बारिश की रात में फेसबुक से मिले दो मर्दों के साथ बेरहम थ्रीसम। गांड फाड़ चुदाई, गला फाड़ चूसाई, फिस्टिंग और बालकनी पर खुल्लमखुल्ला ब्रूटल सेक्स। वासना की सबसे खतरनाक और बेढंगी रात yeh indian sister sex story app lustystories par padh rhe ho।
एक दिन बारिश की ठंडी बूंदों ने पूरे शहर को भीगा दिया था। दिल्ली की सड़कें चमक रही थीं, हवा में नमी और मिट्टी की खुशबू घुली हुई थी। मैं घर पर अकेला बैठा था, मन में एक अजीब सी बेचैनी। बारिश का मौसम हमेशा से ही मेरी वासना को जगा देता है। ठंडी हवा, भीगी सड़कें, और वो सुहाना मौसम – सब कुछ प्रेम और सेक्स की तरफ खींच ले जाता है। शरीर में एक ज्वाला सी सुलग रही थी। मुझे किसी मर्दाना जिस्म की तलाश थी, जो मेरी भूख को पूरी तरह मिटा सके।
मैंने फेसबुक पर एक पोस्ट डाली – “बारिश के मौसम में कोई मस्त साथी चाहिए, जो रात भर की उड़ान भर सके।” पोस्ट करते ही मैसेजेस की बौछार शुरू हो गई। 15-20 लोग चैट में आ गए। कुछ पुराने जान-पहचान वाले थे, जो मजाक करने लगे। “आज किसकी गांड मारोगे भाई?” “लंड चुसवाने का प्लान है क्या?” “6 इंच का तो कम पड़ जाएगा, 8 इंच वाला ले आओ!” उनकी टांग खिंचाई जारी रही, लेकिन मैं हंसते हुए उनको इग्नोर कर दिया।
अंत में दो नए लड़के बचे। एक था आर्यन, 26 साल का, गोरा, स्मार्ट फेस कट वाला। दूसरा था कबीर, 30 साल का, लंबा-चौड़ा, मस्कुलर बॉडी वाला, जिसकी तस्वीर देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया। कबीर की आंखों में एक जंगली आग थी, जिसने मुझे तुरंत आकर्षित कर लिया। हम तीनों ने बात की। मैंने साफ-साफ कहा, “मुझे लंड चुसवाना और चोदना दोनों बहुत पसंद है। थ्रीसम भी चल जाएगा अगर मूड बने।”
आर्यन को जगह नहीं थी, वह सिर्फ वन-टू-वन चाहता था। कबीर ने तुरंत कहा, “मेरा फ्लैट गुरुग्राम में है। थ्रीसम के लिए तैयार हूं।” आर्यन ने थोड़ी देर सोचा, फिर बोला, “ठीक है, मैं बाद में जॉइन कर लूंगा अगर जगह बन गई।” हमने शाम 7 बजे सिटी सेंटर मॉल के पास मिलने का प्लान बनाया।
मौसम और तेज बारिश हो रही थी। मैं वहां पहुंचा तो दोनों पहले से मौजूद थे। कबीर ने हाथ मिलाया – उसका हाथ इतना मजबूत और गर्म था कि मेरे शरीर में करंट दौड़ गया। 6 फीट 2 इंच लंबा, चौड़ी छाती, पतली कमर, और वो मोटी जांघें। आर्यन 5 फीट 11 इंच का, स्लिम लेकिन टाइट बॉडी वाला। हम तीनों ने कॉफी पीते हुए बातें कीं। मैंने दोनों को बताया कि मुझे रफ और हार्ड सेक्स पसंद है। कबीर मुस्कुराया, “मैं भी ब्रूटल पसंद करता हूं।”
आर्यन के पास जगह नहीं थी, इसलिए वह थोड़ी देर बाद चला गया, वादा करके कि बाद में कॉल करेगा। अब मैं और कबीर अकेले थे। उसने कहा, “चलो मेरे फ्लैट पर। मेरी बाइक है।” मैं पीछे बैठ गया। बारिश अब रुक-रुक कर हो रही थी। सड़क पर ट्रैफिक था, लेकिन कबीर बार-बार अपनी गद्देदार गांड को मेरे खड़े लंड पर रगड़ रहा था। हर ब्रेक पर वह पीछे सरकता और मेरे लंड को अपनी गांड की दरार में दबाता। “मजा आ रहा है ना?” वह हंसकर पूछता।
मैंने दोनों हाथ उसकी जांघों पर रख दिए, उसकी मोटी जांघों को सहलाते हुए उसके लंड तक पहुंचा। ट्रैफिक सिग्नल पर एक हॉट लड़का बाइक पर खड़ा था। हम दोनों उसे घूर रहे थे। मैंने कबीर की जांघ पर चुटकी काटी और उसके लंड की तरफ इशारा किया। वह लड़का हैरान रह गया। ग्रीन सिग्नल होते ही हम हंसते-हंसते आगे बढ़ गए।
कबीर ने रास्ते में कंडोम और कुछ ऑयल खरीद लिए। हम उसके गुरुग्राम के लग्जरी फ्लैट पर पहुंचे। फ्लैट शानदार था – बड़ा लिविंग रूम, किंग साइज बेड वाला बेडरूम, और खुली बालकनी से बारिश की ठंडी हवा आ रही थी। मैंने खिड़कियां खोल दीं। हल्की रोशनी में पूरा माहौल रोमांटिक और सेक्सी हो गया।
हम लिविंग रूम में बैठे। कबीर ने मुझे खींचकर अपनी गोद में बिठा लिया। उसके होंठ मेरे होंठों पर आ गए। वो किस इतना गहरा और जोरदार था कि मेरी सांसें उछलने लगीं। उसकी जीभ मेरी जीभ को चूस रही थी, काट रही थी। मैंने उसकी शर्ट उतार दी। उफ्फ… क्या बॉडी थी! सिक्स पैक एब्स, चौड़ी छाती, और बिल्कुल स्मूद, चिकना बदन। मैं उसके निप्पल्स को चूसने लगा। वह कराह उठा, “और जोर से… काटो इन्हें!”
हम बेडरूम में पहुंचे। लाइट्स डिम थीं। कबीर ने मुझे बेड पर धकेल दिया। मेरी जींस और अंडरवियर एक झटके में उतार दी गई। मेरा 7 इंच का मोटा लंड लोहे की तरह खड़ा था। कबीर ने घुटनों के बल बैठकर उसे मुंह में ले लिया। “आह्ह्ह्ह…!” उसकी गर्म, गीली जीभ मेरे लंड के सिरे को चाट रही थी। वह पूरा लंड मुंह में भरकर जोर-जोर से चूसने लगा। गला गहरे तक ले जा रहा था, फिर बाहर निकालकर फिर से निगल रहा था। सलाइवा की धार बह रही थी।
मैं उसके बाल पकड़कर उसके मुंह में धकेल रहा था। “चूसो और जोर से, गांडू! पूरा मुंह भर दो!” 25 मिनट तक वह मेरे लंड को चूसता रहा। फिर उसने शहद की बोतल निकाली। मेरे लंड पर, गेंदों पर, और गांड पर शहद लगाया। अब चूसने का मजा दोगुना हो गया। वह चटखारे ले-लेकर शहद चाट रहा था। मैंने भी उसके 9 इंच के मोटे, नसों वाले लंड पर शहद लगाया और उसे चूसने लगा। उसका लंड इतना मोटा था कि मेरे मुंह में मुश्किल से समा रहा था। लेकिन मैंने पूरी कोशिश की – गहरे तक ले जाकर चूसा, जीभ से नसों को दबाया। कबीर कराह रहा था, “फक… तुम प्रो हो यार!”
हम 69 पोजीशन में लेट गए। दोनों एक-दूसरे के लंड चूस रहे थे। बारिश की आवाज, ठंडी हवा, और हमारे कराहने की आवाजें – पूरा कमरा वासना से भर गया था। कबीर ने मेरी गांड पर उंगली घुसानी शुरू की। पहले एक, फिर दो। वह मेरी प्रोस्टेट को दबा रहा था। मैं पागल हो रहा था। “चोदो मुझे… अब सह नहीं सकता!”
कबीर ने कंडोम चढ़ाया, लंड पर ऑयल लगाया। उसने मेरे पैर अपने कंधों पर रखे और एक जोरदार धक्का दिया। “आआआह्ह्ह!” उसका मोटा लंड मेरी टाइट गांड में घुस गया। दर्द और मजा एक साथ। वह रुक नहीं रहा। पूरे जोर से चोदने लगा। हर थ्रस्ट इतना ब्रूटल था कि बेड हिल रहा था। “ले… ले मेरी पूरी मोटाई… गांड फाड़ दूंगा आज!”
वह मुझे डॉगी स्टाइल में मोड़कर चोदने लगा। मेरे बाल पकड़कर, गर्दन दबाकर, थप्पड़ मारते हुए। मैं चीख रहा था, लेकिन मजा आ रहा था। “और जोर से… फाड़ दो मेरी गांड!” उसने मेरी कमर पकड़कर इतनी तेजी से मारा कि मेरी आंखों के आगे तारे नाचने लगे। हम पोजीशन बदलते रहे – मिशनरी, राइडिंग, स्टैंडिंग।
कबीर ने मुझे बालकनी की तरफ ले जाकर, बारिश की बूंदों के बीच खड़े-खड़े चोदा। ठंडी बारिश हमारे नंगे बदन पर पड़ रही थी, लेकिन हमारी गर्मी ने सब कुछ भाप बना दिया। उसका लंड मेरी गांड में बार-बार घुस रहा था। मैंने अपना लंड हिलाते हुए छोड़ दिया।
लगभग ढाई घंटे की इस क्रूर चुदाई के बाद कबीर चिल्लाया, “मैं आने वाला हूं!” उसने कंडोम निकाला और अपना गाढ़ा, गर्म वीर्य मेरे चेहरे, छाती और मुंह पर उछाल दिया। मैं भी उसके पेट पर छोड़ने लगा। हम दोनों थककर बेड पर गिर पड़े।
लेकिन रात खत्म नहीं हुई थी। थोड़ी देर आराम करने के बाद हम फिर शुरू हो गए। इस बार मैंने उसे चोदा। उसकी टाइट गांड में मेरा लंड घुसाते ही वह कराह उठा। मैंने उसे ब्रूटल तरीके से मारा – थप्पड़, काटना, बाल खींचना। “ले मेरी पूरी ताकत!” हम दोनों पूरी तरह पागल हो चुके थे।
आर्यन का कॉल आया। कबीर ने उसे बुला लिया। अब थ्रीसम शुरू हुआ। आर्यन आते ही नंगा हो गया। उसका 7.5 इंच का लंड देखकर हमने उसे बीच में ले लिया। मैं उसका लंड चूस रहा था, कबीर उसकी गांड चोद रहा था। फिर पोजीशन बदले। मैं आर्यन को चोद रहा था, कबीर मुझे चोद रहा था। डबल पेनेट्रेशन, ओरल, सब कुछ। कमरा चीखों, कराहों और चप्पड़-चप्पड़ की आवाजों से भर गया।
बारिश रात भर होती रही। हम तीनों सुबह तक एक-दूसरे के बदन पर चढ़ते-उतरते रहे। थकान, पसीना, वीर्य और बारिश की बूंदें – सब मिलकर एक अविस्मरणीय अनुभव बना दिया।
सुबह की पहली किरणें बालकनी से अंदर आ रही थीं, लेकिन हम तीनों अभी भी बेड पर उलझे पड़े थे। शरीर पसीने, वीर्य और बारिश की नमी से चिपचिपा हुआ था। कबीर ने मुझे अपनी मजबूत बाहों में कसकर जकड़ लिया और मेरे कान में फुसफुसाया, “अभी कहां जा रहे हो? बारिश अभी रुकी नहीं है, और मेरी भूख भी नहीं मिटी।” आर्यन मुस्कुराते हुए मेरी जांघों के बीच अपना सिर घुसा रहा था, उसकी गर्म सांस मेरे लंड को फिर से जगाने लगी थी।
मैंने कबीर की चौड़ी छाती पर हाथ फेरा और उसके निप्पल को जोर से काट लिया। “तो फिर शुरू करो… आज पूरी तरह तोड़ डालो मुझे।” कबीर की आंखों में वो जंगली चमक लौट आई। उसने आर्यन को इशारा किया और दोनों ने मुझे बेड के बीच में लिटा दिया। कबीर ने मेरे दोनों हाथ सिर के ऊपर पकड़ लिए, जबकि आर्यन मेरे पैर फैलाकर मेरी गांड पर अपना मुंह चिपका दिया। उसकी जीभ मेरी गांड की दरार में घुस गई, जोर-जोर से चाटने लगा। “आआह्ह्ह… फक यार!” मैं कराह उठा। कबीर ने अपना 9 इंच का मोटा लंड मेरे मुंह पर ठोंक दिया। “चूसो इसे, पूरा गला तक ले जाओ!”
मैंने मुंह खोला और उसकी मोटाई को निगलने की कोशिश की। गला फट रहा था, लेकिन वो रुक नहीं रहा। मेरे बाल पकड़कर वो मेरे मुंह में धकेल रहा था – गहरे, क्रूर थ्रस्ट्स। आर्यन ने अपनी तीन उंगलियां मेरी गांड में ठेल दीं और तेजी से अंदर-बाहर करने लगा। दर्द और सुख का मिश्रण मेरे पूरे शरीर को झनझना रहा था। कबीर हंस रहा था, “देख आर्यन, कितना टाइट है अभी भी… आज इसे पूरी तरह ढीला कर देंगे।”
लगभग 40 मिनट तक इस ओरल टॉर्चर के बाद उन्होंने मुझे घुटनों के बल खड़ा किया। कबीर ने पीछे से एक झटके में अपना पूरा लंड मेरी गांड में ठोक दिया। “आआआह्ह्ह्ह!!” मेरी चीख निकल गई। बिना किसी रुकावट के वो पागलों की तरह चोदने लगा – हर धक्का इतना जोरदार कि बेड हिल रहा था। आर्यन मेरे सामने खड़ा था, अपना लंड मेरे मुंह में दे रहा था। डबल पेनेट्रेशन की ये स्थिति मुझे पागल बना रही थी। कबीर मेरी कमर पर थप्पड़ मार रहा था, “ले… ले मेरी पूरी ताकत, गांड फाड़ दूंगा!” उसकी गेंदें मेरी गांड से टकरा रही थीं, चप्पड़-चप्पड़ की आवाज पूरे फ्लैट में गूंज रही थी।
आर्यन ने मेरे बाल खींचे और मेरे गले तक लंड घुसा दिया। मैं दम घुटने के कगार पर था, लेकिन मजा भी अनहद था। कबीर ने अचानक रुककर आर्यन को बुलाया। अब दोनों ने मुझे उठाकर बालकनी में ले गए। बाहर हल्की बारिश हो रही थी। कबीर ने मुझे बालकनी की रेलिंग पर झुका दिया, मेरी ऊपरी बॉडी बाहर लटक रही थी। नीचे सड़क पर लोग जा रहे थे, लेकिन हम परवाह नहीं कर रहे थे। कबीर ने पीछे से फिर चोदा, जबकि आर्यन मेरे मुंह में लगा रहा। ठंडी बारिश की बूंदें हमारे गर्म, पसीने वाले बदन पर गिर रही थीं।
“और जोर से… फाड़ दो!” मैं चिल्लाया। कबीर ने मेरी गर्दन पकड़कर पीछे खींचा और और तेज थ्रस्ट्स दिए। उसका लंड मेरी आंतों तक पहुंच रहा था। आर्यन ने मेरे लंड को हिलाना शुरू किया। मैं कुछ ही मिनटों में छोड़ने वाला था, लेकिन कबीर ने मेरे लंड को दबा दिया। “अभी नहीं… जब हम कहें तब!”
हम अंदर आए। अब उन्होंने मुझे बेड पर उल्टा लिटाया। आर्यन मेरे ऊपर चढ़ गया और अपनी गांड मेरे मुंह पर रख दी। मैं उसकी गांड चाट रहा था, जबकि कबीर मेरी गांड चोद रहा था। फिर पोजीशन बदला – अब मैं कबीर को चोद रहा था। उसकी टाइट, मांसल गांड में मेरा 7 इंच का लंड घुसाते ही वो दहाड़ उठा। “मारो… जोर से मारो!” मैंने उसके बाल खींचे, गर्दन पर काटा, और पूरी ताकत से धक्के दिए। आर्यन नीचे लेटा था, कबीर का लंड चूस रहा था।
हम तीनों पसीने से तर थे। कमरे में सिर्फ कराहने, चीखने और मांस-मांस की टकराहट की आवाजें थीं। कबीर ने मुझे उठाकर दीवार से सटाकर खड़ा किया और लिफ्ट करके चोदने लगा। मेरी टांगें उसके कमर पर लिपटी थीं। हर धक्के पर मेरा सिर दीवार से टकरा रहा था। “तुम दोनों मेरी गांड के गुलाम हो आज!” वो गुर्राया। आर्यन ने मेरे पीछे आकर अपनी उंगलियां मेरी गांड में डाल दीं, कबीर के लंड के साथ-साथ। डबल फिंगरिंग के साथ वो ब्रूटल चुदाई – मैं पागल हो चुका था।
दोपहर हो चुकी थी, लेकिन हम रुके नहीं। हमने शावर में जाकर फिर शुरू किया। गर्म पानी के नीचे कबीर ने मुझे दीवार से चिपकाकर चोदा। आर्यन मेरे लंड को चूस रहा था। पानी, साबुन और वीर्य का मिश्रण सब कुछ और ज्यादा सेक्सी बना रहा था। कबीर ने मुझे घुटनों पर बैठाकर अपना लंड मेरे चेहरे पर रगड़ा। “मुंह खोलो… पूरा पिया जाओ!” मैंने मुंह खोला और वो मेरे गले में छोड़ने लगा। गाढ़ा, गर्म वीर्य मेरे मुंह भर गया। मैंने उसे पी लिया। आर्यन ने भी मेरे मुंह में छोड़ा।
शाम तक हम थक चुके थे, लेकिन वासना कम नहीं हुई थी। कबीर ने कुछ एनर्जी ड्रिंक्स और ऑयल निकाला। अब हमने नया खेल शुरू किया। उसने मेरी गांड में ऑयल डालकर अपना पूरा हाथ घुसाने की कोशिश की। फिस्टिंग! पहले उंगलियां, फिर पूरा मुट्ठी। दर्द असहनीय था, लेकिन मजा भी अपार। मैं चीख रहा था, “और अंदर… फाड़ दो!” कबीर की मुट्ठी मेरी गांड में घुस गई। आर्यन मेरे लंड को जोर-जोर से चूस रहा था।
फिर मैंने आर्यन को फिस्ट किया। वो कराह रहा था, लेकिन मांग रहा था और ज्यादा। कबीर हमें देखकर अपना लंड हिला रहा था। हम तीनों एक-दूसरे पर टूट पड़े। रात फिर से शुरू हो गई। इस बार हमने बेड पर ऑयल की बोतल उड़ेल दी। पूरा बेड चिकना हो गया। हम फिसलते हुए एक-दूसरे को चोद रहे थे। कबीर ने मुझे और आर्यन को एक साथ चोदा – पहले मुझे, फिर उसे, फिर दोनों की गांड में बारी-बारी।
मध्य रात्रि में हम बालकनी में नंगे खड़े होकर सिगरेट पी रहे थे। बारिश फिर तेज हो गई थी। कबीर ने मुझे रेलिंग पर झुकाया और खड़े-खड़े चोद दिया। नीचे ट्रैफिक चल रहा था, लेकिन हम बेखबर थे। आर्यन मेरे मुंह में था। हम तीनों ने एक साथ छोड़ा – वीर्य बारिश में मिलकर नीचे बह गया।
अगली सुबह हम पूरी तरह थके हुए थे। शरीर पर निशान, काटने के दाग, लालिमा। लेकिन चेहरे पर संतोष था। कबीर ने कहा, “ये रातें हमेशा याद रहेंगी। अगली बार और क्रूर प्लान करेंगे।” आर्यन और मैंने सहमति में सिर हिलाया।
बारिश का मौसम अभी लंबा था, और हमारी वासना की आग कभी बुझने वाली नहीं थी। ऐसे मर्दाना जिस्म, ऐसी क्रूर चुदाई, और ऐसी रातें हर किसी की जिंदगी में नहीं आतीं। मैं जानता था कि ये शुरुआत है… और आगे और भी खतरनाक, और भी हॉट रातें इंतजार कर रही हैं।
वासना जब जाग जाती है, तो कोई सीमा नहीं रहती। दो मर्द नहीं, तीन मर्द – एक-दूसरे को चोदते, चूसते, तोड़ते हुए। ये कहानी सिर्फ शुरुआत है।
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