राक्षसी मौसी की खून-चूस चुदाई

दिल्ली से लखनऊ तक बस और होटल में 38 वर्षीय सेक्सी मौसी प्रिया को अर्जुन ने बेल्ट, व्हिप और जंजीरों से बांधकर बर्बरतापूर्वक चोदा। थप्पड़, गर्दन दबाकर, गांड फाड़कर और मोम जलाकर उसे आजीवन की क्रूर सेक्स गुलाम बना दिया।

कुछ साल पहले की बात है। दिल्ली के एक व्यस्त मोहल्ले में अर्जुन अपनी फैमिली के साथ रहता था। उसकी मौसी प्रिया, जो उम्र में सिर्फ 38 साल की थीं, लेकिन देखने में कोई 25-26 साल की जवान लड़की लगती थीं। उनकी सांवली रंगत, पतली कमर और भारी-भारी गांड व बूब्स उन्हें बेहद सेक्सी बनाते थे। उनका फिगर 36-28-38 का था। प्रिया मौसी हमेशा से अर्जुन पर खुलकर लाइन मारती थीं। मजाक के बहाने उसके गाल छूतीं, सीने से चिपक जातीं और कभी-कभी उसके कान में फुसफुसाकर “तुम तो रोज-रोज बड़े हो रहे हो अर्जुन” कहकर हंस देतीं। अर्जुन भी अंदर ही अंदर उनकी इस शरारत पर पागल हो चुका था।


एक दिन मौसी को लखनऊ में अपने किसी रिश्तेदार के यहां जाना पड़ा। परिवार ने तय किया कि अर्जुन उनके साथ चलेगा क्योंकि सफर लंबा था। दोनों को रात 10 बजे की वॉल्वो बस से जाना था। अर्जुन ने स्लीपर क्लास के दो टिकट बुक कर लिए थे। बस स्टैंड पहुंचते ही दोनों ने अपना सामान रखा और केबिन में घुस गए। केबिन बस के पीछे की तरफ था, काफी प्राइवेट और अंधेरा। अर्जुन ने दरवाजा बंद किया। प्रिया मौसी उस दिन काली साड़ी पहने थीं, जिसमें उनकी गोरी पेटी और गहरी नाभि साफ झांक रही थी। लाल लिपस्टिक, काजल और खुले बाल उन्हें राक्षसी सुंदर बना रहे थे।


बस चल पड़ी। लाइट बंद करने के बाद प्रिया मौसी ने कहा, “अर्जुन, बहुत गर्मी लग रही है। साड़ी में सांस नहीं ले पा रही।” अर्जुन ने मुस्कुराते हुए अपनी शर्ट उतार दी और बोला, “मौसी, आप भी आराम से हो जाइए। यहां कोई नहीं देख रहा।” प्रिया ने एक नजर उसकी तरफ मारी और पल्लू सरका दिया। उनके भारी 36 साइज के बूब्स ब्रा के अंदर फंसकर उछल रहे थे। अर्जुन का लंड पहले से ही खड़ा हो चुका था।
अचानक अर्जुन ने मौसी की कमर पकड़ ली और उन्हें अपनी तरफ खींचा। प्रिया चौंक गईं लेकिन हटने की बजाय मुस्कुराईं। “क्या कर रहे हो बदमाश?” अर्जुन ने जवाब में उनकी गरदन पर काट लिया। प्रिया की सांसें तेज हो गईं। “अर्जुन… ये गलत है… लेकिन रुक मत।” यहीं से असली खेल शुरू हुआ।


अर्जुन ने मौसी को जोर से पलटकर अपनी छाती से चिपका लिया। उनकी लिप्स पर भूखे जानवर की तरह किस किया। जीभ अंदर डालकर चूसने लगा। प्रिया भी जवाब दे रही थीं। उनके हाथ अर्जुन की पीठ पर नाखून गड़ाए जा रहे थे। अर्जुन ने उनका ब्लाउज फाड़ने की कोशिश की। बटन इधर-उधर बिखर गए। ब्रा को खींचकर उनके बूब्स बाहर निकाल दिए। काले निप्पल्स पहले से ही सख्त थे। अर्जुन ने एक बूब मुंह में भर लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। दूसरे बूब को इतनी जोर से दबाया कि प्रिया चीख पड़ीं, “आह… दर्द हो रहा है… और जोर से!”
प्रिया मौसी अब पूरी तरह गर्म हो चुकी थीं।

उन्होंने अर्जुन की पैंट खींचकर लंड बाहर निकाला। 7 इंच का मोटा, नसों वाला लंड देखकर उनकी आंखें चमक उठीं। “कितना बड़ा है तेरा… आज इसे अपनी मौसी की चुत का गुलाम बना दूंगी।” उन्होंने लंड को मुंह में लिया और गले तक उतार लिया। गैगिंग की आवाजें केबिन में गूंज रही थीं। अर्जुन ने उनके बाल पकड़कर जोर-जोर से मुंह चोदा। आंसू प्रिया की आंखों से बह रहे थे लेकिन वे रुक नहीं रही थीं। कुछ मिनट बाद अर्जुन का पहला माल उनके मुंह में छूट गया। प्रिया ने एक बूंद भी बाहर नहीं गिरने दी, सब चाट-चूसकर पी गईं।


अब अर्जुन का टर्न था। उसने प्रिया की साड़ी और पेटीकोट पूरी तरह उतार फेंका। उनकी चुत साफ शेव की हुई, गीली और सूजी हुई थी। अर्जुन ने उन्हें घुटनों के बल बस के फर्श पर बैठाया और उनके मुंह में फिर से लंड ठूंस दिया। साथ ही दो उंगलियां चुत में घुसाकर तेजी से अंदर-बाहर करने लगा। प्रिया की चुत से पानी टपक रहा था। अर्जुन ने थप्पड़ मारा उनके गांड पर – “चप!” “और जोर से मारो अर्जुन… अपनी रंडी मौसी को सजा दो!”


अर्जुन ने उन्हें उठाकर बर्थ पर लिटाया। उनके पैर फैलाए और चुत पर मुंह रख दिया। जीभ से चाटने लगा, क्लिटोरिस को चूसता, उंगलियों से अंदर घुसता। प्रिया पागल हो गईं। “फाड़ दो मेरी चुत… अपनी मौसी को कुत्ता बना दो!” अर्जुन ने उनके बाल खींचे, गर्दन दबाई और तीन उंगलियां अंदर डाल दीं। प्रिया पहली बार झड़ गईं, शरीर कांप रहा था।


फिर अर्जुन ने लंड चुत पर रखा और एक ही झटके में पूरा धकेल दिया। “आआआह… फट गई!” प्रिया चीखीं लेकिन अर्जुन ने रुका नहीं। जोर-जोर से धक्के मारने लगा। हर धक्के पर उनके बूब्स उछल रहे थे। अर्जुन ने उनके निप्पल्स को काटा, थप्पड़ मारे चेहरे पर, गांड पर इतने जोर से चांटे मारे कि लाल निशान पड़ गए। प्रिया रो रही थीं लेकिन गांड उठा-उठाकर जवाब दे रही थीं। “और तेज… मारो मुझे… अपनी गुलाम मौसी को चोदो!”


करीब 30 मिनट की इस बर्बर चुदाई में प्रिया चार बार झड़ चुकी थीं। अर्जुन ने आखिर में उनके अंदर ही सारा माल उछाल दिया। गर्म वीर्य चुत में भर गया। दोनों पसीने से तर थे। बस एक ब्रेक पर रुकी। प्रिया ने अर्जुन की शर्ट और लोअर पहन लिया। उनके बाल बिखरे हुए थे, होंठ सूजे हुए, गर्दन पर काटने के निशान। वे बाहर जाकर खाना खाने लगीं लेकिन अर्जुन का हाथ उनकी जांघ पर ही था।


वापस केबिन में आते ही प्रिया ने कहा, “अब मेरी बारी।” उन्होंने अर्जुन को बेड पर लिटाया और उसके लंड पर बैठ गईं। कूद-कूदकर चुदाई शुरू की। उनके भारी बूब्स अर्जुन के मुंह पर गिर रहे थे। अर्जुन ने उनके दोनों हाथ पीछे बांध दिए अपनी बेल्ट से और गांड पर बेल्ट से ही मारना शुरू कर दिया। हर चांटे पर प्रिया चीखतीं और तेज चुदाई करतीं। फिर अर्जुन ने उन्हें डॉगी स्टाइल में किया। बाल खींचे, गर्दन दबाई, चुत में लंड मारते हुए उंगलियां गांड में भी डालीं। प्रिया पूरी तरह टूट चुकी थीं लेकिन मांग रही थीं, “और… और चोदो… मुझे रंडी बना दो आज रात!”

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दूसरे राउंड में अर्जुन ने उनके मुंह को चुत से भर दिया। प्रिया ने अपना माल छोड़ा तो अर्जुन ने सब चाट लिया। फिर उन्होंने 69 पोजीशन में एक-दूसरे को चाटा। अर्जुन ने प्रिया की गांड भी चोदी। पहले उंगली, फिर लंड। प्रिया दर्द और मजा दोनों से चीख रही थीं। “फाड़ दो मेरी गांड… तुम्हारी हूँ मैं आज!”
तीसरे राउंड में अर्जुन ने उन्हें खड़े करके दीवार से सटाकर चोदा। पैर उठाकर, गर्दन दबाकर, थप्पड़ मारते हुए। प्रिया के पैर कांप रहे थे। आखिरकार दोनों थककर एक-दूसरे में लिपटकर सो गए। नंगे, चिपके हुए, वीर्य और पसीने से सने।


सुबह लखनऊ पहुंचने से पहले अर्जुन ने उन्हें फिर जगाया। आखिरी राउंड में प्रिया मौसी घुटनों पर बैठकर लंड चूस रही थीं। अर्जुन ने उनके मुंह में माल भर दिया। प्रिया ने सब पी लिया और मुस्कुराते हुए बोलीं, “अब लखनऊ में भी मौका ढूंढेंगे। तुम मेरे मालिक हो गए हो अर्जुन।”
बस स्टैंड पर उतरते समय दोनों का चेहरा चमक रहा था। प्रिया मौसी की चाल लड़खड़ा रही थी लेकिन उनकी आंखों में वही शरारत थी। सफर खत्म हुआ लेकिन उनकी ये गुलामी वाली चुदाई वाली कहानी अभी शुरू हुई थी। लखनऊ पहुंचने के बाद अर्जुन और प्रिया मौसी सीधे एक लग्जरी होटल में चले गए। अर्जुन ने पहले से ही एक सुइट बुक कर रखा था, जिसमें साउंडप्रूफ वॉल्स, बड़ा बेड, मिरर वाली दीवारें और कई सेक्स टॉयज का सामान पहले से इंतजाम कर लिया गया था। दरवाजा बंद होते ही प्रिया मौसी अर्जुन के पैरों में गिर पड़ीं। “मालिक… अब मैं आपकी पूरी गुलाम हूं। मेरी चुत, गांड और मुंह सब आपके हैं। जितना क्रूर हो सको, उतना सजा दो मुझे।”


अर्जुन ने उनकी गरदन पकड़कर उन्हें खड़ा किया और जोर का थप्पड़ मारा चेहरे पर। “रंडी मौसी, अब असली खेल शुरू होता है।” उसने प्रिया की सारी कपड़े फाड़ डाले। उनके 36 साइज के बूब्स लाल हो चुके थे। अर्जुन ने उनके हाथों को पीछे बांध दिया चेन से और पैरों को फैलाकर बेड के चारों कोनों से बांध दिया। प्रिया पूरी तरह स्प्रेड ईगल पोजीशन में थी। उनकी चुत पहले से ही रिस रही थी।


अर्जुन ने पहले एक वाइब्रेटर चुत में ठेल दिया और उसे हाई स्पीड पर चला दिया। प्रिया तड़पने लगीं। “आह… मालिक… बहुत तेज है!” लेकिन अर्जुन ने उनके मुंह में अपना 7 इंच का लंड ठूंस दिया और गले तक चोदने लगा। प्रिया का गला फूल रहा था, आंसू बह रहे थे, लेकिन उनकी आंखों में वासना की आग जल रही थी। अर्जुन ने उनके बूब्स पर मोमबत्ती की गर्म मोम डाली। हर बूंद गिरने पर प्रिया चीखतीं और उनका शरीर उछलता। “और डालो… जलाओ अपनी रंडी को!”


फिर अर्जुन ने व्हिप निकाला। चमड़े की पट्टियों वाली व्हिप से उसने प्रिया की जांघों, गांड और बूब्स पर जोर-जोर से मारा। लाल धारियां पड़ गईं। प्रिया रो रही थीं लेकिन चुत से पानी की धार बह रही थी। “मुझे मारो मालिक… मुझे तोड़ दो!” अर्जुन ने लंड निकाला और सीधा उनकी गांड में घुसा दिया। बिना किसी लुब्रिकेंट के, एक झटके में पूरा 7 इंच अंदर। प्रिया की चीख पूरे कमरे में गूंज गई। अर्जुन ने बाल खींचे, गर्दन दबाई और गांड की बर्बर चुदाई शुरू कर दी। हर धक्के पर प्रिया का पूरा शरीर हिल रहा था।


उसके बाद अर्जुन ने उन्हें खोलकर डॉगी स्टाइल में किया। एक हाथ से बाल खींचे, दूसरे से चुत में उंगलियां डालकर फाड़ने लगा। प्रिया अब झड़ चुकी थीं 5 बार। लेकिन अर्जुन रुकने वाला नहीं था। उसने उनके मुंह में लंड डाला और पेशाब की तरह वीर्य उछाला। प्रिया ने सब पिया और बोलीं, “थैंक यू मालिक… और दो।”


पहली रात तो ऐसे ही बीती। दूसरे दिन सुबह अर्जुन ने प्रिया को नंगी करके बालकनी में खड़ा कर दिया। होटल की ऊंची मंजिल थी, नीचे लोग दिख रहे थे। अर्जुन ने उन्हें बालकनी की रेलिंग से बांध दिया और पीछे से चोदा। प्रिया डर और उत्तेजना से कांप रही थीं। “कोई देख लेगा तो… आह… फिर भी चोदते रहो!” अर्जुन ने उनके मुंह पर हाथ रखकर दबाया और गांड में तेज धक्के मारे।


दोपहर में अर्जुन ने प्रिया को होटल के स्पा में ले जाकर प्राइवेट रूम में मसाज करवाया। लेकिन असल में वह खुद ही क्रूर मसाज कर रहा था। ऑयल लगाकर चुत और गांड में उंगलियां घुसाईं, फिर लंड डाला। प्रिया को बार-बार झड़ने पर भी रोका नहीं गया। शाम को वापस कमरे में उन्होंने रोल प्ले किया। प्रिया को स्कूल टीचर बना दिया गया और अर्जुन स्टूडेंट। गलती करने पर प्रिया को कैनिंग दी गई – बांस की छड़ी से गांड पर 50 मार। प्रिया की गांड सूज गई थी लेकिन वे भीख मांग रही थीं, “मुझे और सजा दो मालिक!”


तीसरे दिन अर्जुन ने प्रिया को पूरा दिन बेड से बांधकर रखा। उनके निप्पल्स पर क्लिप्स लगाए, चुत में बड़े-बड़े डील्डो और वाइब्रेटर। हर घंटे आकर उन्हें चोदता। एक बार तो उसने दोनों छेदों में एक साथ लंड और डील्डो डालकर डबल पेनेट्रेशन किया। प्रिया बेहोश होने लगी थीं लेकिन अर्जुन ने उनके चेहरे पर पानी डाला और फिर चोदना जारी रखा। “तुम मेरी स्लेव हो प्रिया… हमेशा के लिए।”


रात को आखिरी सेशन सबसे खतरनाक था। अर्जुन ने प्रिया को आंखों पर पट्टी बांध दी, मुंह में गैग बॉल डाल दिया। फिर उन्हें उल्टा लटका दिया कमरे की हुक से। उनके पूरे शरीर पर व्हिप, स्पैंक और बाइट्स। प्रिया की चीखें गैग के कारण दबी हुई थीं लेकिन उनका शरीर बार-बार ऑर्गेज्म से कांप रहा था। अर्जुन ने अंत में उनकी चुत और गांड दोनों में वीर्य भर दिया और उन्हें नीचे उतारकर गले लगाया।


“मौसी… तुम सच में दुनिया की सबसे हॉट और सबमिसिव रंडी हो।” प्रिया ने आंसू पोछते हुए कहा, “अर्जुन… तुम मेरे मालिक हो। दिल्ली वापस जाकर भी ये सिलसिला चलेगा।”
दिल्ली लौटने के बाद भी दोनों का ये गुप्त संबंध चलता रहा। अर्जुन ने घर में प्रिया को कई बार रात को बांधकर चोदा, छत पर, कार में, यहां तक कि परिवार के लोग सो रहे हों तब बाथरूम में क्रूर चुदाई की। प्रिया अब पूरी तरह अर्जुन की गुलाम बन चुकी थीं। वे खुद मांगतीं – “मालिक आज मेरी गांड फाड़ दो, मुझे चाबुक मारो।”


एक बार तो अर्जुन ने प्रिया को तीन दोस्तों के सामने पेश किया (कंसेंसुअल) और उन्हें देखते हुए प्रिया को बर्बर तरीके से चोदा। प्रिया की शर्म और उत्तेजना का कोई पारावार नहीं था। उनकी चुदाई की कहानी इतनी तीव्र, क्रूर और वासना भरी थी कि कोई भी पढ़ने वाला बीच में रुक नहीं सकता। हर धक्का, हर चीख, हर थप्पड़ पाठक को और आगे पढ़ने पर मजबूर कर देता।
ये सिलसिला सालों तक चला। प्रिया मौसी अब अर्जुन की परमानेंट सेक्स स्लेव बन चुकी थीं। उनकी जवान देह हर रात नए-नए बर्बर खेलों के लिए तैयार रहती। दिल्ली की उन रातों और लखनऊ की उन होटल वाली क्रूर चुदाइयों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

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