कॉलेज की क्रश रिया अब शादीशुदा है, लेकिन अजय ने उसे बेंगलुरु में बांधकर, व्हिप मारकर, गांड फाड़कर इतनी क्रूर और बर्बर चुदाई दी कि वो विक्रम को भूलकर उसकी परमानेंट स्लट बन गई। नॉनस्टॉप BDSM, पब्लिक रिस्क और बेजोड़ बर्बरता की दुनिया की सबसे हॉटेस्ट कहानी।
फ्रेंड्स, मैं अजय आज आपको अपनी सबसे हॉटेस्ट मैरिड वाइफ फक स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ। ये कहानी इतनी इंटेंस, क्रुएल और बर्बर है कि एक बार शुरू करोगे तो अंत तक रुक नहीं पाओगे।
मेरे कॉलेज टाइम की बात है। हमारी बैच में एक लड़की थी – रिया। उम्र 22 साल की, हाइट 5 फीट 6 इंच, फेयर स्किन, लंबे काले बाल, और बॉडी 36-28-38। उसके ब्रेस्ट्स 36D के थे, जो टाइट टॉप्स में फटने को तैयार रहते थे। कमर पतली, गांड गोल और भारी। चेहरा इतना आकर्षक कि हर लड़का उस पर फिदा था। मैं अजय, 24 साल, 6 फीट लंबा, एथलेटिक बॉडी, चौड़ी छाती और 8 इंच का मोटा, लंबा लंड। कॉलेज में मैं पढ़ाई, स्पोर्ट्स और लीडरशिप में टॉप पर था। रिया मुझे देखते ही पागल हो जाती थी। वो बार-बार कहती थी कि मैं उसका परफेक्ट क्रश हूँ – हैंडसम, स्मार्ट, डोमिनेंट। लेकिन मुझे सिर्फ एक चीज चाहिए थी – बिना किसी कमिटमेंट के उसकी चुत चोदना।
रिया सीरियस रिलेशन चाहती थी, इसलिए हम दोनों अच्छे दोस्त बने रहे। लेकिन अंदर ही अंदर वो मेरे लिए तरसती रहती। कॉलेज के फेयरवेल में उसने ब्लैक साड़ी पहनी थी। उसकी साड़ी से झांकते ब्रेस्ट्स और हिलती गांड देखकर मैंने मन ही मन सोचा था – एक दिन इस रंडी को बेड पर बांधकर इतना चोदूंगा कि वो चल भी न पाए।
कॉलेज खत्म होने के दो साल बाद रिया की शादी हो गई। उसके हसबैंड का नाम था विक्रम – एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर, 28 साल, औसत बॉडी। रिया अब 24 साल की थी। शादी को डेढ़ साल हो चुका था। विक्रम मुंबई में हाई-प्रोफाइल जॉब करता था, जबकि रिया को प्रोजेक्ट के लिए बेंगलुरु ट्रांसफर मिल गया। वो बेंगलुरु के इंडिरानगर में एक लग्जरी 3BHK फ्लैट में अकेली रह रही थी।
एक दिन मैं बिजनेस मीटिंग के लिए बेंगलुरु पहुंचा। मैंने इंस्टाग्राम स्टोरी डाली – बेंगलुरु एयरपोर्ट की। रिया ने तुरंत देखा। उसका मैसेज आया: “अजय! तुम बेंगलुरु में हो? 😍”
मैंने रिप्लाई किया: “हां रिया, मीटिंग के लिए आया हूँ। तू कहां है?”
“मैं इंडिरानगर में ही रह रही हूँ अब। घर आ जा, होटल मत जाना। मैं कैब भेज रही हूँ।”
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मैंने लोकेशन चेंज कर दी। जब मैं उसके फ्लैट पहुंचा, रिया ने दरवाजा खोला। वो एक टाइट ब्लैक टॉप और शॉर्ट्स में थी। उसके 36D ब्रेस्ट्स टॉप से फटने को तैयार थे, निप्पल्स हल्के से उभरे हुए। गांड शॉर्ट्स में मोटी और गोल दिख रही थी। वो मुझे गले लगाई, उसके नरम स्तन मेरी छाती से दब गए।
“वाओ अजय, तू तो और भी हॉट हो गया है। 6 फीट की बॉडी, ये मसल्स…” वो मेरी बाहों को सहलाते हुए बोली।
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “तू भी रिया, अब तो औरत बन गई है। शादीशुदा माल।”
उसने मुझे अंदर ले जाकर गेस्ट रूम दिखाया। मैंने फ्रेश होकर ट्रैक पैंट और टी-शर्ट पहनी। हम हॉल में बैठे। रिया ने वाइन ओपन की। मैंने व्हिस्की बनाई।
“विक्रम कहां है?” मैंने पूछा।
“वो मुंबई में है। अगले 10 दिन तक नहीं आएगा। मैं यहां अकेली हूँ।” कहते हुए उसकी आंखों में शरारत थी।
हम दोनों ने ड्रिंक्स लीं। बातें कॉलेज की हो गईं। सिगरेट पीते हुए हम सुरूर में आ गए। रिया ने कहा, “अजय, तुझे पता है ना, कॉलेज में मैं तुझे कितना चाहती थी। तू परफेक्ट था – मेरा किंग। लेकिन तूने कभी अप्रोच ही नहीं किया।”
मैंने उसकी आंखों में देखते हुए बोला, “मुझे सिर्फ तेरी चुत चाहिए थी रिया, बिना किसी बंधन के। अब तू किसी और की बीवी है।”
वो शर्मा गई लेकिन उसकी सांसें तेज हो गईं। “अब फर्क नहीं पड़ता अजय। आज मैं तेरी हूँ। पूरी तरह।”
मैंने उठकर उसे खींचा और उसके होंठों पर हमला कर दिया। हमारे किस क्रूर थे। मैंने उसके बाल पकड़े और सिर पीछे खींचा। उसकी गर्दन चूसते हुए मैंने उसके टॉप को फाड़ दिया। 36D के ब्रेस्ट्स बाहर आ गए। मैंने एक ब्रेस्ट को जोर से निचोड़ा। रिया चीखी, “आह्ह अजय… जोर से!”
मैंने उसे उठाकर बेडरूम में फेंक दिया। रिया अब पूरी तरह गर्म हो चुकी थी। मैंने अपनी टी-शर्ट उतारी। मेरी हार्ड बॉडी देखकर वो लार टपका रही थी। मैंने उसकी शॉर्ट्स खींचकर फेंक दी। वो बिना पैंटी की थी। उसकी चुत साफ शेव्ड, गुलाबी और पहले से गीली थी।
“तेरी चुत तो पहले से ही मेरे लिए तरस रही है रिया।” मैंने कहा और उसके पैर फैलाकर चुत पर मुंह रख दिया। मेरी जीभ उसके क्लिटोरिस को तेजी से चाटने लगी। मैंने दो उंगलियां अंदर डालकर जोर-जोर से फिंगर फक करना शुरू किया। रिया पागल हो रही थी। वो मेरे सर को अपनी चुत पर दबा रही थी, “चूसो अजय… अपनी रंडी की चुत चूसो… आह्ह!”
मैंने उसके ब्रेस्ट्स को काटा, निप्पल्स को दांतों से खींचा। वो दर्द और मजे में चीख रही थी। मैंने उसे घोड़ी बनाया। उसकी मोटी गांड ऊपर थी। मैंने जोर से चांटा मारा – “थप्प!” लाल निशान पड़ गया। फिर दूसरा, तीसरा। रिया रो रही थी लेकिन गांड हिला रही थी।
मैंने अपना 8 इंच का मोटा लंड निकाला। बिना किसी वार्निंग के एक जोरदार झटके से पूरी लंबाई चुत में ठोक दी। “फच!” की आवाज आई। रिया चीख उठी, “मार दी… फाड़ दी मेरी चुत!”
मैं रुकने वाला नहीं था। मैंने उसके बालों को लगाम बनाया और घोड़ी बनाकर बर्बर चुदाई शुरू कर दी। हर थ्रस्ट इतना जोरदार कि बेड हिल रहा था। “ले रंडी… अपनी शादीशुदा चुत का भोसड़ा बनवा… तेरे विक्रम की बीवी अब मेरी पेट है!”
रिया चीख रही थी, “हां अजय… मुझे चोदो… बर्बर चोदो… मैं तेरी स्लट हूँ… विक्रम कभी ऐसा नहीं चोद पाया!”
मैंने उसे 20 मिनट तक इस पोजिशन में पेला। फिर उसे उल्टा लिटाया, पैर कंधों पर रखे और मिशनरी में घुसा। मेरे लंड की मोटाई से उसकी चुत फट रही थी। मैंने उसके गले पर हाथ रखकर हल्का दबाया – BDSM स्टाइल। वो आंखें बंद करके मजे ले रही थी।
“तेरे ब्रेस्ट्स इतने बड़े हैं रिया, इन्हें दूध पिलाने वाली गाय बना दूंगा आज।” मैंने ब्रेस्ट्स को जोर से थपड़ा, निचोड़ा, काटा। निप्पल्स सूज गए थे।
उसके बाद मैंने उसे बेड से बांध दिया। हाथ-पैर बेड पोस्ट्स से रस्सी से बंधे। अब वो पूरी तरह मेरी मर्सी पर थी।
मैंने आईस क्यूब्स निकाले और उसकी चुत पर, ब्रेस्ट्स पर रगड़ा। वो कांप रही थी। फिर मैंने अपना लंड उसके मुंह में ठूंस दिया। “चूस रंडी… गला तक ले!”
रिया गैग हो रही थी लेकिन पूरी कोशिश कर रही थी। मैंने उसके मुंह को फक किया। लार उसके मुंह से बह रही थी।
फिर मैंने उसे खोला और डॉगी स्टाइल में फिर से चोदा। अब मैंने उसके गले पर हल्का कॉलर बांध दिया और चेन से खींचा। “मेरी पेट बिच… चल!” हर थ्रस्ट के साथ चांटे पड़ रहे थे उसकी गांड पर।
रिया कई बार झड़ चुकी थी। उसकी चुत से पानी बह रहा था। “अजय… मैं मर जाऊंगी… इतना इंटेंस कभी नहीं हुआ… तू मॉन्स्टर है!”
मैंने उसे 4 घंटे तक लगातार चोदा – हर पोजिशन में। स्पूनिंग, राइडिंग, स्टैंडिंग, वॉल पर चिपकाकर। मैंने उसकी गांड भी फिंगर की, फिर लंड से थोड़ा-थोड़ा घुसाया। “आज तेरी गांड भी मेरी कर लूंगा रिया।”
वो चीखी, “हां… फाड़ दो… सब कुछ ले लो मेरा!”
रात के 3 बजे तक चुदाई चलती रही। आखिर में मैंने उसे केनेल पोजिशन में लिटाया और अपना लंड उसके मुंह में डालकर झड़ा। वो पूरा स्वॉलो कर गई। फिर मैंने उसकी चुत और गांड पर भी अपना माल छोड़ा।
सुबह वो उठी तो चल नहीं पा रही थी। उसकी चुत सूजी हुई, लाल, निशानों से भरी। ब्रेस्ट्स पर दांत के निशान, गांड पर चांटों के लाल घाव। वो मुस्कुराई और बोली, “अजय… ये मेरी लाइफ का सबसे बेस्ट, क्रुएल और इंटेंस सेक्स था। विक्रम कभी सपने में भी ऐसा नहीं कर सकता। मैं अब तेरी हूँ… जब भी बुलाओ, आ जाऊंगी।”
मैंने उसे किस किया और कहा, “रिया, तू अब मेरी प्राइवेट मैरिड स्लट है। अगली बार और ज्यादा टॉर्चर करूंगा।”
फ्रेंड्स, वो 10 दिन मेरे और रिया के लिए जिंदगी के सबसे खतरनाक और लत लगाने वाले दिन साबित हुए। हर रात, हर सुबह, हर पल रिया मेरी बर्बरता का शिकार बनती गई। वो अब मेरी पूरी तरह ब्रोकन मैरिड स्लट बन चुकी थी।
दूसरे दिन सुबह मैं उठा तो रिया बेड पर लेटी हुई थी। उसकी चुत अभी भी सूजी हुई थी, रात की चुदाई के निशान साफ दिख रहे थे। मैंने उसे उठाया और शावर में ले गया। गर्म पानी के नीचे मैंने उसके बाल पकड़े और उसे घुटनों पर बैठा दिया। “मुंह खोल रंडी… आज तेरे गले को ट्रेनिंग दूंगा।”
मेरा 8 इंच का मोटा लंड उसके मुंह में घुसा। मैंने जोर-जोर से थ्रस्ट किए। रिया गैग हो रही थी, आंसू बह रहे थे, लेकिन वो अपनी पूरी कोशिश कर रही थी। मैंने उसके सिर को दीवार से दबाया और गला फक किया। जब वो सांस लेने के लिए तरस रही थी, तब जाकर मैंने निकाला। फिर मैंने उसे शावर की दीवार से चिपकाया, एक पैर उठाया और खड़े-खड़े उसकी चुत में घुस गया। हर धक्का इतना क्रूर था कि उसकी चीखें पूरे बाथरूम में गूंज रही थीं।
“तेरा विक्रम कभी तेरी इस चुत को ऐसे नहीं मार सकता… तू अब मेरी प्रॉपर्टी है!” मैंने उसके गले को दबाते हुए कहा। रिया झड़ गई, उसके पैर कांप रहे थे।
दिन भर ऑफिस के बाद शाम को मैंने उसे एक सरप्राइज दिया। मैंने ऑनलाइन से बेस्ट BDSM किट मंगवाई थी – चेन, हैंडकफ, व्हिप, क्लैम्प्स, बॉल गैग। रिया घर आई तो पूरा लिविंग रूम डिम लाइट्स में था। मैंने उसे तुरंत कपड़े उतारने को कहा। जब वो नंगी खड़ी हुई, मैंने उसके निप्पल्स पर मेटल क्लैम्प्स लगा दिए। रिया चीखी, “आह्ह… दर्द हो रहा है अजय!”
“दर्द ही तो मजा है मेरी जान।” मैंने व्हिप उठाया और उसके ब्रेस्ट्स, पेट, जांघों पर हल्के-हल्के लेकिन तेज वार किए। लाल धारियां पड़ गईं। फिर मैंने उसे फर्श पर घुटनों के बल बैठाया, हाथ पीछे बांधे और बॉल गैग मुंह में लगा दिया। अब वो सिर्फ कराह सकती थी।
मैंने अपना लंड निकाला और उसके चेहरे पर थपथपाया। फिर मैंने उसे काउच पर झुकाया और पीछे से एक झटके में गांड में घुसने की कोशिश की। रिया का पूरा शरीर तन गया। “रिलैक्स स्लट… आज तेरी गांड का भोसड़ा बनाऊंगा।” मैंने लुब्रिकेट किया और धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर ठोक दिया। रिया की आंखें बाहर निकल रही थीं। मैंने तेजी से पंपिंग शुरू कर दी। गांड की टाइट चुत मेरे लंड को जकड़ रही थी।
हर थ्रस्ट के साथ मैं व्हिप से उसकी पीठ पर मार रहा था। “काउंट कर रंडी!” वो गैग के कारण सिर्फ “म्म्म… म्म्म” कर पा रही थी। 30 मिनट तक गांड फक करने के बाद मैंने उसे उल्टा किया, क्लैम्प्स हटाए और उसके सूजे निप्पल्स को चूसते हुए चुत में घुस गया। वो लगातार झड़ रही थी – 5 बार तक।
तीसरे दिन मैंने उसे ऑफिस से डायरेक्ट एक हाईवे के पास वाले मोटल में बुलाया। पब्लिक रिस्क वाला खेल। मैंने उसे कार में ही स्ट्रिप किया। कार पार्किंग में थी, बाहर लोग आ-जा रहे थे। मैंने उसे कार की सीट पर घुटनों पर बैठाया और मुंह फक किया। फिर पीछे की सीट पर उसे डॉगी में चोदा। खिड़की थोड़ी खुली थी, बाहर से आवाजें आ रही थीं। रिया डर और उत्तेजना से पागल थी। “अगर कोई देख लिया तो?” वो हांफते हुए बोली।
“तो तू पब्लिक रंडी बन जाएगी।” मैंने और जोर से पेला। कार हिल रही थी। आखिर में मैंने उसके मुंह में झड़ दिया और कहा, “अब ऑफिस जा, मेरे माल के साथ।”
रात को घर लौटकर मैंने उसे और क्रूर गेम खेला। मैंने उसे फुल बॉडी बांध दिया – स्प्रेड ईगल पोजिशन। फिर वैब्रेटर को उसकी चुत में हाई स्पीड पर चला दिया और खुद उसके मुंह पर बैठ गया। वो सांस लेने के लिए तरस रही थी। मैंने एजिंग गेम खेला – जब वो झड़ने वाली होती, मैं रुक जाता। 1 घंटे तक ये टॉर्चर चलता रहा। आखिर जब मैंने परमिशन दी, रिया इतनी जोर से झड़ी कि उसने शीट गीली कर दी।
चौथे और पांचवें दिन मैंने उसे ट्रेनिंग दी। हर घंटे में एक नया टास्क। सुबह उसकी चुत में बेन वा बॉल्स डालकर ऑफिस भेजा। दिन भर वो मीटिंग्स में बैठी रही, लेकिन अंदर से वाइब्रेशन चल रहा था। वो मुझे बार-बार मैसेज कर रही थी – “मैं कंट्रोल नहीं कर पा रही… झड़ने वाली हूँ।”
शाम को घर आकर सजा मिली। मैंने उसे बालकनी में ले जाकर (10वीं मंजिल) नंगी खड़ा किया। बालकनी में रेलिंग पकड़वाकर पीछे से चोदा। नीचे सड़क पर ट्रैफिक था। कोई भी ऊपर देख लेता तो रिया की शादीशुदा इज्जत खत्म। लेकिन वो अब इतनी एडिक्ट हो चुकी थी कि उसे परवाह नहीं थी। “चोदो मास्टर… फाड़ दो… मैं आपकी हूं!”
छठे दिन मैंने उसे एक प्राइवेट BDSM क्लब में ले गया (बेंगलुरु के अंडरग्राउंड सीन में)। वहां मास्क पहने हुए। मैंने उसे स्टेज पर बांधा और पब्लिक के सामने व्हिपिंग की। फिर दो और डोमिनेंट लड़कियों के साथ थ्रीसम। रिया की चुत और गांड दोनों पर एक साथ अटैक। वो चीख-चीखकर रो रही थी लेकिन मांग रही थी “और… और दो!”
क्लब से लौटकर घर में मैंने उसे पूरे हफ्ते की सजा दी। मैंने उसके पूरे शरीर पर वैक्स प्ले किया। गर्म वैक्स ड्रिप करके फिर छीलकर। हर बार वो चीखती। फिर आइस और वैक्स का अल्टरनेट टॉर्चर। उसकी चुत इतनी सेंसिटिव हो गई थी कि छोटी सी टच पर झड़ जाती।
सातवें दिन विक्रम का फोन आया। रिया मेरे लंड पर सवार होकर बात कर रही थी। मैं नीचे से धीरे-धीरे ऊपर उठा रहा था। रिया की आवाज कांप रही थी। “हां… सब ठीक है… आह… काम में बिजी हूँ…” मैंने जोर से थ्रस्ट मारा, वो चीखते-चीखते झड़ गई। विक्रम को कुछ शक नहीं हुआ। रिया ने फोन कट किया तो मेरे गले लगकर बोली, “तुमने मुझे कितना गिरा दिया है अजय… लेकिन मैं अब बिना तुम्हारे नहीं रह सकती।”
आखिरी तीन दिनों में मैंने उसे पूरी तरह ब्रेकिंग पॉइंट तक ले गया। एक दिन मैंने उसे 24 घंटे का चैलेंज दिया – कोई कपड़ा नहीं, सिर्फ कॉलर और चेन। पूरे फ्लैट में वो मेरी पेट की तरह घूमेगी। मैं जब चाहूं, उसे बांधकर चोदूं। रात को मैंने उसे टेबल पर बांधकर खाना खिलाया – मेरा लंड उसके मुंह में।
आखिरी रात सबसे क्रूर थी। मैंने उसे फ्लैट की छत पर ले जाया (प्राइवेट)। वहां स्टार्स के नीचे मैंने उसे क्रॉस पोजिशन में बांधा। 2 घंटे तक नॉन-स्टॉप चुदाई – चुत, मुंह, गांड। व्हिप, स्लैप, चोकिंग, हेयर पुलिंग। रिया अब पूरी तरह सबमिट हो चुकी थी। “मैं तेरी परमानेंट स्लट हूँ मास्टर… विक्रम सिर्फ नाम का पति है। मेरी बॉडी, मेरी चुत, मेरी गांड – सब तुम्हारा।”
जब मैं बेंगलुरु से वापस जाने लगा, रिया एयरपोर्ट तक आई। उसकी चाल लड़खड़ा रही थी। आंखों में आंसू थे लेकिन होंठों पर मुस्कान। “अगली बार कब आओगे?” उसने पूछा।
मैंने उसके कान में फुसफुसाया, “जल्दी… और अगली बार तेरे विक्रम को भी शामिल करके चुदवाऊंगा तुझे… या फिर तेरी बहन को भी बुला लूंगा।”
रिया कांप गई लेकिन उसकी आंखों में नई उत्तेजना थी।
फ्रेंड्स, ये सिर्फ शुरुआत थी। उसके बाद भी कई बार हम मिले – गोवा, मुंबई, हिमाचल। हर बार नया लेवल ऑफ क्रुएल्टी, नया BDSM गेम। रिया अब एक परफेक्ट हिडन स्लट बन चुकी है – बाहर से परफेक्ट वाइफ, अंदर से मेरी ब्रूटल सेक्स मशीन।
अगर आप सोच रहे हो कि ऐसी कहानी सिर्फ कल्पना है, तो गलत सोच रहे हो। असल जिंदगी में भी कुछ औरतें इतनी हिडन डिजायर्स रखती हैं कि एक सच्चा डोमिनेंट उन्हें पूरी तरह बदल देता है।
ये थी मेरी दुनिया की सबसे वाइल्ड, हार्डकोर, ब्रूटल और अनस्टॉपेबल मैरिड गर्ल फक जर्नी। पूरी पढ़ने के बाद भी दिल नहीं मानेगा… क्योंकि रिया अब भी मेरा इंतजार कर रही है।
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