका गला दबाया, दूसरे से बूब्स मसल रहा था। कभी-कभी उसके चेहरे पर थूक रहा था और गालियां दे रहा था – “हरामी रंडी, प्रेग्नेंट होकर भी लंड ले रही है।”
लगभग 45 मिनट तक मैंने उसकी गांड फाड़ी। वह बार-बार झड़ रही थी। आखिर में मैंने उसके अंदर ही झड़ दिया। लेकिन अभी खत्म नहीं हुआ था।
मैंने डिल्डो उठाया। 10 इंच लंबा और मोटा। उसे मैंने उसकी चूत में घुसा दिया जबकि मेरा लंड अभी भी गांड में था। डबल पेनेट्रेशन! प्रिया की आंखें पथरा गईं। वह लगातार चीख रही थी, रो रही थी, लेकिन उसका शरीर भी झड़ रहा था।
“फाड़ दो… पूरी फाड़ दो… मैं तुम्हारी रंडी हूँ!” अब वह खुद बोल रही थी।
रात भर मैंने उसे अलग-अलग पोजीशन में चोदा। कभी डॉगी स्टाइल में गांड मारते हुए बाल खींचकर, कभी उसके प्रेग्नेंट पेट के नीचे तकिए रखकर मिशनरी में चूत फाड़ते हुए। मैंने उसके निप्पल्स पर क्लिप्स लगाईं। हर बार झड़ने से पहले उसके गले को दबाकर उसे ऑर्गेज्म दिलाया।
सुबह तक उसकी चूत और गांड से खून और वीर्य निकल रहा था। वह बिस्तर पर पड़ी हुई कराह रही थी। मैंने उसे उठाया और बाथरूम ले गया। शावर के नीचे खड़ा करके फिर से चोदा। दीवार से सटाकर, उसके एक पैर को उठाकर 30 मिनट तक लगातार चूत में धक्के मारे।
“अब बच्चा गिर जाएगा तो गिर जाए… लेकिन मेरी चुदाई पूरी होगी,” मैंने क्रूरता से कहा।
प्रिया अब पूरी तरह टूट चुकी थी। वह बार-बार कह रही थी, “और चोदो… मुझे और दर्द दो… मैं तुम्हारी गुलाम हूँ।”
हमने 3 दिन होटल में बिताए। हर दिन मैं उसे नया-नया टॉर्चर देता। एक दिन तो मैंने उसे बालकनी में खड़ा करके (रात के अंधेरे में) गांड मारी। किसी को दिखने का डर था, लेकिन उत्तेजना दोगुनी थी।
तीसरे दिन मैंने उसे पूरी तरह नंगी करके फोटो और वीडियो बनाई। उसके प्रेग्नेंट पेट, सूजी हुई चूत और गांड की। “ये वीडियो अगर लीक हुई तो तू हमेशा के लिए मेरी रंडी बनेगी।”
वह डर गई लेकिन मुस्कुराई भी।
जब वह वापस गई तो उसकी चाल पूरी तरह बदल गई थी। वह 10 दिन तक ठीक से बैठ भी नहीं पाई। लेकिन हर रात मुझे मैसेज करती, “जल्दी बुलाओ… फिर चोदना।”
दोस्तों, यह थी प्रिया की प्रेग्नेंट गांड की बर्बर चुदाई। मैंने उसे इतना क्रूरता से चोदा कि वो खुद मांगने लगी। उसकी कुंवारी देह से लेकर प्रेग्नेंट शरीर तक, सब कुछ मैंने अपना बना लिया।
अब भी जब वह कभी आती है तो मैं उसे बांधकर, मारकर, गला दबाकर चोदता हूँ। वो अब मेरी परमानेंट सेक्स स्लेव बन चुकी है। बच्चा पैदा होने के बाद भी उसकी चूत और गांड मेरी ही रहेंगी।
कैसी लगी यह कहानी? अगर दिल से पढ़ी हो और लंड खड़ा हुआ हो तो कमेंट में जरूर बताना। मैं और भी खतरनाक कहानियां सुनाऊंगा।
राहुल की पेन ड्राइव में अभी भी प्रिया की चीखों वाली वीडियो है जो आज भी मुझे उत्तेजित करती है।
समाप्त।
Mature porn stories:-