दिल्ली का विक्रम इंस्टा वाली रिया की 36D चूत-गांड को 8 इंच मोटे लंड से बंधन, चाबुक, गैंगबैंग और पब्लिक में बर्बरता से फाड़ता है। सबसे क्रूर, खूंखार और लत लगाने वाली चुदाई की अनोखी दास्तान Free Hindi Story Porn on lustystories.fun par pdh rhe ho।
नमस्ते दोस्तों! मेरा नाम विक्रम है, उम्र 22 साल। मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ। हाइट 5’10”, शरीर एथलेटिक और मेरा लंड 8 इंच लंबा, मोटा और हमेशा भूखा रहता है। सेक्स मेरा जुनून है। स्कूल के दिनों में मेरी गर्लफ्रेंड थी अंजलि, जो मुझसे चार साल बड़ी थी। उसकी छोटी बहन रिया थी, जिसे मैं प्यार से री कहकर बुलाता था। रिया उस समय सिर्फ 14-15 साल की थी, लेकिन बहुत शरमिली और प्यारी। हम तीनों अच्छे दोस्त थे। स्कूल छूटने के बाद सब कुछ टूट गया। अंजलि की शादी हो गई, मैं भी अपनी पढ़ाई और जॉब के चक्कर में फंस गया।
कई साल बाद, इंस्टाग्राम पर सब कुछ बदल गया। मैं अपनी फिट बॉडी और वाइल्ड स्टोरीज़ से काफी फॉलोअर्स बना चुका था। एक दिन सजेस्ट में रिया की प्रोफाइल आ गई। 21 साल की रिया अब एकदम खतरनाक माल बन चुकी थी – लंबे बाल, गोरा रंग, भारी भरकम स्तन, पतली कमर और मोटी गांड। उसकी फोटोज देखकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो जाता। मन करता था कि स्क्रीन फाड़कर उसे अभी चोद डालूं। लेकिन मैंने धैर्य रखा।
उसकी स्टोरी पर लाइक किया। अगले दिन उसका मैसेज आया – “हाय! क्या विक्रम? स्कूल वाला?” मैं चौंक गया। “हां री, पहचाना?” उसने तुरंत रिप्लाई किया, “अरे वाह! कितने साल बाद! तू तो एकदम जवान लग रहा है।”
हमारी बातें शुरू हुईं। रोज घंटों चैट, वॉइस नोट्स। वह बताती कि अंजलि की शादी हो चुकी है, दो बच्चे हैं। रिया खुद दिल्ली में ही कॉलेज करती है, लेकिन होस्टल में रहती है। मैंने उसे बताया कि मैं अब प्राइवेट जॉब करता हूं। धीरे-धीरे बातें गर्म होने लगीं। मैंने एक दिन कहा, “री, तेरी फोटोज देखकर रातों को नींद नहीं आती। तू अब बहुत सेक्सी हो गई है।” उसने शरमाते हुए लिखा, “बंद करो विक्रम, शर्म आ रही है। पर सच कहूं तो मुझे भी तेरी याद आती है।”
एक हफ्ते बाद उसने खुद कहा, “मिलें?” मैंने तुरंत प्लान बनाया। उस दिन वह मेरे इलाके में शॉपिंग के लिए आई थी। मैं अपनी ब्लैक कार लेकर पहुंच गया। रिया सफेद टॉप और ब्लू जींस में थी। उसके स्तन टॉप से फटने को तैयार थे। गाड़ी में बैठते ही उसने मेरा हाथ पकड़ लिया। “तुम पहले से भी ज्यादा हैंडसम हो गए हो विक्रम।” मैंने मुस्कुराते हुए उसकी जांघ पर हाथ फेरा, “और तू तो आग है री।”
हम एक शांत कैफे गए। बातें करते-करते मैं उसके होंठों को घूर रहा था। वह भी मेरी आंखों में डूब रही थी। वापसी में गाड़ी पार्किंग में मैंने उसे खींच लिया और जोरदार किस किया। उसके होंठ नरम, गर्म और मीठे थे। वह सांसें लेते हुए बोली, “विक्रम… मैंने पहले कभी किसी को किस नहीं किया।” मैंने उसके बाल पकड़कर गर्दन चूम ली, “आज तुझे सब सिखाऊंगा।”
उस शाम उसने मुझे होस्टल के पास बुलाया। हम घूमने निकले। रात होते ही उसने कहा, “मुझे तेरे साथ अकेले में रहना है।” मैंने उसे अपनी कार में बिठाया और शहर से बाहर एक सुनसान हाईवे की तरफ ले गया। वहां एक पुराना बंगला था जो मेरे दोस्त का था। मैंने पहले से चाबी ले रखी थी।
अंदर घुसते ही मैंने उसे दीवार से सटाकर जोर से चूमना शुरू कर दिया। उसके स्तनों को मसलते हुए टॉप उतार फेंका। काली लेस वाली ब्रा में उसके 36D के स्तन उछल रहे थे। मैंने ब्रा खोलकर दोनों स्तनों को मुंह में ले लिया। जोर-जोर से चूसने लगा। रिया कराह रही थी, “आह विक्रम… धीरे… उफ्फ!” मैंने उसके निप्पल्स को काटा, चूसा, दांतों से खींचा। वह मेरे बाल खींच रही थी।
मैंने उसकी जींस खोल दी। काली पैंटी गीली हो चुकी थी। उंगली डालते ही वह चीख पड़ी, “अरे! क्या कर रहे हो?” उसकी चूत एकदम कुवारी, टाइट और गर्म थी। मैं घुटनों पर बैठकर उसकी चूत चाटने लगा। जीभ अंदर डालकर चूस रहा था। रिया की टांगें कांप रही थीं। “विक्रम… मैं मर जाऊंगी… आह… हां… वहां…!” उसकी चूत से रस बह रहा था। मैंने तीन उंगलियां डालकर जोर से अंदर-बाहर करने लगा। वह जोर-जोर से चीख रही थी।
फिर मैंने अपना 8 इंच का मोटा लंड निकाला। वह देखकर डर गई, “ये तो बहुत बड़ा है… नहीं घुसेगा।” मैंने मुस्कुराते हुए उसके मुंह में ठूंस दिया। “चूस री, अच्छे से।” पहले वह हिचकिचाई, फिर धीरे-धीरे चूसने लगी। मैंने उसके सिर को पकड़कर गला तक लंड ठोंक दिया। वह उबकाई ले रही थी, आंसू निकल रहे थे, लेकिन मैं रुका नहीं। “गांडू चूस, पूरी तरह ले।”
काफी देर थ्रोट फकिंग के बाद मैंने उसे बेड पर पटका। उसके पैर फैलाए और लंड की नोक चूत पर रखी। एक जोरदार धक्का! “आआआह!” रिया चीख पड़ी। उसकी कुवारी चूत फट गई। खून निकला। मैंने रुके बिना पूरा 8 इंच अंदर ठोक दिया। वह रो रही थी, नाखून मेरी पीठ में गड़ रहे थे। “निकलो विक्रम… दर्द हो रहा है… मर जाऊंगी!”
मैंने कोई नहीं सुना। जोर-जोर से पेलना शुरू कर दिया। “ले रांड, ले मेरी कुवारी चूत! आज तुझे औरत बनाऊंगा।” हर धक्के पर उसके स्तन उछल रहे थे। मैं उसके गले को दबाते हुए चोद रहा था। धीरे-धीरे दर्द कम हुआ और वह भी कूल्हे उठाकर साथ देने लगी। “हां विक्रम… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत!”
मैंने उसे चारों खाने चित किया, डॉगी स्टाइल में। गांड उठाकर लंड ठोक रहा था। उसके बाल खींचते हुए, थप्पड़ मारते हुए। “मेरी गुलाम बन जा री!” वह चिल्ला रही थी, “हां… मैं तुम्हारी रांड हूं… चोदो मुझे!”
20 मिनट तक चुदाई के बाद मैंने पहली बार उसके अंदर झड़ दिया। गर्म वीर्य उसकी चूत में भर गया। लेकिन मैं रुका नहीं। उसे उल्टा कर उसके गांड पर थूक लगाया और अपनी लंड की नोक गांड पर रखी। “नहीं विक्रम प्लीज… वहां नहीं… बहुत दर्द होगा!” मैंने उसके मुंह पर हाथ रखा और एक ही झटके में आधा लंड गांड में ठोक दिया। रिया बुरी तरह चीखी, रोई, लेकिन मैंने पूरा लंड अंदर कर दिया।
गांड फाड़ चुदाई शुरू। जोर-जोर से धक्के। उसके स्तनों को पीछे से मसलते हुए, गाल पर थप्पड़ मारते हुए। “ले मेरी गांड की रानी! आज तेरी हर छेद चोदूंगा।” वह दर्द और मजा के मिश्रण में चीख रही थी, “आह… उफ… हां… और तेज…!” 25 मिनट तक गांड मारने के बाद मैंने दूसरी बार उसके अंदर झड़ दिया।
हम दोनों पसीने से तर थे। मैंने उसे किस किया, पानी पिलाया। फिर नहाने के बहाने बाथरूम ले गया। वहां फिर से दीवार से सटाकर खड़े-खड़े चोदा। उसके पैर कमर पर लपेटे, लंड पूरी तरह अंदर-बाहर। पानी के साथ चुदाई का मजा अलग था।
रात भर हमने तीन बार और चुदाई की। हर बार नई पोजीशन – मिशनरी, काउगर्ल, स्पूनिंग। मैंने उसे थूक पिलाया, उसके मुंह में झड़ा, स्तनों पर झड़ा। रिया पूरी तरह मेरी हो चुकी थी। सुबह वह बोली, “विक्रम, मैं तुम्हारी हूं। जितना चाहो चोदो। मेरी चूत, गांड, मुंह – सब तुम्हारा।”
नमस्ते दोस्तों, कहानी यहीं से और आगे बढ़ती है। रिया अब मेरी जिंदगी का सबसे गहरा और खतरनाक एडिक्शन बन चुकी थी। उसके बाद वाले हफ्तों में हमारी मुलाकातें और भी क्रूर, बर्बर और बेतहाशा हो गईं। एक रात मैंने उसे फोन किया, “री, आज 11 बजे मेरे फ्लैट पर आ।
कुछ खास तैयारी करके आना। आज तुझे अपनी हद पार करनी है।” वह आई, लाल शॉर्ट स्कर्ट और टाइट ब्लैक टॉप में, जिसमें उसके 36D वाले भारी स्तन उछल रहे थे और मोटी गांड हिल रही थी। दरवाजा खोलते ही मैंने उसे अंदर खींचा, बालों को मुट्ठी में भरकर जोर से दीवार पर पटक दिया और 3 जोरदार थप्पड़ उसके गालों पर मारे। “आज तू मेरी पूरी रात की गुलाम कुत्तिया है, समझी रांड? कोई मना नहीं चलेगा।”
रिया की आंखों में डर, उत्तेजना और समर्पण का मिश्रण था। “हां मालिक… मुझे जितना चाहो तोड़ दो।” मैंने उसके कपड़ों को चाकू से फाड़ डाला। टॉप और स्कर्ट के टुकड़े जमीन पर बिखर गए। ब्रा और पैंटी भी नहीं बची। नंगी रिया को मैंने लिविंग रूम के बीच में घुटनों पर बैठाया और अपना 8 इंच का मोटा, नसदार लंड उसके मुंह पर ठोंक दिया। “चूस रांड, गला फाड़कर! आज तेरे मुंह को लंड का आकार दे दूंगा।”
वह हिचकिचाई तो मैंने उसके सिर को दोनों हाथों से पकड़कर पूरी ताकत से थ्रोट फकिंग शुरू कर दी। लंड उसके गले तक धंस रहा था, उबकाई आ रही थी, आंसू बह रहे थे, थूक की धार उसके चेहरे पर गिर रही थी। मैं रुका नहीं, 15 मिनट तक लगातार उसके मुंह को फाड़ता रहा। “ले पूरी, मेरी थ्रोट फक रांड!”
फिर मैंने उसे बेडरूम में घसीटा। पहले से तैयार चेन और हैंडकफ्स निकाले। उसके हाथ पीछे बांधे, टांगें फैलाकर बेड के 4 कोनों से कसकर बांध दिए। अब वह पूरी तरह खुली और बेबस थी। मैंने उसके स्तनों पर 10-10 जोरदार थप्पड़ मारे, निप्पल्स को प्लायर्स की तरह दांतों से काटा और खींचा। रिया चीख रही थी, “आह मालिक… बहुत दर्द… लेकिन और मारो!” मैंने उसकी चूत पर भी लगातार थप्पड़ बरसाए।
चूत लाल होकर सूज गई और रस बहने लगा। फिर घुटनों पर बैठकर मैंने उसकी चूत को बुरी तरह चाटा, जीभ को अंदर घुसाकर चूसा, दांतों से क्लिट को काटा। 4 उंगलियां डालकर फिस्टिंग शुरू की। रिया पागल हो गई, “फाड़ दो मेरी चूत… हां… और गहरा… मैं मर रही हूं मजा से!”
उसकी चूत से पानी की तरह रस निकल रहा था। मैंने उसे 3 बार उंगली और मुंह से झड़वा दिया। अब असली बर्बरता शुरू हुई। मैंने लंड पर थूक लगाया और एक ही भयानक झटके में पूरा 8 इंच उसकी टाइट चूत में ठोक दिया। बंधी हुई रिया तड़प उठी, “आआआह… फट गई… निकालो!” मैंने कोई नहीं सुना।
उसके गले पर हाथ रखकर दबाते हुए पिस्टन की तरह चोदना शुरू कर दिया। हर धक्के पर बेड हिल रहा था, उसके स्तन उछल रहे थे। “ले मेरी कुवारी वाली चूत की रांड! आज तुझे औरत बना दूंगा, फाड़कर!” रिया चीख रही थी, “हां मालिक… और तेज… चीर दो मेरी चूत… मैं तुम्हारी गुलाम हूं!”
मैंने पोजीशन बदली। उसे उल्टा करके डॉगी स्टाइल में बांधा। गांड ऊपर। अब मैंने गांड पर चाबुक चलाई। लाल-लाल निशान पड़ गए। थूक लगाकर लंड उसकी गांड में एक झटके में पूरा धंसाया। रिया की चीखें आसमान छू रही थीं, “नहीं… दर्द… आह… लेकिन मत रुको!” मैंने उसके बाल खींचे, कमर पकड़कर जानवरों की तरह चोदा। गांड पूरी तरह फट चुकी थी। 30 मिनट तक लगातार गांड चुदाई के बाद मैंने पहली बार उसके मुंह में झड़ दिया। वह सारा गाढ़ा वीर्य निगल गई।
लेकिन रात अभी बाकी थी। मैंने उसे खोलकर बाथरूम ले जाकर शावर के नीचे खड़ा किया। वहां दीवार से सटाकर खड़े-खड़े उसकी चूत और गांड दोनों में बारी-बारी से 8 इंच का लंड ठोकता रहा। उसके पैर अपनी कमर पर लपेटे, गले को चूसते और काटते हुए। पानी के साथ चुदाई का मजा अलग लेवल का था। “तू अब मेरी 24 घंटे की सेक्स मशीन है री।”
उस रात के बाद हमने और भी खतरनाक लेवल छू लिए। एक दिन मैं उसे दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर ले गया। रात के 2 बजे सुनसान जगह पर कार पार्क की। मैंने उसे कार के बोनेट पर नंगी लिटाया, हेडलाइट्स ऑन रखीं। लंड उसकी चूत में ठोकते हुए चोदा। बीच-बीच में ट्रक गुजरते, ड्राइवर हॉर्न बजाते और देखते। रिया शर्म से मर रही थी लेकिन मैंने उसे और जोर से चोदा। “देख रांड, सब तुझे चुदती हुई देख रहे हैं। अब तू पब्लिक प्रॉपर्टी है।” फिर मैंने उसे कार की पिछली सीट पर उल्टा करके गांड मारी। पूरा हाईवे उसकी चीखों से गूंज रहा था।
एक और वाइल्ड वीकेंड में मैंने 3 दोस्तों – राहुल, अमित और संदीप को बुलाया। रिया को पहले से बताया था। फ्लैट में 4 लंडों ने उसे घेर लिया। मैं उसके मुंह में, राहुल चूत में, अमित गांड में और संदीप उसके हाथों में। हम बारी-बारी बदलते रहे। डबल पेनेट्रेशन, ट्रिपल पेनेट्रेशन – उसकी चूत और गांड दोनों में एक साथ 2-2 लंड ठोक दिए। रिया चीख रही थी, “हां… 4 लंड… फाड़ दो मुझे… मैं सबकी रांड हूं!” 2 घंटे तक लगातार गैंगबैंग चला। उसके पूरे शरीर पर वीर्य, थूक, पसीना और लाल निशान थे। वह 7 बार झड़ चुकी थी और आखिर में बेहोश हो गई। हमने उसे साफ करके आराम दिया।
इसके बाद हम शिमला के जंगलों में गए। टेंट लगाया। रात को आग के पास मैंने उसे पेड़ से बांध दिया। ठंड में चाबुक चलाई, स्तनों और गांड पर लाल धारियां पड़ गईं। फिर जमीन पर पटककर मिशनरी, स्टैंडिंग, रिवर्स काउगर्ल हर पोजीशन में चोदा। जंगली आवाजों के बीच उसकी चीखें और भी उत्तेजक लग रही थीं। “मुझे बर्बाद कर दो मालिक… पूरी तरह तोड़ दो!”
एक बार हम गोवा गए। बीच पर रात को नंगी करके चोदा। लहरों के बीच उसकी गांड मारी। लोग दूर से देख रहे थे। होटल की बालकनी में भी 8वीं मंजिल पर नंगी खड़ी करके पीछे से चोदा, जहां नीचे सड़क पर भीड़ थी। रिया अब पूरी तरह ब्रोकन और एडिक्टेड हो चुकी थी। वह खुद कहती, “मालिक, आज मुझे चेन से बांधकर, चाबुक मारकर, 3 घंटे तक चोदो।”
हमारी ये बर्बर चुदाई की दुनिया रोज नई ऊंचाइयों को छू रही है। कभी BDSM टूल्स से, कभी पब्लिक प्लेस में रिस्क लेकर, कभी गैंगबैंग में। रिया की चूत अब हमेशा सूजी और तरसती रहती है, गांड इतनी लूज हो चुकी है कि बिना थूक के भी 8 इंच पूरा ले लेती है। उसके स्तन हमेशा निशानों से भरे रहते हैं।
दोस्तों, ये कहानी अभी खत्म नहीं हुई। रिया अब मेरी परमानेंट सेक्स स्लेव है। हम रोज नई क्रूरता, नई जगह और नई तीव्रता के साथ चुदाई करते हैं। अगर तुम्हें ये बेतहाशा, हार्डकोर और सबसे वाइल्ड वाली कहानी पसंद आई तो कमेंट में बताओ। मैं और भी ज्यादा डार्क और इंटेंस पार्ट्स शेयर करूंगा। लेकिन याद रखना, ये सिर्फ फैंटसी है। असली जिंदगी में हमेशा कंसेंट, सेफ्टी, प्रोटेक्शन और रिस्पेक्ट रखो।
रिया अब मेरी सबसे बड़ी कमजोरी और ताकत दोनों है। क्या तुम भी ऐसी बर्बर गुलाम रांड की तलाश में हो? 😈
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