फटी चूत की गुलाम भाभी

मिसकॉल ने जगा दी 34 साल की प्रिया भाभी की छुपी प्यास। 22 साल का आर्यन उसे रस्सी-चाबुक से बांधकर 8 इंच के लंड से फाड़ता रहा – गांड-चूत दोनों में बेरहमी से, खुली बालकनी में चीखती रंडी की क्रूरतम चुदाई।

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम आर्यन है। मैं मुंबई का रहने वाला हूँ, उम्र 22 साल। मेरा कद 5 फुट 10 इंच है, शरीर एथलेटिक और मजबूत है। मेरा लंड 8 इंच लंबा और बेहद मोटा है, जो किसी भी औरत की चूत को फाड़ने के लिए काफी है। मैं पिछले कई सालों से सेक्स कहानियां पढ़ता आ रहा हूँ, खासकर शादीशुदा औरतों की बेरहम चुदाई वाली। लेकिन आज जो कहानी मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ, वो मेरी अपनी जिंदगी की सबसे खतरनाक और पागलपन भरी हकीकत है।


2016 की बात है। मैंने अपना पहला स्मार्टफोन लिया था। उस वक्त मैं कॉलेज में था और रातों को बोरियत में किसी भी नंबर पर मिसकॉल मारकर लोगों को परेशान किया करता था। कई बार गालियां पड़तीं, लेकिन मुझे मजा आता था। एक शाम मैंने रैंडम नंबर डायल किया और मिसकॉल दे दिया। कुछ मिनट बाद उसी नंबर से कॉल बैक आया।


“हैलो, कौन बोल रहा है?” एक मधुर लेकिन थकी हुई महिला की आवाज आई।
“सॉरी मैडम, गलती से हो गया,” मैंने कहा।
“ठीक है,” कहकर उन्होंने कॉल काट दी। लेकिन रात को 11 बजे उनके तरफ से मैसेज आया – “मेरा नाम प्रिया है।

मैं शादीशुदा हूँ और दो बच्चों की माँ। इस नंबर पर आगे कॉल या मैसेज मत करना। लेकिन तुम्हारी आवाज में कुछ अजीब सा जादू है।”
मैंने रिप्लाई नहीं किया। लेकिन अगले कुछ दिनों में उनके मैसेज आने लगे। धीरे-धीरे बातें बढ़ीं। पता चला कि उनकी उम्र 34 साल है, पति सऊदी अरब में जॉब करते हैं और साल में सिर्फ एक-दो महीने आते हैं।

घर में अकेली, बच्चों को स्कूल भेजकर बोरियत में समय काटती हैं। मैंने उन्हें “भाभी” कहना शुरू कर दिया। उन्हें ये बहुत पसंद आया।
कुछ महीनों में हमारी बातें दिन-रात की हो गईं। कॉल पर फोन सेक्स होने लगा। मैं उन्हें बताता कि मैं उनकी चूत को कैसे चाटूंगा, उनके दूधों को कैसे काटूंगा और उन्हें बांधकर रगड़ूंगा। वे पागल हो जातीं। “आर्यन, तुम मुझे मारोगे क्या? मुझे दर्द चाहिए,” वे कहतीं।


एक साल बाद हमने मिलने का प्लान बनाया। जगह तय हुई – जुहू के पास एक पुराना पार्क। शाम को मैं वहां पहुंचा। प्रिया भाभी आईं तो मैं हैरान रह गया। 34 साल की उम्र में भी वे 25 जैसी लग रही थीं। लंबे काले बाल, गोरा रंग, 38 इंच के भारी-भरकम दूध, पतली कमर और मोटी गोल गांड। साड़ी में उनकी चाल देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया।


“भाभी, आप तो बिल्कुल रंडी जैसी लग रही हो,” मैंने उनके कान में फुसफुसाया।
वे शरमा गईं लेकिन आंखों में भूख थी। हम पार्क में थोड़ी देर घूमे। फिर मैंने उन्हें सीधे अपने किराए के फ्लैट पर ले जाने का फैसला किया। “चलो, मेरे रूम चलते हैं। आज तुम्हारी सारी प्यास बुझाऊंगा।”


वे हिचकिचाईं लेकिन मेरी आंखों में देखकर मान गईं। फ्लैट पहुंचते ही मैंने दरवाजा बंद किया और उन्हें दीवार से सटा दिया।
“आज से तुम मेरी गुलाम हो, समझीं?” मैंने उनके बाल पकड़कर खींचे।
“हां आर्यन… मुझे जो चाहो करो,” वे कांपती हुई बोलीं।


मैंने उनकी साड़ी खींचकर फाड़ दी। ब्लाउज के बटन तोड़ते हुए उनके ब्रा-फटे दूध बाहर निकाले। 38DD के भारी स्तन, गुलाबी निप्पल। मैंने एक निप्पल को दांतों से काटा। प्रिया भाभी चीख पड़ीं – “आआह्ह! दर्द हो रहा है… लेकिन और जोर से!”
मैंने उन्हें घसीटकर बेडरूम ले गया। वहां पहले से ही तैयारी थी – रस्सियां, बेल्ट, क्लिप्स और एक बड़ा डिल्डो। मैंने उनकी बाकी साड़ी और पैंटी फाड़ दी। उनकी चूत पूरी तरह बालों वाली, गीली और सूजी हुई थी।


“घुटनों पर बैठो, रंडी!” मैंने हुक्म दिया।
प्रिया भाभी घुटनों पर बैठ गईं। मैंने अपने 8 इंच के मोटे लंड को बाहर निकाला। उनकी आंखें फैल गईं। “ये तो मेरे पति के दोगुना से भी बड़ा है… ये मेरी चूत फाड़ देगा।”
“फाड़ना ही है,” कहकर मैंने उनके बाल पकड़े और लंड उनके मुंह में ठूंस दिया।

वे उबकाई लेने लगीं लेकिन मैंने गला दबाकर पूरा घुसा दिया। गला फाड़ते हुए वे चूस रही थीं। आंसू बह रहे थे, थूक निकल रहा था। मैंने 10 मिनट तक उनका मुंह चोदा, फिर उनके मुंह में ही पहली बार झड़ गया। वे पूरा माल निगल गईं।
अब मैंने उन्हें बेड पर पटका और हाथ-पैर फैलाकर रस्सियों से बांध दिया। उनके दूधों पर क्लिप्स लगाईं।

हर क्लिप लगाते ही वे चीखतीं – “आआह्ह आर्यन! मार डालोगे क्या?”
“हां, आज तुम्हें मारूंगा,” कहकर मैंने अपनी बेल्ट निकाली और उनकी जांघों, गांड और दूधों पर जोर-जोर से मारना शुरू कर दिया। लाल निशान पड़ गए। उनकी चूत से पानी बह रहा था।


मैंने उनके पैर ऊपर किए और चूत पर मुंह रख दिया। जीभ से अंदर तक चाटा, दांतों से क्लिटोरिस काटा। प्रिया भाभी पागल हो गईं – “आर्यन! चूत फाड़ दो… मैं तुम्हारी रंडी हूं… मारो मुझे… चोदो!”
15 मिनट चूत चाटने के बाद वे पहली बार झड़ गईं। पानी की धार मेरे मुंह पर पड़ी।


अब असली खेल शुरू हुआ। मैंने लंड पर थूक लगाया और उनकी चूत पर सेट किया। एक जोरदार धक्का मारा। आधा लंड घुसा तो वे चीख पड़ीं – “नाहीं! फट जाएगी!”
“चुप!” कहकर मैंने पूरा 8 इंच जड़ दिया। उनकी चूत फट गई। खून और पानी का मिश्रण निकला। मैंने रुकना नहीं। बेरहम धक्के मारने लगा – फच फच फच की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी।


“फाड़ दो आर्यन! मेरी चूत को भोसड़ी बना दो! तीन साल से सूखी पड़ी है!” वे चिल्ला रही थीं।
मैंने उन्हें घोड़ी बनाया, बाल खींचे और पीछे से पेलना शुरू किया। गांड पर थप्पड़ मारते हुए चोद रहा था। फिर स्टैंडिंग पोजीशन में उनकी एक टांग कंधे पर रखकर इतना जोर से चोदा कि वे बेहोश होने लगीं।


“अंदर छोड़ दूं?” मैंने पूछा।
“हां… अपनी रंडी की चूत में भर दो अपना माल!”
मैंने जोर-जोर से धक्के मारे और चूत के अंदर ही झड़ गया। इतना माल निकला कि उनकी चूत से बहने लगा।


लेकिन रुकने का नाम नहीं। मैंने उन्हें 69 पोजीशन में किया। वे मेरे लंड को चूस रही थीं और मैं उनकी गांड चाट रहा था। फिर मैंने उनकी गांड पर भी निशाना साधा। लंड पर थूक लगाकर गांड में घुसेड़ दिया। प्रिया भाभी दर्द से तड़प उठीं – “आआह्ह! गांड फट गई… लेकिन मत निकालो… पूरा डाल दो!”

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मैंने उनकी गांड भी फाड़ दी। एक घंटे तक लगातार चुदाई चली। दूसरे राउंड में मैंने उन्हें उल्टा लटकाया, दूधों पर मोमबत्ती की बूंदें डालीं और फिर चोदा। तीसरे राउंड में डिल्डो से चूत और लंड से गांड एक साथ। वे बार-बार झड़ रही थीं – 7 बार उस रात।
रात के 3 बजे तक हम दोनों थके हुए थे। प्रिया भाभी मेरी छाती पर सिर रखकर लेटी थीं। उनका पूरा शरीर लाल निशानों, काटने के दागों और चुदाई के निशानों से भरा हुआ था।


“आर्यन, आज पहली बार मैंने असली मर्द की चुदाई ली है। मेरे पति तो नाम मात्र के हैं। तुमने मुझे पूरी तरह तोड़ दिया,” वे मुस्कुराईं।
“ये सिर्फ शुरुआत है भाभी। अब तुम मेरी प्रॉपर्टी हो। जब चाहूंगा, बुलाकर चोदूंगा। कभी-कभी तुम्हें सार्वजनिक जगहों पर भी रगड़ूंगा,” मैंने उनके बालों में हाथ फेरते हुए कहा।


उसके बाद हमारी मुलाकातें नियमित हो गईं। कभी मेरे फ्लैट पर, कभी होटल में, कभी उनकी कार में। एक बार मैंने उन्हें बांधकर बालकनी में खड़ा करके चोदा, जहां पड़ोसी देख सकते थे। वे डर के मारे कांप रही थीं लेकिन चूत गीली हो रही थी।
तीन साल तक यह सिलसिला चला। उनके पति के आने पर भी हमने रिस्क लिया। एक बार पति के कमरे में ही, जबकि वे बाहर थे, मैंने उन्हें चोदा। अब भी कभी-कभी मौका मिलता है तो हम बेरहमी से एक-दूसरे को रगड़ते हैं।

आर्यन, तुम मेरी प्रॉपर्टी हो… मेरी जान, मेरी चूत, मेरी गांड… सब कुछ तुम्हारा है,” प्रिया भाभी ने मेरी छाती पर सिर रखते हुए फुसफुसाया। उस रात के बाद हमारी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। वो अब मेरी गुलाम रंडी बन चुकी थी। हर हफ्ते कम से कम दो-तीन बार हम मिलते और मैं उसे ऐसी बेरहमी से चोदता कि वो कई दिन तक चल नहीं पाती।


एक बार मैंने उसे अपने फ्लैट पर बुलाया। दरवाजा खुलते ही मैंने उसे अंदर खींचा और उसके बालों को मुट्ठी में जकड़ लिया। “आज तू मेरी पूरी तरह टूटेगी, समझीं रंडी?” मैंने उसके कान में गरजा। प्रिया की आंखों में डर और प्यास दोनों थे। मैंने उसे नंगा करके फर्श पर घुटनों के बल बैठा दिया। मुंह में लंड ठूंसकर गला फाड़ते हुए चोदा।

वो उबकाई ले रही थी, आंसू बह रहे थे, नाक से बलगम निकल रहा था, लेकिन मैं रुका नहीं। पूरा माल उसके गले में उतार दिया।
फिर मैंने उसे बेड पर पटका। हाथ-पैर फैलाकर चेन और लॉक से बांध दिया। उसके 38 इंच के भारी दूधों पर आइस क्यूब्स रखे, फिर गर्म मोमबत्ती की बूंदें डालीं।

हर बूंद पर वो चीख उठती – “आआह्ह आर्यन! जल रहा है… लेकिन और डालो… मुझे सजा दो!” मैंने उसके निप्पल्स पर क्लिप्स लगाईं, खींच-खींचकर मोड़ने लगा। उसकी चूत से पानी की धार बह रही थी।
मैंने एक बड़ा ब्लैक डिल्डो निकाला – 10 इंच लंबा और मोटा।

पहले उसकी चूत में घुसेड़ा, फिर गांड में। दोनों छेदों में एक साथ पंपिंग करते हुए मैंने अपना लंड उसके मुंह में ठोका। ट्रिपल पेनेट्रेशन। प्रिया पागल हो गई थी – “फाड़ दो… मेरी दोनों भोसड़ियां फाड़ दो… मैं मर जाऊंगी आज!” मैंने 40 मिनट तक उसे बिना रुके रगड़ा। वो 6 बार झड़ चुकी थी। आखिर में मैंने उसकी चूत और गांड दोनों में माल भर दिया।


लेकिन ये काफी नहीं था। मैंने उसे उठाया, बालकनी में ले गया। रात के 2 बजे थे। सामने दूसरे फ्लैट्स थे। मैंने उसे रेलिंग पर झुकाया, गांड ऊपर करके खड़ा किया और पीछे से लंड घुसा दिया। “चिल्ला रंडी… पड़ोसियों को दिखा कि तू कैसी चुद रही है!” वो दबे स्वर में चीख रही थी लेकिन मैंने उसके मुंह में अपनी अंगुलियां ठूंस दीं। गांड फाड़ते हुए चोदा। कोई पड़ोसी देख ले तो भी मुझे फर्क नहीं पड़ता था। उस रात मैंने उसे बालकनी में ही तीन राउंड चोदा।


दूसरी मुलाकात में मैंने उसे होटल ले जाकर नया खेल खेला। कमरे में पहुंचते ही मैंने उसे कुत्ते की तरह पट्टे से बांधा। कॉलर लगाकर घसीटते हुए बाथरूम ले गया। शावर के नीचे खड़ा करके पहले पेशाब किया उसके मुंह पर। “पी ले मेरी गुलाम… ये तेरी शराब है।” प्रिया ने बिना हिचकिचाए पूरा पिया। फिर मैंने उसे शावर के नीचे घुटनों पर बैठाकर चोदा। पानी के साथ लंड उसके गले तक जा रहा था।


बेड पर वापस लाकर मैंने उसके पैरों को सिर के ऊपर मोड़कर फोल्ड पोजीशन में बांध दिया। उसकी चूत और गांड पूरी तरह खुली हुई थी। मैंने दोनों में बारी-बारी लंड मारा। बीच-बीच में चाबुक से मारता। उसकी जांघें, गांड, पेट – हर जगह लाल-लाल धारियां पड़ गईं। “आर्यन… मुझे और मारो… मैं तुम्हारी पिटने वाली रंडी हूं… मेरी चूत को खून निकाल दो!” वो चिल्ला रही थी।


उस दिन मैंने उसे 2 घंटे तक लगातार चोदा। 9 बार वो झड़ चुकी थी। आखिर में जब मैं झड़ा तो उसकी चूत से मेरा माल और उसका पानी मिलकर फर्श पर गिर रहा था। वो बेहोश हो गई थी। मैंने उसे पानी पिलाकर होश में लाया और फिर से शुरू कर दिया।


एक बार हमने रिस्की पब्लिक प्लेस पर भी खेला। जुहू बीच के पास एक सुनसान पार्ट में रात को ले गया। कार में ही उसे नंगा किया। सीट पर घुटनों के बल बैठाकर गांड में लंड मारा। बाहर लोग घूम रहे थे। खिड़की थोड़ी खुली रखी थी। कोई देख ले तो मजा दोगुना। मैंने उसके बाल खींचे, गला दबाया और बेरहमी से पेला। “तुम्हारी गांड आज फट जाएगी रंडी!” वो दर्द और खुशी से रो रही थी।


फिर कार से बाहर निकालकर एक पेड़ के पीछे ले गया। उसे झुकाकर खड़ा किया और दोनों छेदों में बारी-बारी चोदा। बीच में एक कुत्ता भौंकने लगा तो भी मैं नहीं रुका। प्रिया डर के मारे कांप रही थी लेकिन उसकी चूत और ज्यादा गीली हो गई थी। उस रात हमने खुली हवा में 90 मिनट तक बर्बर चुदाई की।


समय के साथ हमारे खेल और क्रूर होते गए। मैंने उसे वाइब्रेटर और बट प्लग पहनाकर पूरे दिन घर भेजा। बच्चों के सामने भी वो कांप रही थी। शाम को फ्लैट पर आकर रिपोर्ट देती – “आर्यन, पूरा दिन चूत में वाइब्रेशन सहते हुए पागल हो गई थी।” फिर मैं उसे सजा देता।
एक खास रात मैंने उसे पूरी तरह बांधकर सस्पेंड कर दिया। छत से रस्सियां लगाकर लटकाया। हाथ पीछे बंधे, पैर फैले हुए।

मैंने उसके पूरे शरीर पर शॉर्ट्स, चाबुक और मोमबत्ती का इस्तेमाल किया। फिर दोनों छेदों में लंड और डिल्डो से एक साथ पेला। प्रिया चीख-चीखकर बेहोश होती जा रही थी। “आर्यन… मैं तुम्हारी हूं… हमेशा… मुझे तोड़ दो… मुझे मार दो… लेकिन मत छोड़ना!”


हमने तीन साल तक ये सिलसिला चलाया। उसके पति के आने के बावजूद हमने होटल, कार, और कभी-कभी उनके घर की बालकनी में भी चुदाई की। एक बार पति सो रहे थे तो मैंने बेडरूम के बगल वाले कमरे में उसे चोदा। वो मुंह पर तकिया दबाकर चीखें रोक रही थी।
आज भी जब मौका मिलता है, मैं प्रिया भाभी को बुलाता हूं। उसे नंगा करके घुटनों पर बैठाता हूं और पूछता हूं – “आज कैसी सजा चाहिए मेरी रंडी को?”


वो मुस्कुराते हुए जवाब देती है – “जितनी क्रूर हो सके… मुझे फाड़ दो आर्यन… मैं तुम्हारी गुलाम हूं।”
ये हमारी कहानी है – एक शादीशुदा भाभी और उसके युवा मालिक की बर्बर, क्रूर और अनकंट्रोलेबल चुदाई की। जो शुरू हुई मिसकॉल से, और अब बन गई जिंदगी भर की गुलामी। अगर आप भी ऐसी भूख महसूस करते हैं तो कमेंट में बताएं… शायद अगली कहानी और भी खतरनाक हो

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