24 साल का आर्यन अपनी 21 साल की सेक्सी रिश्तेदार अनन्या को तहखाने में जंजीरों से बांधकर चाबुक मारता है, उसकी चूत-गांड फाड़ता है। क्रूर BDSM, गला दबाकर, मोम डालकर और पागलों वाली चुदाई की असली कहानी। दर्द और वासना का खतरनाक खेल sexkikahani।
रिद्धिमा की जगह अब अनन्या थी। मेरा नाम आर्यन। उम्र 24 साल। अनन्या 21 साल की थी। उसकी बॉडी बेहद आकर्षक – 36D के गोरे-गोरे, भारी और लटकते हुए स्तन, पतली कमर, और 38 इंच की मोटी, गोल-गोल गांड जो चलते वक्त जैसे लहराती थी। उसकी चूत बिल्कुल साफ, गुलाबी और टाइट थी। हम दिल्ली के पास गाजियाबाद के एक बड़े फार्महाउस में थे, जहां मेरी चचेरी बहन की शादी हो रही थी।
दोस्तों, ये कहानी दो साल पुरानी है। उस समय मेरे चाचा की बेटी की शादी थी। पूरा फार्महाउस मेहमानों से भरा हुआ था। शादी की तैयारियां जोरों पर थीं। उसी दौरान अनन्या पहली बार मेरी जिंदगी में आई। वह मेरी चचेरी बहन की मौसी की बेटी थी। उसकी मां और मेरी बहन अच्छी दोस्त थीं, इसलिए अनन्या भी शादी में मदद करने आई थी।
जैसे ही मैंने उसे पहली बार देखा, मेरा लंड हिल गया। वह गुलाबी लेहंगे में थी। उसकी मोटी गांड और भारी मम्मे हिलते हुए नजर आ रहे थे। मैंने सोचा, “क्या माल है यार!” लेकिन शुरू में बस दोस्ती ही थी। हम दोनों शादी की तैयारियों में लगे रहे। दिन भर हंसते-बोलते, काम करते।
रात को महिला संगीत में जब अनन्या डांस करने लगी तो पूरा माहौल बदल गया। वह जैसे कोई सेक्सी रानी हो। उसकी कमर मटक रही थी, गांड झूम रही थी, और स्तन उछल-उछल कर जैसे मुझे बुला रहे थे। बूढ़े भी उसे देखकर हांफने लगे थे।
शादी वाले दिन पूरा फार्महाउस धूमधाम से सजा था। विदाई के बाद सब थककर चूर हो गए। रात के 2 बजे थे।
सोने की जगह कम पड़ गई। मैं नीचे फार्महाउस के स्टोर रूम में चला गया जहां गिफ्ट्स, कपड़े और गद्दे रखे हुए थे। मैंने एक गद्दा बिछाया और लेट गया। तभी दरवाजा खुला और अनन्या अंदर आई।
“आर्यन, यहां थोड़ी जगह है? बहुत थक गई हूं, कोई और जगह नहीं मिल रही,” उसने प्यारी सी आवाज में कहा।
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “आ जा, मेरे पास ही लेट जा।”
जगह कम थी। हम दोनों एक ही गद्दे पर सटकर लेट गए। उसकी गर्म सांसें मेरे गाल पर पड़ रही थीं। उसकी मोटी गांड मेरी जांघ से सट गई थी। मेरी नींद गहरी हो गई। नींद में ही मैंने अपनी बांह उसकी कमर पर डाल दी। सुबह मेरे एक कजिन ने हमें ऐसे सटे देख लिया और पूरे घर में खबर फैला दी कि आर्यन और अनन्या का चक्कर चल रहा है।
मम्मी ने मुझे डांटा, “बेटा, गेस्ट लड़की के साथ ऐसे नहीं सोते। शर्म नहीं आती?” पूरी फैमिली ने मुझे सुनाया। लेकिन अंदर से मुझे गुस्सा आया। मैंने सोचा, “जब नाम ही पड़ गया है तो असली मजा ले ही लूं।”
शादी के बाद अनन्या एक महीने के लिए हमारे फार्महाउस पर ही रुक गई।
अब मैं उस पर नजर रखने लगा। रोज उससे बातें, मजाक। उसका नंबर लिया और व्हाट्सएप पर चैट शुरू हो गई। वह मुझे स्माइल करती, शर्माती। मैंने अपनी जेब में हमेशा कंडोम रखना शुरू कर दिया – ब्लैक रैपर में लपेटकर, ताकि कोई देख न ले।
एक रविवार को पूरा घर खाली था। मां-पापा बाहर गए हुए थे। मैंने अनन्या को मैसेज किया, “मूवी देखें?”
वह आई। हम दोनों लिविंग रूम के बड़े सोफे पर बैठ गए। मैंने Netflix पर “365 Days” जैसी हॉट मूवी चला दी। जब सेक्स सीन आए तो अनन्या शर्मा गई, लेकिन उसकी आंखें स्क्रीन से हट नहीं रही थीं। मैंने पास खिसकते हुए उसकी जांघ पर हाथ रख दिया।
“क्या गंदे सीन हैं,” उसने कहा लेकिन उसकी सांसें तेज हो गई थीं।
मैंने उसके कान में फुसफुसाया, “ये सीन देखकर ही तो मूड बनता है।”
उसने कुछ नहीं कहा। मैंने हिम्मत करके उसे चूम लिया। पहले हल्का, फिर गहरा। उसने विरोध नहीं किया। उल्टा मेरी जीभ चूसने लगी। मैंने उसके भारी स्तनों को दबाया। वे इतने सख्त और बड़े थे कि मेरे हाथों में समा नहीं रहे थे।
“अनन्या, आज तुझे पूरी तरह से अपनी बनाऊंगा,” मैंने कहा और उसे उठाकर उसके कमरे में ले गया। दरवाजा बंद किया और ताला लगा दिया।
अब असली खेल शुरू हुआ। मैंने उसे दीवार से सटा दिया। उसके बाल पकड़कर जोर से खींचे और गले पर काटने लगा। वह कराह उठी, “आह… आर्यन… धीरे…”
“चुप! आज तू मेरी गुलाम है,” मैंने कहा और उसके गाल पर जोरदार थप्पड़ मारा। उसकी आंखों में पानी आ गया लेकिन चूत गीली हो गई। मैंने उसका टॉप फाड़कर उतारा। ब्रा को भी खींचकर तोड़ दिया। उसके 36D वाले गोरे स्तन बाहर आ गए। निप्पल गुलाबी और सख्त थे। मैंने एक को मुंह में भरकर जोर-जोर से चूसा, काटा। दूसरे को हाथ से मसलता रहा। वह चीख रही थी लेकिन रोके नहीं जा रही थी।
मैंने उसे बेड पर पटक दिया। उसकी पजामी और पैंटी खींचकर उतारी। उसकी चूत बिल्कुल साफ, गीली और सूजी हुई थी। मैंने उसके दोनों पैर फैलाए और चूत पर थूक दिया। फिर दो उंगलियां अंदर डालकर जोर-जोर से फिंगरिंग शुरू की।
“आह… फाड़ दोगे… आर्यन!” वह चिल्लाई।
“फाड़ना ही है तेरी टाइट चूत को,” मैंने कहा और उसकी चूत चाटने लगा। जीभ अंदर तक घुसेड़ दी। वह मेरे सिर को अपनी चूत पर दबा रही थी। कुछ ही मिनटों में उसका पहला ऑर्गेज्म आ गया। चूत का पानी मेरे मुंह में भर गया। मैंने सब पी लिया।
अब मैंने अपना कपड़ा उतारा। मेरा 8 इंच का मोटा, काला लंड लोहे की तरह खड़ा था। मैंने उसे उसके मुंह के पास किया।
“चूस!”
वह शर्मा रही थी। मैंने उसके बाल पकड़े और लंड जबरदस्ती मुंह में ठूंस दिया। गला तक। वह उबकाई लेने लगी लेकिन मैंने नहीं छोड़ा। उसके गले में लंड घुसाता रहा। आंसू बह रहे थे उसके। थूक से पूरा मुंह गीला हो गया।
“अच्छी गुलाम हो तू,” मैंने कहा।
फिर मैंने उसे घुटनों के बल मोड़ा। गांड ऊपर। मैंने अपनी बेल्ट निकाली और उसकी मोटी गांड पर जोर-जोर से मारनी शुरू की। लाल निशान पड़ गए। वह रो रही थी लेकिन चूत से रस टपक रहा था।
“मारो… और मारो…” वह बुदबुदाई।
मैंने कंडोम चढ़ाया और लंड उसके चूत के मुंह पर रखा। एक जोरदार धक्का। पूरा 8 इंच एक झटके में अंदर।
“आआआह… फट गई!” वह चीखी।
मैंने बाल खींचे और पागलों की तरह धक्के मारने लगा। हर धक्के पर उसके स्तन हिल रहे थे। मैंने एक हाथ से उसकी गर्दन दबाई, दूसरे से गांड पर थप्पड़ मारे। कमरे में चुदाई की आवाजें गूंज रही थीं – फच… फच… फच…
“तेरी चूत मेरी है आज से। समझी?” मैंने कहा और और तेज किया।
वह चीखती-कराहती रही। दूसरा ऑर्गेज्म आ गया उसका। चूत ने मेरे लंड को दबाया। मैंने लंड निकाला, कंडोम उतारा और उसके मुंह में झाड़ दिया। वह सब पी गई।
लेकिन खेल खत्म नहीं हुआ। मैंने उसे बेड से बांध दिया – हाथ और पैर चारों तरफ। फिर कैंडल जलाई और गर्म मोम उसके स्तनों, पेट और गांड पर टपकाया। वह तड़प रही थी।
“दर्द हो रहा है… लेकिन मजा भी आ रहा है,” वह रोते हुए बोली।
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मैंने फिर उसकी चूत में लंड डाला। इस बार बिना कंडोम के। क्रीमपाई स्टाइल में जोर-जोर से चोदा। उसके अंदर झड़ने से पहले मैंने निकाला और उसके चेहरे, स्तनों पर मारा।
दो घंटे तक हमारा ये क्रूर खेल चला। मैंने उसे हर पोजिशन में चोदा – डॉगी, मिशनरी, राइडिंग। उसकी गांड भी मारी। उसकी गांड इतनी टाइट थी कि लंड घुसते ही वह फटने लगी। लेकिन वह अब पूरी तरह मेरी गुलाम बन चुकी थी।
“मुझे अपनी रंडी बना लो आर्यन… जितनी बार चाहो चोदो,” वह हांफते हुए बोली।
उस दिन के बाद पूरे महीने हमने रोजाना क्रूर चुदाई की। कभी फार्महाउस के बगीचे में, कभी छत पर, कभी गाड़ी में। मैं उसे कॉलर पहनाकर घुमाता, चेन से बांधकर चोदता। उसके पूरे शरीर पर मेरे काटने और थप्पड़ों के निशान रहते।
एक बार तो मैंने उसे पूरे दिन नंगी रखा और जब चाहा तब चोदा। उसकी चूत, गांड और मुंह – तीनों जगहों पर मेरे लंड का राज था।
आखिर में जब वह वापस जाने लगी तो उसने मुझे गले लगाया और कान में कहा, “ये महीना मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत और दर्द भरा था। जब भी बुलाओ, आ जाऊंगी। तुम्हारी चुदाई के लिए हमेशा तैयार हूं।”
अनन्या अब भी कभी-कभी अचानक आ जाती थी, जैसे कोई नशे की लत हो। लेकिन अब खेल और भी खतरनाक, और भी बर्बर हो चुका था। फार्महाउस के उस पुराने तहखाने में मैंने एक खास जगह बना रखी थी – “डार्क रूम”। वहां लोहे की जंजीरें, चाबुक, रस्सियां, वाइब्रेटर्स, क्लैम्प्स, आंखों पर पट्टी और मुंह में गैग – सब कुछ तैयार रहता। अनन्या जब भी आती, सबसे पहले मैं उसे उसी तहखाने में घसीट ले जाता।
एक बार शाम को वह अकेली आई। बाहर बारिश हो रही थी। मैंने दरवाजा खोलते ही उसके बाल पकड़ लिए और नीचे घसीटते हुए ले गया। “आज तुझे तोड़कर रख दूंगा रंडी,” मैंने गुर्राते हुए कहा। उसने बस मुस्कुराकर सिर हिला दिया। मैंने उसके सारे कपड़े फाड़ डाले। उसकी 36D वाली भारी चूचियां लहरा रही थीं। मैंने दोनों निप्पल्स पर मेटल क्लैम्प्स कस दिए। दर्द से वह चीख उठी, लेकिन उसकी चूत से रस टपकने लगा।
मैंने उसे घुटनों के बल बैठाया। मुंह में बड़ा सा गैग बॉल ठूंस दिया। फिर पीछे से दोनों हाथ बांधकर ऊपर लटका दिया। उसकी गांड और चूत पूरी तरह खुली हुई थी। मैंने चाबुक उठाया – मोटा, काला चमड़े का। पहला वार उसकी मोटी गांड पर पड़ा। “फट्ट!” की आवाज के साथ लाल धारी उभर आई। वह तड़पी, लेकिन आवाज नहीं निकल पाई। मैंने लगातार 20 कोड़े मारे – गांड, जांघों, पीठ और चूचियों पर। उसका गोरा शरीर लाल-नीला हो गया। आंसू बह रहे थे, लेकिन आंखों में वासना थी।
“अब असली सजा,” मैंने कहा। मैंने एक बड़ा सा एनल प्लग उसके गांड में ठेल दिया। फिर अपने 8 इंच के मोटे लंड पर कंडोम चढ़ाया और उसकी चूत में एक झटके में पूरा घुसा दिया। बंधी हुई हालत में वह लटक रही थी। मैंने उसके बाल खींचे और पागलों की तरह धकेलना शुरू किया। हर धक्के पर उसके स्तन उछल रहे थे और क्लैम्प्स से दर्द बढ़ रहा था।
“तेरी चूत मेरी जायदाद है समझी रंडी? आज इसे फाड़ दूंगा!”
वह गैग के कारण बस “mmm… mmm…” कर रही थी। मैंने एक हाथ से उसकी गर्दन दबाई, दूसरे से चाबुक मारता रहा। 40 मिनट तक लगातार चुदाई। उसकी चूत सूज गई थी। तीन बार ऑर्गेज्म हो चुका था उसका। आखिर में मैंने प्लग निकाला और सीधे उसके गांड में लंड ठेल दिया। गांड फटने वाली थी। खून जैसा रस निकल रहा था लेकिन वह और जोर से पीछे धक्का दे रही थी। मैंने उसकी गांड में झड़ दिया – गर्म वीर्य से भर दिया।
उसके बाद मैंने उसे नीचे उतारा नहीं। पट्टी बांध दी आंखों पर। फिर वाइब्रेटर ऑन करके उसकी चूत में चिपका दिया। “रात भर ऐसे ही लटकी रहेगी,” मैंने कहा और ऊपर चला गया। पूरी रात वह तहखाने में कराहती रही। सुबह जब मैं गया तो उसकी जांघों पर वीर्य और चूत का रस बह रहा था। मैंने उसे उतारा, पानी पिलाया और फिर से चोदा।
इसके बाद हमारे रिश्ते में और क्रूरता आ गई। एक बार मैं उसे दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में ले गया। स्वीट रूम बुक किया। वहां मैंने उसे पूरे दिन नंगी रखा। बालकनी में खड़ा करके बाहर दिखाते हुए चोदा। नीचे लोग घूम रहे थे। मैंने उसकी कमर पकड़ी, बाल खींचे और बालकनी की रेलिंग पर झुकाकर गांड मारी।
वह डर के मारे कांप रही थी लेकिन चूत गीली हो रही थी। “कोई देख लेगा तो?” उसने हांफते हुए पूछा। “देख ले, मेरी पब्लिक रंडी,” मैंने कहा और जोर से थप्पड़ मारा उसके चेहरे पर।
होटल में मैंने उसे 24 घंटे बिना रुके चोदा। सुबह डॉगी स्टाइल, दोपहर में फेस फकिंग, शाम को थ्रीसम जैसा – मैंने दो लड़कियों को पैसे देकर बुलाया था।
दोनों ने अनन्या को चाटा, चूसा और मैंने तीनों को बारी-बारी चोदा। अनन्या को जबरदस्ती उन लड़कियों की चूत चटवाई। फिर मैंने सबको एक साथ बांधा और एक-एक करके क्रूरता से फाड़ा।
घर लौटकर भी सिलसिला जारी रहा। मैंने उसके लिए स्पेशल कॉलर बनवाया – उस पर लिखा था “आर्यन की पर्सनल slut”।
जब भी वह आती, सबसे पहले वह कॉलर पहनती और चारों हाथ-पैरों पर चलकर मेरे पास आती। मैं उसे कुत्ते की तरह घुमाता, दूध पिलाता और फिर चाबुक मारकर सजा देता।
एक खास रात याद है। पूरा फार्महाउस खाली था। मैंने अनन्या को तहखाने के बीचोंबीच खड़ा किया। दोनों हाथ ऊपर जंजीरों से बांध दिए। पैर भी फैलाकर बांध दिए। फिर मैंने कैंडल जलाकर गर्म मोम उसके पूरे शरीर पर टपकाया – चूचियों पर, पेट पर, जांघों पर, गांड पर। वह चीख-चीखकर रो रही थी। मोम ठंडा होकर जम जाता तो मैं चाकू से खुरचता और फिर नया मोम डालता।
उसके बाद मैंने उसके निप्पल्स पर आइस क्यूब्स रखे और चूसते हुए काटा। दर्द और ठंड का मिश्रण उसे पागल कर रहा था। फिर मैंने एक बड़ा डील्डो उसकी चूत में ठेला और दूसरा गांड में। दोनों को हाई स्पीड पर ऑन किया। खुद मैं उसके मुंह में लंड ठूंसकर गला फाड़ रहा था। वह उबकाई ले रही थी, आंसू, थूक और वीर्य सब मिलकर उसका चेहरा गंदा कर रहे थे।
“मैं तेरी मालिक हूं आज?” नहीं, तू मेरी जंगली रंडी है। मैं तुझे जितना चाहूं तोड़ सकता हूं,” मैंने कहा और उसके गाल पर जोरदार थप्पड़ मारा। फिर मैंने दोनों डील्डो निकाले और खुद उसके दोनों छेदों में घुस गया। डबल पेनेट्रेशन। उसकी चीखें आसमान छू रही थीं। मैंने उसे इस तरह 1 घंटे तक चोदा। उसके ऑर्गेज्म की गिनती भूल गया। आखिर में मैंने उसके मुंह, चूत और गांड – तीनों जगहों पर वीर्य भर दिया।
उसके शरीर पर इतने निशान थे कि एक हफ्ते तक वह बाहर नहीं निकल पाई। लेकिन हर बार वह वापस आती। कभी-कभी वह खुद मुझसे कहती, “आर्यन, आज मुझे और ज्यादा दर्द दो। मुझे अपनी सच्ची गुलाम बना दो।”
समय के साथ हम और आगे बढ़ गए। मैंने उसे ट्रेनिंग दी – कैसे घुटनों पर बैठकर लंड चूसना है, कैसे गांड हिलाकर चोदवानी है, कैसे दर्द में भी मुस्कुराना है।
एक बार मैंने उसे कार में बांधकर हाईवे पर घुमाया। कार चलाते हुए उसकी चूत में उंगलियां डाले रखीं। ट्रक ड्राइवरों ने देखा तो हॉर्न बजाए। उसने शर्म से आंखें बंद कर लीं लेकिन चूत और गीली हो गई।
फार्महाउस के बगीचे में भी हमने खुलेआम सेक्स किया। रात के अंधेरे में मैंने उसे पेड़ से बांधा और पीछे से चोदा। आसपास कुत्ते भौंक रहे थे। वह डर के मारे कांप रही थी लेकिन मेरे हर धक्के पर “और जोर से… फाड़ दो…” कह रही थी।
आज भी जब अनन्या आती है तो पहले 10 मिनट तो सिर्फ सजा होती है – चाबुक, थप्पड़, गला दबाना। फिर घंटों तक बर्बर चुदाई। कभी-कभी मैं उसे बिना बताए दोस्तों के सामने भी शेयर कर देता। वह विरोध करती लेकिन अंदर से खुश होती। दोस्तों के सामने उसे रंडी बनाकर चुदवाना – ये सबसे क्रूर मजा था।
ये कहानी खत्म नहीं होती। अनन्या अब मेरी जिंदगी का सबसे गहरा, सबसे खतरनाक और सबसे लत लगाने वाला नशा बन चुकी है। उसकी चूत, गांड और मुंह – सब मेरे लिए हमेशा खुले रहते हैं। और मैं हर बार उसे पहले से ज्यादा क्रूर, ज्यादा बर्बर और ज्यादा पागलों की तरह चोदता हूं।
दोस्तों, अगर तुम्हें लगता है कि सेक्स सिर्फ प्यार से होता है तो गलत सोच रहे हो। असली मजा तो दर्द, गुलामी, चाबुक और बर्बरता में है। अनन्या ने मुझे ये सिखाया और मैंने उसे तोड़कर रख दिया। अब वो मेरी हमेशा की रंडी है – चाहे जितनी बार, जितनी क्रूरता से।