28 साल के राहुल का 7 इंच का मोटा लंड 36 साल की शादीशुदा भाभी प्रिया की चूत और गांड फाड़ने के लिए बेताब है। दीवार, किचन, बालकनी और रिजॉर्ट में बेरहमी से चोदाई, थप्पड़, दांत और गला दबाकर की गई जंगली रातें। भूखी भाभी की बेशर्म गुलामी की अनगिनत खतरनाक कहानी Desi Sex Stories Porn Videos।
मेरा नाम राहुल है। उम्र 28 साल। मैं एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूँ और मुंबई के अंधेरी इलाके में रहता हूँ। मेरा बदन एथलेटिक है, कसरत की वजह से छाती चौड़ी और कंधे मजबूत। मेरा लंड 7 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा है – जब खड़ा होता है तो जैसे कोई पत्थर का खंभा। मुझे लड़कियों से ज्यादा शादीशुदा भाभियों और आंटियों का दीवाना हूँ। उनकी परिपक्व देह, भारी स्तन, चौड़ी कमर और अनुभवी चूत मुझे पागल कर देती है।
अब तक मैं कई भाभियों को चोदा हूँ – कुछ होटल में, कुछ उनकी ही घर की चारपाई पर, लेकिन यह कहानी सबसे खतरनाक और जुनूनी वाली है।
पिछले साल की बात है। मैं अपने एक दोस्त का नंबर सेव कर रहा था। गलती से एक अंक गलत टाइप हो गया। मैंने ध्यान नहीं दिया। कुछ दिन बाद व्हाट्सएप पर मैसेज चेक करते वक्त मैंने देखा कि उस नंबर पर एक बेहद सेक्सी औरत की डीपी लगी हुई थी। गोरा-गोरा चेहरा, गहरी आँखें, और ब्लाउज से फटते हुए 36D के स्तन। मैं मुस्कुराया और मजे लेने के लिए मैसेज कर दिया – “हाय, क्या हाल है?”
दूसरे दिन सुबह रिप्लाई आया – “कौन हो तुम?”
मैंने लिखा, “राहुल। गलती से नंबर सेव हो गया था। आप कौन?”
उसने जवाब दिया, “मेरा नाम प्रिया है।”
प्रिया 36 साल की थी। शादीशुदा। दो बच्चों की माँ। उसका पति एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में मैनेजर था, जो अक्सर बाहर रहता था। उसका फिगर 36-34-38 था – भारी-भारी गांड, मोटी जांघें और कमर में वो मांसलपन जो भाभियों को औरत बनाता है। चेहरे पर हल्की मासूमियत थी लेकिन आँखों में छुपी हुई भूख साफ दिखती थी।
धीरे-धीरे हमारी बातें बढ़ने लगीं। रोज रात को 11 बजे उसके मैसेज आने लगे। पहले तो साधारण बातें – मौसम, काम, बच्चों की। फिर मैंने हल्के-हल्के फ्लर्ट शुरू किया। “भाभी, आपकी फोटो देखकर नींद नहीं आ रही।” उसने शरमाते हुए इमोजी भेजा लेकिन ब्लॉक नहीं किया।
एक हफ्ते बाद बातें सेक्स तक पहुँच गईं। मैंने उसे अपनी फोटो भेजी – शर्ट के बटन खुले हुए, छाती दिखती हुई। उसने लिखा, “वाह राहुल, तुम तो काफी मर्द लगते हो।” मैंने पूछा, “आपके पति कितने बड़े हैं?” उसने जवाब दिया, “बस 4 इंच। वो जल्दी झड़ जाते हैं।” उसकी ये बात सुनकर मेरा लंड तन गया।
मैंने मिलने की जिद की। पहले तो उसने बहुत मना किया। “बच्चे हैं, पति का डर है।” लेकिन मैंने उसे मनाया। “बस एक बार मिल लो, कुछ नहीं होगा।”
एक दिन मैं लोअर परेल के एक मॉल में था। मैंने उसे बताया। वो बोली, “मैं भी पास में शॉपिंग के लिए आई हूँ। आ सकती हूँ।” मैंने अपना दोस्त भगा दिया और उसका इंतजार करने लगा।
थोड़ी देर बाद उसका कॉल आया। “मैं नीचे हूँ, नीली साड़ी में।” मैंने नीचे देखा। वो सच में नीली साड़ी में खड़ी थी – ब्लाउज इतना टाइट कि स्तन फटने को तैयार। मैंने उसे ऊपर बुलाया। जब वो आई तो मेरी साँसें रुक गईं। इतनी खूबसूरत और सेक्सी भाभी मैंने पहले नहीं देखी थी।
हमने कॉफी शॉप में बैठकर बात की। उसकी आँखें बार-बार मेरे लंड पर जा रही थीं। मैंने उसका हाथ पकड़ा और बोला, “प्रिया, तुम्हें छूना चाहता हूँ।” वो शरमा गई लेकिन हाथ नहीं छुड़ाया।
फिर हमने प्लान बनाया। अगले दिन वो घर से “डॉक्टर के पास” बोलकर निकली। मैंने अंधेरी में एक अच्छा होटल बुक कर लिया। सुबह 9 बजे वो पहुँची। साड़ी में थी, लेकिन इस बार ब्लाउज और भी गहरा कटा हुआ।
रूम में घुसते ही मैंने दरवाजा बंद किया और उसे दीवार से सटा दिया। उसके होंठों पर भूखे जानवर की तरह चूमने लगा। उसकी साड़ी की पल्लू गिर गई। मैंने उसके भारी स्तनों को दोनों हाथों से मसलना शुरू किया। “आह राहुल… धीरे…” वो कराह रही थी।
मैंने उसकी साड़ी पूरी उतार दी। वो अब सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी। ब्लाउज के हुक तोड़ते हुए मैंने उसके 36D स्तन बाहर निकाले। ब्राउन निप्पल पहले से ही खड़े थे। मैंने एक निप्पल मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। दूसरा स्तन मसलते हुए। प्रिया मेरे बाल खींच रही थी और कराह रही थी – “चूसो राहुल… और जोर से… हां!”
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मैंने उसे बेड पर पटक दिया। पेटीकोट और पैंटी उतार दी। उसकी चूत साफ शेव की हुई थी, लेकिन अब गीली होकर चमक रही थी। मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर फेरनी शुरू की। क्लिटोरिस को चूसते हुए दो उँगलियाँ अंदर डाल दीं। प्रिया पागल हो गई। उसकी कमर ऊपर-नीचे हो रही थी। “फाड़ दो मेरी चूत… आज मुझे पूरी तरह चोद दो!”
मैंने अपना पैंट उतारा। जब उसने मेरा 7 इंच का मोटा लंड देखा तो उसकी आँखें फैल गईं। “ये तो घोड़े का है… मेरी चूत फट जाएगी!” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “आज फटेगी भी और भर भी जाएगी।”
उसने लंड मुंह में लिया। शुरुआत में सिर्फ टॉप, फिर धीरे-धीरे पूरा मुंह में लेने की कोशिश करने लगी। गैग हो रही थी लेकिन छोड़ नहीं रही थी। सलाइवा उसके मुंह से बह रहा था। मैंने उसके सिर को पकड़कर गले तक लंड ठूंस दिया।
फिर मैंने उसे कुत्ते की मुद्रा में किया। उसकी मोटी गांड ऊपर थी। मैंने लंड की नोक उसकी चूत पर रखी और एक जोरदार धक्का मारा। आधा लंड घुस गया। प्रिया चीख पड़ी – “आआह… मार डाला!” मैंने रुककर उसके स्तन दबाए और फिर पूरा लंड एक झटके में अंदर ठोक दिया।
अब मैं बेरहमी से चोदने लगा। हर थ्रस्ट पर उसके गांड के मांस लहरा रहे थे। “चोदो राहुल… जोर से… फाड़ दो इस रंडी भाभी की चूत!” वो चिल्ला रही थी। मैंने उसके बाल खींचे, गर्दन पर काटा, स्तनों को थप्पड़ मारे। 25 मिनट तक लगातार पेलता रहा।
पोजीशन बदली। उसे ऊपर बिठाया और घोड़ी बनाकर चोदा। फिर मिशनरी में। आखिर में मैंने उसके मुंह में झड़ने वाला था लेकिन वो बोली, “अंदर डाल दो… मुझे प्रेग्नेंट कर दो।” मैंने उसके अंदर ही पूरा माल भर दिया।
हम थके हुए लेटे थे। लेकिन सिर्फ 40 मिनट बाद मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। इस बार मैंने उसकी गांड मारी। पहले उँगलियों से तैयार किया, फिर लंड घुसाया। प्रिया दर्द और मजे से चीख रही थी। “पहली बार गांड मरवा रही हूँ… और जोर से!”
हमने उस दिन तीन राउंड चोदाई की। होटल से निकलते वक्त उसकी चाल लड़खड़ा रही थी।
इसके बाद हमारा सिलसिला चल पड़ा। कभी उसके पति के बाहर होने पर मैं उसके घर गया। बच्चों को स्कूल भेजकर उसने मुझे अंदर बुलाया। उस दिन उसने सिर्फ ट्रांसपेरेंट नाइट सूट पहना था। मैंने उसे किचन में ही बेंड करके चोदा। फिर बेडरूम, फिर बालकनी में। उसकी चीखें दबाने के लिए मुंह पर हाथ रखना पड़ता था।
एक बार बारिश के मौसम में हम गोरेगांव के एक रिजॉर्ट गए। पूरे दिन हमने रूम में बंद रहकर चुदाई की। मैंने उसे 6 बार चोदा – हर बार अलग स्टाइल में। उसकी चूत, गांड और मुंह सब मेरे लंड से भरे रहे।
प्रिया अब मेरी पूरी गुलाम बन चुकी थी। वो कहती, “तुम्हारा लंड मिलने के बाद मेरे पति का कुछ नहीं लगता। मैं रोज तुम्हें याद करके उँगली करती हूँ।”
हमारा ये खतरनाक अफेयर अब भी चल रहा है। कभी-कभी वो मुझे वीडियो कॉल पर अपनी चूत दिखाती है और कहती है, “जल्दी आओ… ये भाभी की चूत तुम्हारे लंड के लिए तरस रही है।” लेकिन असली मज़ा तो तब शुरू हुआ जब हमने सारे डर को ताक पर रख दिया।
एक शाम प्रिया ने मुझे मैसेज किया, “राहुल, आज पति रात को शिफ्ट में जा रहा है। बच्चे नानी के घर हैं। घर खाली है। आना है तो आ जाओ… लेकिन जल्दी।” मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैंने बाइक उठाई और अंधेरी से उसके घर की तरफ दौड़ पड़ा। रास्ते में बारिश शुरू हो गई, लेकिन मैं रुका नहीं। उसके फ्लैट के नीचे पहुँचकर मैंने कॉल किया। वो खुद नीचे आई, सिर पर दुपट्टा ओढ़े। सीढ़ियाँ चढ़ते वक्त ही मैंने उसकी कमर पकड़ ली और उसके गाल पर जोरदार काट लिया। “आह… धीरे मर्डरर!” वो फुसफुसाई लेकिन उसकी आँखों में आग थी।
घर के अंदर घुसते ही मैंने दरवाजा बंद किया और उसे सीधा दीवार से पटक दिया। उसकी साड़ी खींचकर पल्लू गिरा दिया। ब्लाउज के बटन तोड़ते हुए मैंने उसके भारी 36D स्तनों को बाहर निकाला। निप्पल पहले से ही सख्त थे। मैंने एक स्तन को इतनी जोर से चूसा कि वो चीख पड़ी। “चूसो राहुल… फाड़ दो इनको… ये तुम्हारे ही हैं!” मैंने उसके दूसरे स्तन पर दांत गड़ा दिए। खून की हल्की सी लकीर निकल आई लेकिन वो पागल होकर मेरे बाल खींच रही थी।
मैंने उसे उठाकर किचन की काउंटर पर बिठा दिया। पेटीकोट और पैंटी एक झटके में नीचे। उसकी चूत पहले से ही रस से लथपथ थी। मैंने घुटनों के बल बैठकर उसकी चूत पर हमला बोल दिया। जीभ अंदर डालकर चूत की दीवारें चाटने लगा। दो उँगलियाँ डालकर तेजी से अंदर-बाहर करने लगा। प्रिया काउंटर पर पसर गई, पैर मेरे कंधों पर रखकर चीख रही थी – “फाड़ दो राहुल… अपनी भाभी की रंडी चूत को फाड़ दो… हां और जोर से!” उसकी चूत से पानी बह रहा था। मैंने क्लिटोरिस को दांतों से दबाया तो वो झड़ गई, पूरा शरीर काँप उठा।
लेकिन मैं रुका नहीं। अपना 7 इंच का मोटा लंड बाहर निकाला। उसने देखा और लार टपकाने लगी। “ये जानवर आज मुझे मार डालेगा।” मैंने उसे काउंटर से उतारा, मोड़ा और पीछे से एक ही झटके में पूरा लंड उसकी चूत में ठोक दिया। “आआआह… मर गई!” उसकी चीख पूरे फ्लैट में गूंज गई। मैंने उसके बाल खींचे और घोड़े की तरह पेलना शुरू किया। हर धक्के पर उसके मोटे गांड के मांस लहरा रहे थे। थप्पड़ मारता हुआ, “ले रंडी भाभी… ले मेरे लंड की सजा!” वो चिल्ला रही थी, “हां चोदो… अपनी गुलाम भाभी को चोदो… पति की चूत को अपना बना लो!”
हमने किचन में ही 20 मिनट तक चुदाई की। फिर मैंने उसे बेडरूम में घसीटा। बेड पर पटका और उसके पैर कंधों पर रखकर मिशनरी में घुसा। इस बार और भी गहराई तक। उसकी आँखें उलट गईं। मैंने उसके गले पर हाथ रखकर हल्का दबाया और लगातार पेलता रहा। “मुझे मार डालो राहुल… लेकिन चोदते रहो!” उसकी चूत मेरे लंड को निचोड़ रही थी।
फिर मैंने उसे कुत्ते वाली मुद्रा में किया। उसकी गांड ऊपर, चेहरा तकिए में दबा। मैंने लंड उसकी गांड के छेद पर रखा। “नहीं राहुल… आज पहली बार… धीरे!” लेकिन मैं बेरहम था। थूक लगाकर एक जोरदार धक्का मारा। आधा लंड अंदर चला गया। प्रिया दर्द से चीखी लेकिन मैंने रुककर नहीं। पूरा लंड उसकी गांड में ठेल दिया। अब मैं जानवर बन चुका था। उसके गांड को फाड़ते हुए तेज-तेज धक्के। उसके स्तनों को पीछे से मसलता, थप्पड़ मारता। “ले मेरी गांड… फाड़ दो इसे… तुम्हारी रंडी हूँ मैं!” वो रोते हुए भी मज़ा ले रही थी।
उस रात हमने चार राउंड चोदाई की। आखिरी राउंड में मैंने उसे बालकनी में ले जाकर चोदा। बाहर बारिश हो रही थी, नीचे लोग गुजर रहे थे। वो डर रही थी लेकिन मैंने उसे रेलिंग पकड़वाकर पीछे से चोदा। उसकी चीखें बारिश में दब गईं लेकिन रिस्क का मज़ा ही कुछ और था। मैंने उसके अंदर ही झड़ दिया। गर्म वीर्य उसकी चूत और गांड दोनों में भरा हुआ था।
इसके बाद हमारे मिलने का सिलसिला और खतरनाक हो गया। एक बार उसके पति के घर पर ही हमने किया। पति बाथरूम में नहा रहा था, हम लिविंग रूम में। वो मुझे चूस रही थी जब पति ने आवाज दी। वो जल्दी से उठी और मैं बाथरूम के पास छुप गया। पति बाहर आया तो प्रिया ने बहाना बनाया। जैसे ही पति सो गया, हम बालकनी में गए और वहाँ खड़े-खड़े चुदाई की। उसकी साड़ी कमर तक ऊपर, मैं पीछे से घुसा हुआ। पति के सोने की आवाज आ रही थी और हम चोद रहे थे। वो फुसफुसा रही थी, “ये पागलपन है राहुल… लेकिन रुक मत!”
एक और यादगार दिन – हम गोरेगांव के एक लग्जरी रिजॉर्ट गए। पूरे वीकेंड के लिए। रूम में घुसते ही मैंने उसे नंगा किया और बेड पर बाँध दिया। हाथ-पैर बेड से बंधे। फिर मैंने उसके पूरे शरीर पर आइस क्यूब्स फेरना शुरू किया। ठंड से वो काँप रही थी। फिर गर्म तेल डाला और मालिश करते हुए उँगलियाँ चूत में घुसाईं। वो तड़प रही थी, “चोद दो मुझे… बाँधकर फाड़ दो!”
मैंने उसे घंटों तक tease किया। लंड उसके मुंह में, चूत में, गांड में घुसाता लेकिन झड़ता नहीं। वो रो रही थी, भीख माँग रही थी। आखिर जब मैंने उसे खोल दिया तो वो खुद मेरे ऊपर चढ़ गई। घोड़ी बनकर मेरे लंड पर बैठ गई और पागलों की तरह कूदने लगी। उसके भारी स्तन उछल रहे थे। मैंने नीचे से उसके स्तनों को थप्पड़ मारे, निप्पल खींचे। “रंडी बन जा… मेरी व्यक्तिगत चुदाई वाली भाभी!” वो चीख रही थी, “हां मैं रंडी हूँ… सिर्फ तुम्हारी!”
उस वीकेंड हमने 15 से ज्यादा राउंड चोदाई की। हर कोने में – शावर में, स्विमिंग पूल के पास, जिम में, यहाँ तक कि रिजॉर्ट की छत पर रात को। उसकी चूत, गांड और मुंह मेरे वीर्य से भरे रहे। उसने कहा, “अब मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती। पति तो बस नाम का है।”
एक दिन उसने मुझे चौंकाने वाला ऑफर दिया। “मेरी एक सहेली है, रश्मि। वो भी भाभी है। उसका पति भी बाहर रहता है। अगर तुम चाहो तो…” मैंने हामी भर दी। अगले हफ्ते हम तीनों मिले। प्रिया ने रश्मि को पहले ही तैयार किया था। होटल के रूम में दोनों भाभियाँ मेरे सामने नंगी खड़ी थीं। प्रिया 36D, रश्मि 34C लेकिन ज्यादा टाइट बॉडी वाली।
मैंने दोनों को बारी-बारी चोदा। पहले प्रिया को कुत्ते की तरह, फिर रश्मि को। दोनों को एक साथ चूसवाया। एक का स्तन चूसता, दूसरे की चूत उँगलियों से। फिर दोनों को बेड पर सुलाकर एक के बाद एक चोदा। वो दोनों चीख रही थीं, “चोदो राहुल… हम दोनों भाभियों को एक साथ फाड़ दो!” मैंने दोनों की चूतों में बारी-बारी वीर्य भरा। वो दोनों मेरी गुलाम बन गईं।
अब ये सिलसिला और बढ़ता जा रहा है। प्रिया अब मुझे हर हफ्ते नया प्लान बताती है। कभी कार में हाईवे पर, कभी सिनेमा के पिछले कोने में, कभी उसके ऑफिस के बाद। हर बार ज्यादा बेशर्म, ज्यादा खतरनाक। उसकी भूख कभी कम नहीं होती। वो कहती है, “तुमने मुझे असली औरत बना दिया है। अब ये चूत सिर्फ तुम्हारे लंड के लिए बनी है।”
ये थी मेरी भाभी प्रिया और उसके साथ बढ़ती हुई जंगली कहानी। अभी भी बहुत कुछ बाकी है – और भी गंदे, और भी क्रूर किस्से। अगर दिल चाहे तो बताना, मैं और खोलकर सुनाऊंगा। ये आग कभी बुझने वाली नहीं।
(कहानी जारी रहेगी…)
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