19 साल की टाइट वर्जिन कियारा को 24 साल का मसल्ड आर्यन कार, फार्महाउस और होटल में रस्सी-चेन से बांधकर बेरहमी से चोदता है। खून, आंसू, थप्पड़, गला दबाकर और गांड फोड़कर उसे पूरी रंडी बना देता है।
नमस्ते दोस्तों, मैं आर्यन (नाम बदला हुआ)। मैं लखनऊ (उत्तर प्रदेश) से हूँ। मेरी हाइट 6 फीट है, शरीर एथलेटिक और मसल्ड है, रंग गोरा लेकिन चेहरे पर एक खतरनाक आकर्षण। मैं 24 साल का हूँ, इंजीनियरिंग पूरा करके अभी जॉब कर रहा हूँ। ये मेरी पहली वर्जिन चूत फुकिंग स्टोरी है, लेकिन इतनी खतरनाक, इतनी क्रूर और इतनी इंटेंस कि एक बार शुरू करोगे तो अंत तक बिना रुके नहीं पढ़ पाओगे।
साल था 2022। मैंने कॉलेज के बाद एक पार्टी में कियारा से मुलाकात की। कियारा 19 साल की थी, कॉलेज की सेकंड ईयर स्टूडेंट। उसका शरीर जैसे किसी देवी का – 5.4 फीट हाइट, गोरा रंग, लंबे काले बाल, और वो कर्वी फिगर जो हर लड़के की नींद उड़ा दे। उसके ब्रेस्ट 34D के थे, कमर पतली, गांड गोल और उभरी हुई। वो पहली नजर में ही मेरी हो गई थी। हमारी बातें शुरू हुईं, चैटिंग, मीटिंग्स, और कुछ ही हफ्तों में वो मेरी गर्लफ्रेंड बन गई।
उसका जन्मदिन 25 अगस्त को था। मैंने उसे सरप्राइज देने का प्लान बनाया। दिन भर हम लखनऊ के हजरतगंज घूमे, आइसक्रीम खाई, मूवी देखी। शाम को मैंने उसे एक महंगा परफ्यूम और एक डायमंड पेंडेंट गिफ्ट किया। वो खुशी से झूम उठी। वापसी में कार में बैठे हुए उसने मेरे गाल पर किस किया और कान में फुसफुसाया, “आज मैं तुम्हें कुछ स्पेशल गिफ्ट दूंगी, बाबू।”
कार पार्किंग से बाहर निकलते ही वो मुझे एक सुनसान गली में ले गई, जहां पुराना एक पुराना बंगला था। वहां पीछे अंधेरा कोना था। उसने मुझे दीवार से सटा दिया और जोरदार किस किया। उसके होंठ मेरे होंठों को चूस रहे थे, जीभ अंदर डालकर नाच रही थी। मेरे हाथ उसके हिप्स पर थे, उसे अपनी तरफ खींच रहा था। वो पहली किस थी हम दोनों की, लेकिन जैसे सालों से भूखे हों। 5 मिनट तक हम एक-दूसरे को चबा रहे थे। उसके निप्पल्स मेरी छाती से रगड़ खा रहे थे। मैंने उसके बाल पकड़कर सिर पीछे खींचा और गले पर काट लिया। वो सिहर गई, “आर्यन… धीरे…”
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लेकिन मैं धीरे नहीं करना चाहता था। मैंने उसे घुमा दिया, उसकी पीठ मेरी छाती से सटाई और उसके बूब्स को पीछे से मसलने लगा। वो हांफ रही थी। “आज रात कुछ और होने वाला है,” मैंने उसके कान में गुर्राकर कहा।
जन्मदिन के बाद कुछ दिन गुजरे। 25 अगस्त की रात, ठीक 2:30 बजे फोन पर बात चल रही थी। कियारा नाइट सूट में लेटी हुई थी। मैंने सीधा कहा, “आज तेरी चूत फोड़नी है मुझे। अभी।”
वो हिचकिचाई, “कहां? घर पर सब सो रहे हैं। रात बहुत हो गई है।”
“मैं 15 मिनट में तेरे घर के बाहर हूं। बाहर निकल आना। वरना जबरदस्ती अंदर आ जाऊंगा।”
मैंने अपनी SUV की चाबी ली, चुपके से घर से निकला और उसके इलाके पहुंच गया। उसने डरते-डरते बाहर आकर कार में बैठ गई। नाइट ड्रेस में वो आग लग रही थी – बिना ब्रा के उसके ब्रेस्ट उभरे हुए थे, निप्पल्स साफ दिख रहे थे। मैंने तुरंत उसे पिछली सीट पर खींच लिया।
किसिंग शुरू हुई तो जैसे जंग छिड़ गई। मैं उसके बाल जोर से पकड़कर उसके मुंह को रेप कर रहा था। उसके होंठ फट गए थे, खून का स्वाद आ रहा था। वो भी मेरी शर्ट फाड़ने की कोशिश कर रही थी। मैंने उसके नाइट ड्रेस को ऊपर किया और ब्रेस्ट को जोर से मसल लिया।
“आह… दर्द हो रहा है!” वो चीखी, लेकिन मैंने और जोर से दबाया। निप्पल्स को उंगलियों में पकड़कर खींचा, ट्विस्ट किया। वो कराह रही थी, लेकिन उसकी आंखों में वासना थी।
मैंने उसे पूरी तरह नंगा कर दिया। उसकी चूत पर हल्के बाल थे, गुलाबी और टाइट। मैंने उसके पैर फैलाए और चूत को चाटना शुरू किया। जीभ अंदर डालकर चूस रहा था। वो मेरे बाल नोच रही थी, “आर्यन… बस करो… मैं मर जाऊंगी!” लेकिन मैं रुका नहीं। दो उंगलियां अंदर डालकर तेजी से फिंगर फकिंग की। उसकी चूत से पानी निकलने लगा।
फिर उसने मेरा पैंट खोला। मेरा 7.5 इंच का मोटा, नसों वाला लंड बाहर आया। वो डर गई, “ये… ये अंदर कैसे जाएगा? बहुत बड़ा है!”
“चुप! मुंह में ले!” मैंने उसके बाल पकड़कर लंड उसके मुंह में ठूंस दिया। गला फाड़ते हुए डीप थ्रोट किया। वो उबकाई ले रही थी, आंसू बह रहे थे, लेकिन मैंने 10 मिनट तक उसका मुंह चोदा। लार उसके चेहरे पर बह रही थी।
अब असली खेल शुरू हुआ। मैंने उसे सीट पर लिटाया, पैर कंधों पर रखे। लंड को उसकी चूत पर रगड़ा। वो गीली हो चुकी थी, लेकिन अभी भी वर्जिन थी। मैंने जोर का झटका मारा। लंड का टॉप आधा घुसा। “आआआह…!” वो चीख पड़ी, चूत फटने का दर्द। खून निकलने लगा।
“रो मत रंडी! आज तेरी चूत मेरी है!” मैंने और जोर से धक्का दिया। पूरा लंड एक झटके में उसके अंदर चला गया। उसकी चूत फट गई, खून सीट पर बह रहा था। वो जोर-जोर से रो रही थी, नाखून मेरी पीठ पर गड़ रहे थे। मैं रुका नहीं। पूरा लंड निकाला और फिर पूरी ताकत से अंदर मारा। बेडरूम जैसी आवाजें भर रही थीं कार में – चप-चप-चप।
वो दर्द से तड़प रही थी, “बस करो… प्लीज… बहुत दर्द है!” लेकिन मैं क्रूर था। उसके गले पर हाथ रखकर हल्का दबाया, दूसरे हाथ से ब्रेस्ट थपथपाए। स्पीड बढ़ाई। 15 मिनट तक लगातार चोदा। धीरे-धीरे उसका दर्द कम हुआ और वो “आह… आह… हां… और जोर से!” करने लगी।
मैंने उसे घुमाया, डॉगी स्टाइल में। गांड पर जोरदार थप्पड़ मारे – लाल निशान पड़ गए। बाल खींचे, लंड पूरी गहराई तक मारा। उसकी चूत अब मेरे लंड को चूस रही थी। मैंने उंगली उसकी गांड में डाली, “अगली बार ये भी फोडूंगा।”
वो झड़ गई, पूरा शरीर कांप उठा। लेकिन मैंने नहीं रोका। उसे अपनी गोद में बिठाया, काउगर्ल पोजिशन में। उसके ब्रेस्ट मुंह में लेकर चूसता हुआ, नीचे से जोर-जोर से चोदता रहा। वो चीख रही थी, “मैं तुम्हारी हूँ… चोदो मुझे… फाड़ दो!”
दूसरी राउंड में मैंने उसे और क्रूर तरीके से लिया। हाथ पीछे बांधे, चोदते वक्त गले दबाया, थप्पड़ मारे। तीसरी बार उसके मुंह में झड़ने के बाद भी मैं रुका नहीं। पूरी रात हमने कार में बिताई। सीट खून और उसके पानी से तर थी।
सुबह होने से पहले मैंने उसे घर छोड़ा। वो लंगड़ाते हुए गई, लेकिन चेहरे पर संतुष्टि थी। “कल फिर आना,” उसने कहा।
घर पहुंचकर मैंने कार साफ की, लेकिन उसकी चूत की खुशबू अभी भी थी। रात भर नींद नहीं आई। सुबह होते ही उसका मैसेज आया – “बाबू, अभी भी दर्द हो रहा है… लेकिन कल रात का मजा याद आ रहा है। कब मिलोगे?”
मैं मुस्कुराया। अब खेल असली वाला शुरू होने वाला था।
दूसरे दिन शाम को मैंने उसे कॉलेज से उठाया। घर ले जाने की बजाय मैं उसे लखनऊ के बाहर एक सुनसान फार्महाउस ले गया, जो मेरे दोस्त का था। वहां कोई नहीं था, सिर्फ पुरानी लकड़ी की मेजें, चेन और रस्सियां। कियारा डरते हुए अंदर आई। “ये जगह कैसी है? अंधेरा है।”
मैंने दरवाजा बंद किया, लॉक कर दिया और उसे दीवार से सटा दिया। “आज से तू मेरी स्लट है। समझी? बोल – मैं आर्यन की रंडी हूं।”
वो शर्मा गई, लेकिन मैंने उसके बाल जोर से खींचे, “बोल!”
“मैं… आर्यन की रंडी हूं…” उसकी आवाज कांपी।
मैंने तुरंत उसके कपड़े फाड़ दिए। ब्रा और पैंटी नोचकर फेंक दी। नंगा करके उसे घुटनों पर बैठा दिया। मेरा 7.5 इंच का मोटा लंड बाहर निकाला और उसके मुंह में ठेल दिया। “चूस रंडी! गला फाड़कर।” मैंने उसके सिर को दोनों हाथों से पकड़कर जबरदस्ती डीप थ्रोट किया। वो उबकाई ले रही थी, आंसू बह रहे थे, नाक से बलगम निकल रहा था, लेकिन मैं रुका नहीं। 20 मिनट तक उसके मुंह को पम्प किया। फिर उसके चेहरे पर झड़ दिया। वीर्य उसके मेकअप को बिगाड़ रहा था।
“अब असली सजा शुरू होती है।” मैंने उसे उठाकर पुरानी मेज पर लिटाया। उसके हाथ-पैर फैलाकर रस्सियों से बांध दिए। पूरी तरह स्प्रेड ईगल। फिर मैंने अपनी बेल्ट निकाली। “20 थप्पड़ मारूंगा तेरी चूत और गांड पर। गिनती गलत हुई तो दोबारा शुरू।”
पहला थप्पड़ चूत पर पड़ा – चटाक! वो चीख उठी। दूसरा, तीसरा… दसवें तक उसकी चूत लाल और सूजी हुई थी, पानी बह रहा था। गांड पर मारते हुए मैंने उंगलियां अंदर डालीं। “आज तेरी गांड भी फोड़ूंगा।”
वो रोते हुए बोली, “नहीं प्लीज… पहली बार है… बहुत दर्द होगा।”
“दर्द ही तो मजा है, मेरी स्लट।” मैंने लंड पर थूक लगाया और उसकी गांड पर दबाव डाला। टॉप घुसते ही वो जोर से चिल्लाई। मैंने मुंह पर हाथ रख दिया और आधा लंड एक झटके में अंदर कर दिया। खून निकला। उसकी आंखें बाहर निकल रही थीं। मैंने पूरा लंड अंदर-बाहर करना शुरू किया। गांड फट रही थी, लेकिन मैं क्रूरता से चोदता रहा।
साथ में उसकी चूत में तीन उंगलियां डालकर फिंगर फकिंग करता रहा।
करीब 30 मिनट बाद वो पहली बार गांड में झड़ गई। शरीर थरथरा रहा था। मैंने रस्सियां खोलीं, उसे कुत्ते की तरह घुटनों पर खड़ा किया और फिर से चोदा – चूत, मुंह, गांड, बारी-बारी। उसके ब्रेस्ट पर काटने के निशान, गले पर हिक्की और थप्पड़ों के लाल छापे। रात भर मैंने उसे हर तरीके से इस्तेमाल किया। सुबह तक वो इतनी थक गई कि उठ नहीं पा रही थी।
इसके बाद हमारे मिलने का सिलसिला रोज का हो गया। एक दिन मैंने उसे अपने फ्लैट पर बुलाया। दरवाजा खुलते ही मैंने उसे अंदर खींचा और फ्लोर पर गिरा दिया। “कपड़े उतार और घुटनों पर बैठ।”
वो आज्ञाकारी बन गई। मैंने कॉलर और चेन निकाली, उसके गले में बांध दिया। “आज तू पेट वाली कुत्ती बनेगी।” मैंने उसे चेन से घसीटते हुए पूरे फ्लैट में घुमाया। फिर बालकनी में ले जाकर, जहां पड़ोस दिख रहा था, उसे झुकाया और बालकनी की रेलिंग पकड़वाकर खड़े-खड़े चोदा। कोई देख ले तो देख ले – मुझे परवाह नहीं थी। उसकी चीखें दबाने के लिए मुंह में कपड़ा ठूंस दिया।
फिर अंदर लाकर मैंने उसे टेबल पर बांधा। मोमबत्ती जलाई और उसके ब्रेस्ट, पेट, जांघों पर गर्म मोम टपकाया। वो तड़प रही थी, “आह… जल रहा है… बस करो!” लेकिन उसकी चूत से रस टपक रहा था। मैंने मोम ठंडा होने के बाद खुरच-खुरचकर साफ किया और फिर लंड से चोदना शुरू किया। इस बार मैंने उसे चोक कर लिया – गला दबाकर, सांस रोककर, फिर छोड़कर। वो बेहोश होने वाली थी, लेकिन हर बार झड़ जाती।
एक हफ्ते बाद मैंने उसे और आगे ले जाने का फैसला किया। हम लखनऊ के एक मॉल गए। शॉपिंग के दौरान मैंने उसे ट्रायल रूम में खींच लिया। “चुपचाप पैंटी उतार।” वहां मैंने उसे दीवार से सटाकर खड़े-खड़े चोदा। बाहर लोग आवाजें कर रहे थे, वो डर के मारे कांप रही थी, लेकिन मेरे लंड की धुन पर झूम रही थी। झड़ते वक्त मैंने उसके मुंह पर हाथ रख दिया।
रात को घर लाकर मैंने असली BDSM सेशन किया। ब्लैक आउट रूम, जहां सिर्फ लाल लाइट थी। मैंने उसे चेन से छत से लटका दिया – हाथ ऊपर बंधे, पैर अलग। फिर व्हिप निकाला। हल्के-हल्के लेकिन तेज वार। उसकी पीठ, गांड, जांघें लाल हो गईं। “मालिक… प्लीज… मैं और सह नहीं सकती,” वो रो रही थी।
“सहना पड़ेगा, रंडी।” मैंने क्लैम्प्स उसके निप्पल्स पर लगाए, खींचा। फिर लंड उसके मुंह, चूत और गांड में बारी-बारी मारा। तीन घंटे तक लगातार। वो कई बार झड़ चुकी थी। आखिर में मैंने उसे नीचे उतारा, उसके चेहरे पर बैठकर मुंह चोदा और पूरा वीर्य गले के अंदर उतार दिया।
अब कियारा पूरी तरह बदल चुकी थी। वो खुद मांगने लगी – “मालिक, आज मुझे मारो… फाड़ दो… गांड फोड़ो… गला दबाओ।” हमने कई पब्लिक रिस्की जगहों पर सेक्स किया – सिनेमा हॉल की पिछली सीट पर, पार्क में अंधेरे कोने में, यहां तक कि मेरी कार में हाईवे पर चलते-चलते।
एक खास रात याद आती है। मैंने उसे होटल बुक किया। स्वीट में एंट्री करते ही मैंने उसे पूरी तरह नंगा किया और बेड पर चारों खाने चढ़ा दिया। हाथ-पैर बांधे। फिर आइस क्यूब्स से उसकी चूत को ठंडा किया, उसके बाद गर्म तेल डाला। वो पागल हो रही थी। मैंने दोस्तों से बात की (कैमरे पर) और उसे दिखाया कि कितने लोग देख रहे हैं। शर्म से उसका चेहरा लाल हो गया, लेकिन चूत और गीली हो गई।
उस रात मैंने उसे तीन घंटे तक लगातार चोदा। हर पोजिशन – मिशनरी, डॉगी, काउगर्ल, स्टैंडिंग, रिवर्स। गांड में डबल पेनेट्रेशन के लिए डिल्डो यूज किया। उसके शरीर पर काटने, चूसने, थप्पड़ मारने के निशान भर गए। वो चीखती रही, रोती रही, लेकिन हर बार “और… और जोर से मालिक!” कहती रही।
सुबह जब वो उठी तो चल नहीं पा रही थी। चूत और गांड सूजी हुई थी, लेकिन आंखों में संतुष्टि थी। “तुमने मुझे पूरी तरह अपनी बना लिया है,” उसने कहा।
ये सिलसिला महीनों चला। मैंने उसे हर तरह की क्रूरता, हर तरह की खुशी दी। कभी मैं उसे अकेला छोड़ देता, वो खुद रो-रोकर मैसेज करती – “मुझे मारो प्लीज।” हमारी कहानी अब सिर्फ सेक्स की नहीं, पूरी तरह डोमिनेंस और सबमिशन की बन चुकी थी।
अगर तुम्हें ये खतरनाक सफर पसंद आया हो तो बताओ। अगली कहानी में मैं बताऊंगा कैसे मैंने कियारा को उसके दोस्तों के सामने ह्यूमिलिएट किया और ग्रुप एक्सपीरियंस दिया। लेकिन वो और भी क्रूर और बोल्ड होगा।
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