28 साल के राहुल ने 32 साल की प्रिया भाभी को रस्सी, बेल्ट और लंड से बर्बर तरीके से चोदा। मोटी गांड, 38 इंच चूचियों वाली भाभी बनी उनकी सेक्स स्लेव। पूरी रात की क्रूर, बेजोड़ और खतरनाक चुदाई!
दोस्तों, नमस्कार। उम्मीद है आप सब मस्त होंगे। आज मैं आपको अपनी एक ऐसी देसी भाभी चुदाई स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ जो आपके लंड को पत्थर की तरह खड़ा कर देगी। यह कहानी इतनी बोल्ड, क्रूर और बर्बर है कि एक बार शुरू करने के बाद आप अंत तक बिना रुके पढ़ते रहेंगे। मेरा नाम राहुल है। मैं 28 साल का राजस्थानी जवान हूँ। मेरी हाइट 5 फुट 11 इंच है, शरीर एथलेटिक और मसलदार है, रंग गेहुआं है। मैं राजस्थान के जोधपुर के पास एक छोटे से गांव में रहता हूँ।
मेरे पड़ोस में प्रिया भाभी रहती थीं। वे 32 साल की थीं, लेकिन देखने में 25 से भी कम लगती थीं। उनकी हाइट 5 फुट 3 इंच थी। उनकी छातियां 38 इंच की थीं – दो बड़े-बड़े गोल-गोल उभरे हुए मटके जैसे, जिनकी निप्पल्स हमेशा उनकी ब्लाउज से साफ नजर आती थीं। उनकी गांड तो कमाल की थी – 42 इंच की, इतनी मोटी और गोल कि चलते समय दोनों तरफ लहराती हुई जैसे दो बड़े-बड़े ताजे आटे के लोहे हों। जब भी वे साड़ी में गांड हिलाते हुए निकलतीं तो पूरा मोहल्ला उनके पीछे लंड सहलाने लग जाता। कोई भी उनका वो मदमस्त नितंब देखकर खुद को रोक नहीं पाता।
मैं प्रिया भाभी को बहुत दिनों से चोदना चाहता था। उनके पति राकेश भैया अक्सर शहर में नौकरी के सिलसिले में रहते थे। भाभी घर पर अकेली रहती थीं। मैंने सोचा कि सीधे चढ़ाई करने से कुछ नहीं होगा, पहले विश्वास जीतना पड़ेगा। मैं शरीफ लड़के का रोल प्ले करने लगा। जब भी वे दिखतीं, मैं नमस्ते करता और कुछ न कुछ बात कर लेता। धीरे-धीरे बातें बढ़ने लगीं।
एक दिन भाभी ने मुझे अपने घर बुलाया। “राहुल, मेरे मोबाइल में कुछ प्रॉब्लम आ रही है, जरा देख तो।” मैं गया। उनके घर में कोई नहीं था। मैंने मोबाइल ठीक किया और लौटते वक्त बोला, “भाभी, अगर कोई और काम हो तो बताना।” वे मुस्कुराईं और बोलीं, “तुम अच्छे लड़के हो राहुल।”
उसके बाद तो रोज बातें होने लगीं। फोन पर घंटों चैट। मैंने धीरे-धीरे बातों को सेक्सी मोड़ देना शुरू किया। भाभी भी साथ देने लगीं। वे मुझे बतातीं कि उनके पति का लंड छोटा है और उनको पूरी संतुष्टि नहीं मिलती। मैंने उन्हें सनी लियोनी और अन्य हॉट वीडियोज के बारे में बताया।
एक शाम भाभी का फोन आया, “राहुल, आज घर पर अकेली हूँ। बच्चे नानी के पास गए हैं। तुम आओ न, वो वाली वीडियो दिखाओ जो कल बताया था।” मैं समझ गया कि आज मौका है। मैं तैयार होकर पहुंच गया। दरवाजा खुला था। अंदर घुसते ही भाभी ने मुझे जोर से गले लगा लिया। उनकी बड़ी-बड़ी चूचियां मेरी छाती से दब गईं।
“भाभी… आप…” मैं बोलने से पहले ही उन्होंने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। हम दोनों जोर-जोर से किस करने लगे। उनकी जीभ मेरे मुंह में घुसकर मेरी जीभ को चूसने लगी। मैंने उनका ब्लाउज फाड़ने की कोशिश की। वे हंसकर बोलीं, “जोर से राहुल… आज मुझे बर्बर तरीके से चोदो।”
मैंने उनके बाल पकड़े और जोर से खींचे। “साली रंडी भाभी, आज तेरी चूत और गांड दोनों फाड़ दूंगा।” भाभी की आंखों में वासना की लहर दौड़ गई। मैंने उन्हें जोर से दीवार से धकेला और उनके ब्लाउज के हुक तोड़ दिए। उनके 38 इंच के मोटे मटके बाहर आ गए। मैंने एक चूची को जोर से मसला और निप्पल को दांतों से काटा। भाभी चीख उठीं, “आह… राहुल… और जोर से… मारो मुझे।”
मैंने उनकी साड़ी खींचकर उतारी। वे अब सिर्फ पैंटी में थीं। उनकी पैंटी पहले से गीली हो चुकी थी। मैंने उन्हें घुटनों पर बैठने को कहा। “चूस मेरे लंड को रंडी।” भाभी ने मेरी पैंट उतारी। मेरा 7.5 इंच का मोटा, नसों वाला लंड बाहर आया। वे आंखें फाड़कर देखने लगीं। “इतना मोटा… आज ये मेरी चूत फाड़ देगा।”
उन्होंने मुंह खोलकर पूरा लंड मुंह में ले लिया। जोर-जोर से चूसने लगीं। गला तक ले जा रही थीं। मैंने उनके सिर को पकड़कर जोर-जोर से मुंह में धक्के मारने शुरू कर दिए। वे उबकाई ले रही थीं लेकिन रुक नहीं रही थीं। “ले साली… पूरा ले… गले तक।” उनके मुंह से लार निकलकर चूचियों पर गिर रही थी।
कुछ देर बाद मैंने उन्हें उठाया और बिस्तर पर पटक दिया। उनकी टांगें फैला दीं। उनकी चूत पूरी तरह गीली और सूजी हुई थी। मैंने दो उंगलियां अंदर डालीं और तेजी से अंदर-बाहर करने लगा। भाभी कराह रही थीं, “फाड़ दो राहुल… अपनी उंगलियों से ही फाड़ दो।” मैंने तीसरी उंगली भी डाल दी और जोर से हिलाने लगा। भाभी का पहला ऑर्गेज्म आ गया। वे झड़ गईं और चीख पड़ीं।
लेकिन मैं रुका नहीं। मैंने उन्हें घोड़ी बनाया। उनकी मोटी गांड मेरे सामने थी। मैंने जोर से थप्पड़ मारा। “चटाक!” उनकी गांड लाल हो गई। “और मारो… मुझे दर्द दो।” मैंने लगातार 10-12 थप्पड़ मारे। उनकी गांड पूरी लाल हो चुकी थी। फिर मैंने लंड की नोक उनकी चूत पर रखी और एक ही जोरदार झटके में पूरा 7.5 इंच अंदर ठेल दिया।
“आआआह… फट गई… राहुल… मार डाला…” भाभी चीखीं। मैंने बाल पकड़कर खींचे और तेज-तेज धक्के मारने शुरू कर दिए। हर धक्के पर उनकी गांड लहरा रही थी। “ले रंडी… ले मेरी भाभी… तेरी चूत मेरी है आज।” मैं उनकी कमर पकड़कर इतनी तेज चोद रहा था कि बिस्तर हिल रहा था।
मैंने उन्हें कई पोजीशन्स में चोदा। कभी मिशनरी में, कभी उनका एक पैर कंधे पर रखकर, कभी उन्हें उल्टा करके। हर बार वे चीख रही थीं, गालियां दे रही थीं, और और मांग रही थीं। “चोदो… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत… मैं तुम्हारी दासी हूँ… मारो मुझे।”
रात के 11 बजे थे। भाभी थक चुकी थीं लेकिन मैं अभी भी तरोताजा था। मैंने उन्हें बाथरूम ले जाकर शावर के नीचे खड़ा किया। वहां मैंने उन्हें दीवार से सटाकर फिर से चोदा। पानी उनके शरीर पर बह रहा था। मैंने उनकी गर्दन पर हल्का सा दबाव डाला और लंड अंदर-बाहर कर रहा था। “मैं तुम्हारी गुलाम हूँ राहुल… जितना चाहो चोदो।”
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फिर हम बेडरूम में वापस आए। मैंने उन्हें बांध दिया। उनके हाथों को स्कार्फ से बिस्तर से बांध दिया। अब वे पूरी तरह मेरे कंट्रोल में थीं। मैंने उनकी चूचियों पर चुटकी कसी, निप्पल्स को खींचा, थप्पड़ मारे। फिर लंड लेकर उनकी चूत में धकेला। इस बार मैं बहुत क्रूर था। लगातार 20 मिनट तक बिना रुके चोदता रहा। भाभी रो रही थीं लेकिन खुशी से। “हां… यही चाहिए था… मुझे तोड़ दो… आज मैं टूट जाना चाहती हूँ।”
मेरा दूसरा राउंड शुरू हुआ। इस बार मैंने उनकी गांड पर निशाना साधा। “आज तेरी गांड भी फाड़नी है।” भाभी डर गईं लेकिन बोलीं, “जो मन करे करो… लेकिन धीरे शुरू करो।” मैंने लंड पर थूक लगाया और उनकी गांड के छेद पर रखा। धीरे-धीरे दबाव बढ़ाया। आधा लंड अंदर गया तो वे चीख पड़ीं। मैंने रुककर उनके बाल खींचे और बाकी आधा भी ठेल दिया।
“आआआह… फट गई मेरी गांड…” अब मैं पूरी स्पीड से उनकी गांड चोदने लगा। हर धक्के पर वे कांप रही थीं। मैंने उनकी चूत में उंगलियां डालकर दोनों जगह से उन्हें संतुष्ट किया। भाभी कई बार झड़ चुकी थीं। आखिर में मैंने उनकी गांड में ही अपना सारा माल छोड़ दिया। गर्म-गर्म वीर्य उनकी गांड में भर गया।
हम दोनों थककर लेट गए। लेकिन रात अभी बाकी थी। भैया का फोन आया कि वे कल सुबह तक नहीं आएंगे। भाभी ने मुस्कुराते हुए मुझे देखा, “अब पूरी रात तुम्हारी हूँ।”
उस रात हमने तीन बार और सेक्स किया। हर बार नया स्टाइल, नई क्रूरता। मैंने उन्हें बेल्ट से हल्का मारकर, बाल खींचकर, गालियां देकर चोदा। भाभी पूरी तरह मेरी हो चुकी थीं। वे कह रही थीं, “राहुल, तुमने मुझे वो मजा दिया जो मेरे पति कभी नहीं दे सके। अब मैं तुम्हारी हूँ। जब चाहो बुलाओ, मैं चुदने आ जाऊंगी।”
सुबह 5 बजे मैं घर लौटा। उसके बाद तो हमारे बीच रोजाना चुदाई होने लगी। कभी उनके घर, कभी मेरे घर जब भैया नहीं होते, कभी खेत में, कभी छत पर। मैंने उन्हें कई बार पब्लिक प्लेस पर भी रिस्क लेकर चोदा। एक बार तो गांव के बाहर नहर किनारे मैंने उन्हें घोड़ी बनाकर चोदा था जबकि पास से लोग गुजर रहे थे।
प्रिया भाभी अब मेरी पूरी तरह गुलाम बन चुकी थीं। उस सुबह घर लौटने के बाद भी मेरा लंड शांत नहीं हो रहा था। दोपहर को उनका मैसेज आया – “राहुल, भैया अभी भी नहीं आए। घर आ जाओ। आज मैं तुम्हारी हर इच्छा पूरी करूंगी।” मैं तुरंत पहुंच गया। दरवाजा बंद करते ही भाभी मेरे पैरों में गिर पड़ीं। “मालिक… आज मुझे और क्रूरता से चोदो। मुझे दर्द का मजा दो। मैं तुम्हारी रंडी हूँ।”
मैंने उनके बाल जोर से पकड़े और उन्हें घसीटते हुए बेडरूम में ले गया। “आज तेरी सजा है साली।” मैंने अलमारी से उनकी साड़ी की पट्टी निकाली और उनके हाथ-पैर बांध दिए। वे बिस्तर पर पूरी तरह नंगी लेटी थीं। उनकी 38 इंच की चूचियां ऊपर-नीचे हो रही थीं। मैंने उनके मुंह में अपनी जांघिया ठूंस दी ताकि चीखें दब जाएं। फिर बेल्ट निकाली और उनकी मोटी गांड पर जोर-जोर से मारना शुरू कर दिया।
चटाक… चटाक… चटाक!
हर थप्पड़ के साथ उनकी गांड लाल हो रही थी, निशान पड़ रहे थे। भाभी तड़प रही थीं, आंखों से आंसू निकल रहे थे लेकिन उनकी चूत से रस बह रहा था। “और मारो मालिक… फाड़ दो मेरी गांड।” मैंने 25-30 लाशें लगाईं। उनकी गांड अब पूरी तरह सुज गई थी। फिर मैंने उन्हें उल्टा करके उनकी चूत में तीन उंगलियां ठेल दीं और तेजी से फिंगर फक करने लगा। वे झड़ गईं लेकिन मैं रुका नहीं।
अब मैंने उन्हें कुत्ते की तरह घोड़ी बनाया। मेरा 7.5 इंच का मोटा लंड उनकी गांड पर रगड़ रहा था। बिना कोई लुब्रिकेंट के मैंने जोर का झटका मारा। पूरा लंड उनकी गांड में घुस गया। “आआआह… मर गई… फट गई मेरी गांड!” भाभी चीखीं लेकिन जांघिया मुंह में होने से आवाज दब गई। मैंने उनकी कमर पकड़कर पागलों की तरह पेलना शुरू कर दिया। हर धक्का इतना तेज कि उनके शरीर आगे की तरफ सरक जाते। मैं उनके बाल खींचता, गर्दन दबाता, चूचियों को खींचता और चोदता जा रहा था।
“ले रंडी भाभी… तेरी गांड मेरी है। आज मैं इसे इतना फाड़ दूंगा कि तीन दिन बैठ नहीं पाएगी।” 15 मिनट तक लगातार गांड चुदाई के बाद मैंने उनकी चूत में स्विच किया। अब दोनों होल्स पर बारी-बारी हमला। भाभी का शरीर पसीने से तर था। वे बार-बार झड़ रही थीं। आखिर में मैंने उनका मुंह खोला और पूरा माल उनके गले में उतार दिया। “पी ले साली… हर बूंद।”
उस दिन के बाद हमारा रिश्ता और गहरा हो गया। एक हफ्ते बाद भैया फिर शहर गए। भाभी ने मुझे रात को बुलाया। इस बार मैं तैयार था – साथ में कुछ टॉयज ले गया था। रस्सी, क्लिप्स, और एक बड़ा वाइब्रेटर। भाभी को देखते ही मैंने उन्हें नंगा किया और रस्सी से बांध दिया। उनके हाथ पीछे बंधे थे, घुटनों पर बैठी थीं। मैंने उनकी चूचियों पर क्लिप्स लगाईं। वे दर्द से कराह उठीं। “दर्द हो रहा है ना? यही तो चाहिए तुझे।”
मैंने वाइब्रेटर उनकी चूत में डाला और फुल स्पीड पर ऑन कर दिया। फिर अपना लंड उनके मुंह में ठेल दिया। वे दोनों तरफ से हिल रही थीं। मुंह में लंड, चूत में वाइब्रेटर, चूचियों पर क्लिप्स – भाभी पूरी तरह बेकाबू थीं। मैंने उनके गले तक लंड दबाया और होल्ड किया। वे उबकाई ले रही थीं, आंसू बह रहे थे लेकिन आंखों में समर्पण था।
फिर मैंने उन्हें खड़ा करके दीवार से सटाया। पीछे से उनकी गांड में लंड ठेला और एक हाथ से उनकी गर्दन दबाई। “तुम मेरी प्रॉपर्टी हो प्रिया। जब चाहूंगा चोदूंगा, जहां चाहूंगा चोदूंगा।” वे हां में सिर हिला रही थीं। मैंने उन्हें खिड़की के पास ले जाकर चोदा जहां से पड़ोस दिखता था। “देख, अगर कोई देख ले तो? तेरी इज्जत चली जाएगी।” इस रिस्क से भाभी और गर्म हो गईं। वे जोर से चुद रही थीं।
रात भर हमने कई सेशन्स किए। एक बार मैंने उन्हें छत पर ले जाकर चोदा। चांदनी रात में उनकी नंगी देह चमक रही थी। मैंने उन्हें बालकनी की रेलिंग पर झुकाया और पीछे से पेला। हल्की हवा में उनकी चीखें गूंज रही थीं। “फाड़ दो… मार दो… मैं तुम्हारी हूं।” मैंने उनकी गांड पर काट लिया, निशान बन गए।
अगले कुछ हफ्तों में हमारा खेल और खतरनाक हो गया। एक दिन मैंने उन्हें कार में बिठाया और गांव से बाहर जंगल की तरफ ले गया। वहां मैंने उन्हें नंगा करके पेड़ से बांध दिया। फिर बेल्ट से मारते हुए चोदा। आसपास जानवरों की आवाजें आ रही थीं, भाभी डर और उत्तेजना से कांप रही थीं। मैंने उनकी चूत और गांड दोनों में बारी-बारी मारा। आखिर में उनके पूरे शरीर पर अपना वीर्य छिड़क दिया।
“तुम अब मेरी सेक्स स्लेव हो।” भाभी खुशी-खुशी मान गईं। “हां मालिक, मेरी चूत, गांड, मुंह – सब तुम्हारा।”
एक और यादगार रात थी जब भैया घर पर थे लेकिन ऊपर सो रहे थे। भाभी ने मुझे नीचे बुलाया। हम किचन में चुपके से चुदाई करने लगे। मैंने उन्हें काउंटर पर चढ़ाया और चोदा। भाभी मुंह दबाए हुए कराह रही थीं। ऊपर भैया सो रहे थे, नीचे मैं उनकी बीवी को क्रूरता से चोद रहा था। यह खतरनाक रोमांच हमें और उत्तेजित कर रहा था। मैंने उनके मुंह पर हाथ रखकर जोर से धक्के मारे। वे झड़ गईं और मेरे लंड पर अपना रस बहा दिया।
हमारी चुदाई अब रोजाना की रूटीन बन गई। कभी वे मेरे घर आकर मेरी मां के सो जाने के बाद रात भर मेरे कमरे में रहतीं। मैं उन्हें हर तरीके से इस्तेमाल करता – फेस फकिंग, एनल, डबल पेनेट्रेशन उंगलियों से, स्पैंकिंग, हेयर पुलिंग, चोकिंग, ह्यूमिलिएशन। भाभी को सब पसंद था। वे कहतीं, “पहले मैं शरीफ औरत थी, तुमने मुझे असली रंडी बना दिया।”
एक बार तो हमने तीन दिन का प्लान बनाया जब भैया दूर गए। पूरे तीन दिन भाभी नंगी घर में घूमी। मैं उन्हें घर के हर कोने में चोदा – बाथरूम, छत, आंगन, यहां तक कि गाय के बाड़े में भी। मैंने उन्हें घुटनों पर चलवाया, कुत्ते की तरह दूध पिलाया। उनकी चूचियों को दूध की बोतल की तरह चूसा।
तीसरे दिन शाम को मैंने उन्हें पूरी तरह बांधकर एक लंबा सेशन किया। रस्सी से उनकी छातियां बांधीं ताकि वे और उभर आएं। फिर क्लिप्स, वाइब्रेटर और मेरा लंड – तीनों से उन्हें सताया। भाभी बेहोश होने की कगार पर थीं लेकिन बार-बार मांग रही थीं, “और… मालिक… और क्रूरता से… मुझे तोड़ दो।”
उस रात मैंने उनकी गांड में दो बार माल भरा। उनकी चूत इतनी फूल गई थी कि चलना मुश्किल हो गया था। लेकिन वे मुस्कुरा रही थीं। “राहुल, तुम दुनिया के सबसे बेस्ट लवर हो। तुम्हारे बिना अब मेरा जीना मुश्किल है।”
हमारी ये गर्मागर्म, बर्बर और बेजोड़ देसी भाभी चुदाई स्टोरी आज भी जारी है। गांव में कोई नहीं जानता कि शरीफ राहुल और प्रिया भाभी के बीच क्या चल रहा है। लेकिन हर रात, हर मौके पर हम दोनों एक-दूसरे को बर्बर तरीके से चोदते हैं। अगर आप भी ऐसी भाभी चाहते हैं तो किस्मत आजमाओ।
ये कहानी खत्म नहीं होती… बस एक नई शुरुआत का इंतजार है। आपका लंड अब कितना तन गया होगा? कल्पना कीजिए – प्रिया जैसी मोटी गांड वाली भाभी आपके सामने घुटनों पर, मुंह खोले, आंखों में दर्द और वासना… तैयार आपके हर क्रूर आदेश के लिए। पढ़ते रहिए, मजे लीजिए, और अगली कहानी का इंतजार कीजिए।
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