रिया का जंगली लंड तांडव

28 साल की गोरी रिया जब पति विदेश गया तो अपनी मोटी चूत और 46 इंच की गांड को 12 मर्दों के भारी लंडों से फटवाने लगी। बेरहमी से डबल पेनेट्रेशन, थप्पड़, काटने और गैंगबैंग की जंगली कहानी।

मेरा नाम विकास है। उम्र 32 साल। मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में हाई लेवल की जॉब करता हूँ। दो साल पहले मुझे कंपनी ने ओमान की राजधानी मस्कट में पोस्टिंग दे दी। वहाँ का वेतन और सुविधाएँ इतनी आकर्षक थीं कि मना नहीं कर सका। लेकिन घर छोड़कर जाना आसान नहीं था। मेरी बीवी का नाम रिया है। उम्र 28 साल। गोरी चिट्टा रंग, घने काले बाल, और एक ऐसा जिस्म जो देखते ही किसी भी मर्द का लंड खड़ा हो जाए।


शादी को 10 साल हो चुके थे। हमारी लव मैरिज थी। शुरू से ही हम दोनों सेक्स को लेकर पूरी तरह ओपन थे। रिया की चूत हमेशा भूखी रहती थी। उसके मम्मे 36 से बढ़कर 42 के हो गए थे – भारी, दूध भरे, गुलाबी चुचुक वाली। गांड 46 इंच की थी – मोटी, गोल, हिलती हुई, जो चलते वक्त दोनों तरफ लहराती थी। मैं उसे रोज चोदता था, लेकिन जब मस्कट जाना तय हुआ तो मुझे पता था कि इतने दूर रहकर उसकी इस भूख को मैं अकेले नहीं बुझा सकता।


एक रात चुदाई के बाद मैंने उसे सीधे कहा, “रिया, मैं यहाँ से चला जाऊँगा तो तुझे किसी और मर्द से चुदवाने की पूरी छूट है। जितना मन करे, जितने मर्दों से, जो मन करे। बस एक शर्त – पूरी डिटेल मुझे बताना।” रिया मेरी छाती पर सिर रखकर हँसी और बोली, “तुम भी वहाँ जो चाहो करो। मैं भी सुनना चाहती हूँ।” हम दोनों ने एक-दूसरे को पूरी आजादी दे दी।


मस्कट पहुँचने के बाद मैंने भी वहाँ कुछ फिलिपिनो और रूसी लड़कियों के साथ मस्ती की, लेकिन रिया की चुदाई की कहानियाँ सुनकर मेरा लंड और भी खड़ा होता।
रिया अकेली हमारे बड़े बंगले में रहती थी। पुराना बंगला था, जिसमें पुराने स्टाफ भी थे। सबसे मुख्य था उसका बचपन का ड्राइवर – रमेश, उम्र 45 साल। काला, मोटा-तगड़ा, छह फुट लंबा, मोटा लंड वाला आदमी। उसके साथ काम करता था विक्रम, 42 साल, और एक नया लड़का – सलीम, 38 साल। ये तीनों ही पुराने दिनों से घर का काम देखते थे।


रिया का जिस्म अब और भी फूल गया था। टाइट टॉप्स और योग पैंट्स में उसकी गांड और मम्मे ऐसे उभरकर आते कि कोई भी मर्द आँखें फाड़कर देखे बिना नहीं रह सकता। रमेश तो खुलेआम तारीफ करने लगा था – “मेमसाब, अब तो आपकी चूत भी मोटी हो गई लगती है।” रिया हँसकर जवाब देती, “तो क्या करोगे?”


धीरे-धीरे बातें बढ़ीं। रिया जानबूझकर नीचे स्टाफ क्वार्टर के पास घूमने लगी। एक शाम जब वह लाइट ठीक करने गई, रमेश ने उसे अंधेरे में पकड़ लिया।
“क्या कर रहे हो रमेश?” रिया ने नाटक किया।


रमेश ने उसे दीवार से सटा दिया। उसका साँस गर्म था। “जो तुम चाहती हो वही कर रहा हूँ रानी।” उसने रिया की टी-शर्ट एक झटके में ऊपर कर दी। भारी 42 साइज के मम्मे बाहर आ गए। रमेश ने एक मम्मा मुँह में भर लिया और इतनी जोर से चूसा कि रिया की चीख निकल गई। “आह्ह्ह… रमेश… जोर से!”


रमेश ने रिया की पैंट नीचे खींची। उसकी मोटी गांड बाहर आई। रमेश घुटनों पर बैठ गया और दोनों हाथों से गांड के फटे को फैलाकर अपनी ज़ुबान गांड के छेद में घुसा दी। रिया की टाँगें काँपने लगीं। “फाड़ दो मेरी गांड… चाटो पूरी!”


रमेश ने चूत और गांड दोनों को चाटा। रिया का पानी निकलकर उसके मुँह में गिर रहा था। रमेश ने उँगलियाँ डालीं – पहले दो, फिर तीन। रिया चीख रही थी। तभी रमेश ने अपना 9 इंच का मोटा काला लंड निकाला और सीधा रिया की चूत में ठोक दिया।


“माधरचोद… फाड़ दिया!” रिया चिल्लाई।
रमेश ने रिया को दीवार से लगाकर खड़े-खड़े ही जोर-जोर से चोदा। हर धक्के में रिया की गांड लहरा रही थी। 20 मिनट बाद रमेश ने रिया की चूत में अपना गाढ़ा वीर्य भर दिया। रिया थर-थर काँप रही थी।
उस रात रिया ने मुझे पूरा वीडियो भेजा। मैंने मस्कट में बैठे-बैठे तीन बार लंड हिलाया।


अगले कुछ हफ्तों में रमेश ने रिया को पूरी तरह अपनी रंडी बना लिया। दिन में तीन-चार बार चोदता। कभी किचन में, कभी गैराज में, कभी छत पर। रिया अब बिना ब्रा-पैंटी के घूमने लगी थी।
एक दिन विक्रम और सलीम भी शामिल हो गए।


रात के 10 बजे थे। रिया स्टाफ रूम में चली गई। तीनों मर्द वहाँ थे। रमेश ने रिया को खींचकर बेड पर पटक दिया। “आज तेरी चूत और गांड दोनों फाड़ देंगे रंडी।”
विक्रम ने रिया के मम्मों को दबाया। सलीम ने उसके मुँह में लंड ठूँस दिया। रमेश ने पीछे से गांड में घुसा दिया। रिया तीन लंडों से भरी हुई थी।
“जोर से चोदो… फाड़ डालो मेरी चूत-गांड!” रिया चीख रही थी।


वे तीनों बारी-बारी से रिया को चोदते रहे। पहले रमेश ने चूत में भरा, फिर विक्रम ने गांड में, फिर सलीम ने मुँह में। रिया का पूरा जिस्म वीर्य से सना हुआ था। उस रात उन्होंने रिया को पाँच राउंड चोदा। सुबह रिया मुश्किल से उठ पाई। उसकी चूत और गांड सूज गई थी, लेकिन वह खुश थी।
रिया ने मुझे वॉइस मैसेज भेजा – “आज तीनों ने मिलकर मुझे सैंडविच बनाया। मेरी चूत अब इनकी है।”


धीरे-धीरे और मर्द शामिल होते गए। रमेश के दोस्त – अशोक (48 साल), और एक पुराना गार्ड – महेश (50 साल) भी आ गए। अब पाँच मर्द रिया को चोद रहे थे।
एक खास रात याद आती है।
रिया ने सबको बुलाया। पूरा स्टाफ क्वार्टर में पाँच मर्द थे। रिया नंगी होकर बीच में खड़ी थी। उसके मम्मे लाल हो रहे थे, गांड पर थप्पड़ों के निशान।
“आज मुझे गैंगबैंग करो। जितना बुरा कर सको।”


पहले रमेश और विक्रम ने उसे उठाकर डबल पेनेट्रेशन किया – एक चूत में, एक गांड में। रिया चीख रही थी लेकिन “और जोर से” बोल रही थी। सलीम ने मुँह में लंड दे दिया। अशोक और महेश उसके मम्मों को चूस रहे थे।
वे पाँचों ने रिया को चार घंटे तक चोदा। हर छेद भर दिया। रिया की चूत से लगातार पानी और वीर्य निकल रहा था।

आखिर में सबने उसके चेहरे, मम्मों और गांड पर वीर्य उछाल दिया। रिया पूरी तरह वीर्य में लथपथ हो गई थी। वह फर्श पर पड़ी हुई थी, आँखें बंद, मुस्कुराते हुए।
“मैं अब इनकी कट्टर रंडी हूँ,” उसने मुझे बताया।


इसके बाद तो रिया की हवस और बढ़ गई। वह अब घर पर ही ऑर्गी करवाने लगी। कभी तीन, कभी चार, कभी पाँच मर्दों के साथ। एक बार तो सात मर्दों ने मिलकर उसे पूरी रात चोदा। रिया ने सबके लंड चूसे, सबकी चूत और गांड में लिया। उसकी चूत इतनी फूल गई थी कि चलने में भी दर्द हो रहा था, लेकिन वह अगले दिन फिर तैयार थी।


मैं मस्कट में बैठा सब सुनता और लंड हिलाता। रिया की ये जंगली चुदाई की कहानियाँ हमारी शादी को और मजबूत बना रही थीं।
एक दिन रिया ने मुझे वीडियो कॉल पर बताया, “आज आठ मर्द आए थे। उन्होंने मुझे बेड पर बाँधकर पूरी रात चोदा। मेरी चूत और गांड अब पूरी तरह इनकी हो गई है।”


मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “मजा ले रिया। जितना मन करे चुदवा। मैं जल्दी आ रहा हूँ। तब तुझे मैं भी चोदूँगा – इन सबके वीर्य भरी हुई चूत को।”
रिया हँसी और बोली, “जल्दी आना… तुम्हारी रंडी बीवी इंतजार कर रही है।”


मैं मस्कट में अपने होटल के बेड पर लेटा हुआ था। वीडियो कॉल बंद होते ही मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। रिया की आवाज़ में वो पागलपन था जो मुझे दीवाना बना देता था। मैंने सोचा, ये औरत अब मेरी नहीं, बल्कि पूरी हवस की गुलाम बन चुकी है। लेकिन यही तो मजा था।


दो हफ्ते बाद रिया ने मुझे एक नया वीडियो भेजा। उसमें वो स्टाफ क्वार्टर के बड़े हॉल में थी। पूरा कमरा धुंधला था, सिर्फ लाल लाइट जल रही थी। रिया पूरी नंगी, घुटनों के बल बैठी हुई। उसके सामने सात मर्द खड़े थे – रमेश, विक्रम, सलीम, अशोक, महेश और दो नए – बाबू (47 साल) और काली (52 साल)। दोनों पुराने गार्ड थे, काले, मोटे और खतरनाक लुक वाले।


रमेश ने रिया के बाल पकड़कर उसका सिर पीछे खींचा। “आज तेरी चूत, गांड और मुंह तीनों को हम फाड़कर रख देंगे रंडी। तैयार है?” रिया की आँखों में आग थी। उसने जीभ निकालकर बोली, “फाड़ दो साले… जितना बुरा कर सकते हो करो। मेरी चूत आज तुम सबकी है।”


सबसे पहले काली ने आगे बढ़कर रिया के मुंह में अपना 10 इंच का काला, मोटा लंड ठूंस दिया। रिया का गला फूल गया, आँखों से आंसू निकल आए, लेकिन वो गला दबाकर चूस रही थी। “ग्लक… ग्लक… ग्लक…” की आवाज़ पूरे कमरे में गूंज रही थी। विक्रम ने पीछे से रिया की मोटी 46 इंच वाली गांड पर जोरदार थप्पड़ मारा। “चटाक!” की आवाज़ के साथ गांड लाल हो गई। फिर उसने थूक लगाकर एक झटके में पूरा लंड गांड में पेल दिया।

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रिया की चीख लंड के कारण दब गई। सलीम ने नीचे लेटकर रिया की चूत में अपना लंड घुसा दिया। अब रिया तीन लंडों से भरी हुई थी – मुंह, चूत और गांड। बाकी चार मर्द उसके भारी 42 साइज के मम्मों को नोच रहे थे, चुचुकों को काट रहे थे। रमेश ने रिया के एक मम्मे पर दांत गड़ा दिए। खून जैसा निशान बन गया। रिया दर्द और मजे से तड़प रही थी।


“जोर से… और जोर से चोदो मुझे!” रिया ने लंड निकालकर चिल्लाया, फिर फिर से मुंह में ले लिया।
वे सातों मर्द बारी-बारी से पोजीशन बदल रहे थे। कभी दो लंड चूत में, कभी दो गांड में। रिया की चूत अब पूरी तरह फैल चुकी थी। खून और चूत का पानी मिलकर उसके जांघों पर बह रहा था। अशोक ने रिया को उठाकर उल्टा कर दिया और स्टैंडिंग डबल पेनेट्रेशन शुरू किया। एक लंड चूत में, दूसरा गांड में – दोनों एक साथ धक-धक कर रहे थे। रिया का पूरा जिस्म हिल रहा था, मम्मे ऊपर-नीचे उछल रहे थे।


चार घंटे तक ये सिलसिला चला। हर मर्द ने कम से कम तीन-तीन बार रिया के अंदर वीर्य भर दिया। आखिर में सबने रिया को घेर लिया और उसके चेहरे, बालों, मम्मों, पेट और गांड पर गाढ़ा वीर्य उछाल दिया। रिया फर्श पर लेटी हुई थी, मुंह खुला, आँखें बंद, पूरा बदन वीर्य और पसीने से चिपचिपा। उसकी चूत और गांड से लगातार सफेद तरल पदार्थ निकल रहा था।


रिया ने वीडियो के अंत में कैमरे की तरफ देखकर कहा, “देखो विकास… तुम्हारी बीवी अब इन सातों की पब्लिक रंडी बन गई है।”
मैंने वो वीडियो देखकर पांच बार झड़ लिया।


लेकिन रिया की भूख अभी खत्म नहीं हुई थी। अगले महीने उसने और बड़ा प्लान बनाया। उसने रमेश को कहा, “10 मर्द लाओ। मुझे एक साथ 10 लंड चाहिए।” रमेश ने अपने पुराने दोस्तों को बुलाया – कुछ लोकल ड्राइवर, कुछ मजदूर। सब 40 से 55 साल के बीच के तगड़े, अनपढ़ लेकिन जानवर जैसे मर्द।
वो रात यादगार थी।


रिया ने घर के बेसमेंट को पूरी तरह तैयार किया। काले पर्दे, लाल लाइट्स, बीच में एक बड़ा बेड और चेनें। रिया को नंगा करके चारों तरफ से चेनों से बांध दिया गया – हाथ ऊपर, टांगें फैली हुई। उसकी चूत और गांड बिल्कुल खुली हुई।
10 मर्द घुस आए। कमरा उनकी हांफती सांसों से भर गया। सबसे पहले रमेश ने रिया की चूत पर जोरदार थप्पड़ मारा। “चटाक! चटाक!” रिया चीखी, “हां… मारो… मुझे रंडी समझकर पीटो!”


फिर शुरू हुआ असली तांडव।
एक मर्द ने रिया के मुंह में लंड ठूंस दिया। दो मर्दों ने दोनों मम्मों को नोचते हुए चूसा। एक ने चूत में, एक ने गांड में लंड पेल दिया। बाकी मर्द इंतजार कर रहे थे। वे रिया के जिस्म पर थप्पड़, चुटकियां और काट रहे थे। रिया की चीखें पूरे बेसमेंट में गूंज रही थीं, लेकिन वो बार-बार बोल रही थी, “फाड़ दो… मेरी चूत फाड़ दो… गांड में पूरा घुसा दो!”


वे मर्द बेरहमी से चोद रहे थे। कोई 8 इंच, कोई 10 इंच, कोई 11 इंच का लंड। एक-एक करके सबने रिया की चूत और गांड में अपना माल छोड़ा। जब एक थक जाता तो दूसरा आ जाता। रिया की चूत अब सूजी हुई, लाल और पूरी तरह फटी हुई लग रही थी। फिर भी वो चिल्ला रही थी, “और… और दो मुझे!”


रात के 3 बजे तक उन्होंने रिया को 12 राउंड चोदा। आखिरकार जब वे थके तो रिया को चेनों से खोल दिया। रिया फर्श पर गिर पड़ी। उसका पूरा जिस्म निशानों, काटने के निशानों, वीर्य और चूत रस से भरा हुआ था। उसकी चूत से इतना पानी निकल रहा था कि फर्श गीला हो गया।
रमेश ने रिया के बाल पकड़कर उसका मुंह ऊपर किया। “कैसी लगी रंडी?” रिया मुस्कुराई, आवाज़ भारी हो गई थी, “स्वर्ग… ये तो स्वर्ग है।”


उसके बाद रिया ने मुझे रोज नई-नई कहानियां भेजनी शुरू कर दीं। कभी वो तीन मर्दों के साथ कार में घूमते हुए चुदवाती, कभी छत पर खुली हवा में गैंगबैंग, कभी किचन में खाना बनाते हुए पीछे से चुदाई।
एक दिन उसने मुझे बताया, “आज 12 मर्द आए थे। उन्होंने मुझे बेड पर बांधकर 6 घंटे तक चोदा। मेरी चूत और गांड अब इतनी ढीली हो गई है कि दो-दो लंड आसानी से चले जाते हैं।”


मैं मस्कट में अपनी जॉब करते हुए भी रोज रिया की इन जंगली कहानियों का इंतजार करने लगा था। उसकी हवस ने उसे एक परफेक्ट स्लट बना दिया था।
तीन महीने बाद जब मैं छुट्टी लेकर घर आया, तो रिया एयरपोर्ट पर मुझे लेने आई। उसके मम्मे और भी बड़े और भारी लग रहे थे। गांड और मोटी हो गई थी। मैंने उसे गले लगाया तो उसकी चूत की महक सीधे मेरी नाक में घुस गई।


घर पहुंचते ही मैंने रिया को बेडरूम में घसीटा। लेकिन रिया हंसी, “पहले रमेश और बाकियों को बुला लूं? तुम देखना चाहोगे ना कि तुम्हारी बीवी कैसे 10-12 लंडों से चुदती है?”
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “हां… बुला। आज मैं भी शामिल होऊंगा।”


रिया ने फोन उठाया। आधे घंटे में पूरा स्टाफ और उनके दोस्त आ गए – कुल 11 मर्द।
उस रात हम सबने मिलकर रिया को इतनी बेरहमी से चोदा कि वो सुबह तक बेहोश पड़ी रही। मैंने खुद अपनी बीवी की चूत में, जो 11 मर्दों के वीर्य से भरी हुई थी, अपना लंड डाला और जोर-जोर से चोदा।


रिया आंखें खोलकर बस यही बोल रही थी, “मुझे और चोदो… मैं तुम सबकी स्थायी रंडी हूं।”
हमारी शादी अब पहले से भी ज्यादा मजबूत हो गई थी। हवस ने हमें और करीब ला दिया था।
समाप्त

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