प्रिया की चूत-गांड का खूनी कत्लेआम

19 साल की हॉट प्रिया को आर्यन ने दुकान और होटल में 8 इंच के monster लंड से बर्बर तरीके से नोचा-खसोटा, फाड़ा और रात-दिन तबाह किया। दर्द, चीखें और पागलपन भरी non-stop brutal चुदाई की खतरनाक जंग lustyweb hindi story app lustystories par padh rhe ho।

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम आर्यन है। मैं 24 साल का एक तगड़ा, हैंडसम और फिट लड़का हूँ। मेरा घर मुंबई के एक व्यस्त सबर्ब में है, जहां दिन-रात की भाग-दौड़ चलती रहती है। मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव की जॉब करता हूँ। मेरा लंड 8 इंच लंबा और 5 इंच मोटा है, जो किसी भी लड़की को चीख-चीख कर चोदने के लिए काफी है। मैं सेक्स के हर तरीके से वाकिफ हूँ – चाहे वो तेज़ ठुकाई हो, गहरी चुदाई हो या brutal hardcore फक्किंग। मैंने कई लड़कियों, भाभियों और आंटियों को उनकी चूत फाड़ कर संतुष्ट किया है। आज मैं अपनी एक ऐसी ही यंग गर्ल सेक्स कहानी शेयर कर रहा हूँ जो कुछ हफ्ते पहले हुई थी।


मेरे घर के ठीक सामने एक छोटी किराना दुकान है। उस दुकान पर प्रिया नाम की 19 साल की लड़की अक्सर बैठती थी। प्रिया देखने में बेहद खूबसूरत और सेक्सी थी। उसका फिगर 36-24-38 का था – बड़े-बड़े गोल-गोल मम्मे, पतली कमर और मोटी-मोटी गदराई हुई गांड। उसकी त्वचा दूध जैसी सफेद थी और होंठ इतने मोटे थे कि देखते ही चूसने का मन करता था। वह टाइट टॉप और शॉर्ट स्कर्ट या सलवार सूट में इतनी हॉट लगती कि सड़क पर चलते लोग भी घूर-घूर कर देखते।


मैं रोज शाम को दुकान पर सामान लेने जाता। शुरू-शुरू में तो बस हेलो-हाय होता था, लेकिन धीरे-धीरे बातें बढ़ने लगीं। प्रिया बहुत शरारती और बोल्ड थी। वह मुझे देखते ही मुस्कुराती और मजाक करने लगती। “आर्यन भैया, आजकल तो रोज आ रहे हो। क्या खास सामान चाहिए या मेरी मुस्कान?” ऐसे ही कमेंट्स से शुरू हुआ हमारा फ्लर्टिंग।


एक दिन मैं दुकान पर गया। गर्मी का मौसम था, दोपहर के समय दुकान सूनी पड़ी थी। प्रिया अकेली बैठी थी। उसने आज टाइट ब्लैक टॉप पहना था जिससे उसके 36 इंच के मम्मे उभर-उभर कर दिख रहे थे। नीचे शॉर्ट जींस जो उसकी मोटी गांड को टाइटली पैक कर रही थी।
“क्या लेना है आज?” उसने पूछा, लेकिन नजरें मेरी बॉडी पर घुमा रही थीं।


मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “सामान तो बहुत है, लेकिन सबसे पहले तो तुम्हारी वो गर्मी शांत करनी है जो मुझे रोज सता रही है।”
प्रिया हंसी और मेरी तरफ झुकते हुए बोली, “अरे वाह! तुम्हारी गर्मी तो मैं रोज महसूस करती हूँ। लेकिन दिखाओगे कब? या बस बातें ही मारोगे?”


उसकी ये बोल्ड बात सुनकर मेरा लंड पैंट में खड़ा हो गया। मैंने जवाब दिया, “मौका दो तो पूरी गर्मी दिखा दूं, ऐसी कि तुम चीख-चीख कर रह जाओ।”


उस दिन बात वहीं खत्म हुई, लेकिन अब हम दोनों के बीच की हवा पूरी तरह बदल चुकी थी। रोज फ्लर्टिंग बढ़ती गई। वह मुझे “मेरा हॉट हिरो” कहने लगी। मैं उसे “चुदक्कड़ रानी” बोलता। एक दिन उसने व्हाट्सएप पर अपनी ब्रा के अंदर की फोटो भेज दी। “देखो, तुम्हारे लिए तैयार है,” लिखा था।


फिर वो दिन आ गया। दोपहर का समय, बाहर सूरज तप रहा था। मैं दुकान पर पहुंचा। प्रिया ने मुझे देखते ही अंदर बुलाया। “आज घर वाले सब बाहर गए हैं। शाम तक नहीं आएंगे। अंदर आओ, दुकान बंद करती हूँ।”


मैं अंदर घुसा। उसने तुरंत शटर गिरा दिया और लॉक कर दिया। एसी चल रहा था, लेकिन कमरे में हम दोनों की गर्मी फैल रही थी।
प्रिया मेरे पास आई, मेरी शर्ट का बटन खोलते हुए बोली, “आज मुझे अपनी पूरी गर्मी दिखाओ आर्यन। मैं बहुत दिनों से तुम्हारे इस मोटे लंड का इंतजार कर रही हूँ।”


मैंने उसे कसकर अपनी बाहों में खींच लिया। उसके मोटे होंठों को चूसने लगा। हम दोनों की जीभें एक-दूसरे से लड़ रही थीं। मैंने उसके टॉप को ऊपर किया। ब्रा के अंदर से उसके बड़े-बड़े मम्मे बाहर निकल आए। मैंने ब्रा खोल दी और एक मम्मा मुंह में भर लिया। प्रिया सिसक उठी, “आह्ह्ह… आर्यन, जोर से चूसो… काटो इन्हें!”


मैंने उसके निप्पल को दांतों से काटा, खींचा, चूसा। वह तड़प रही थी। मेरे दूसरे हाथ ने उसकी जींस का बटन खोला और अंदर घुस गया। उसकी चूत पहले से गीली थी। मैंने दो उंगलियां अंदर डालीं और तेजी से अंदर-बाहर करने लगा।
“फाड़ दो मेरी चूत… आज पूरी तरह नष्ट कर दो!” वह चीख रही थी।


मैंने उसे दुकान के काउंटर पर बैठा दिया। उसकी जींस और पैंटी पूरी उतार दी। उसकी चूत क्लीन शेव थी, गुलाबी और फूली हुई। मैं घुटनों पर बैठ गया और जीभ से चूत चाटने लगा। प्रिया मेरे सिर को अपनी चूत में दबाए जा रही थी। “चाटो… और तेज… आह्ह्ह… मैं झड़ने वाली हूँ!”


कुछ ही मिनटों में वह पहली बार झड़ गई। उसके रस मेरे मुंह में भर गए। लेकिन मैं रुका नहीं। मैंने अपनी पैंट उतारी। मेरा 8 इंच का मोटा लंड लोहे की तरह खड़ा था।
प्रिया ने आंखें फाड़ कर देखा, “मर गई… इतना मोटा और लंबा! ये मेरी छोटी चूत में कैसे जाएगा?”
“जाएगा… और पूरी फाड़ देगा,” मैंने कहा और उसके मुंह में ठूंस दिया।


प्रिया गैग होती हुई भी पूरा लंड चूसने की कोशिश कर रही थी। वह गहरी थ्रोट कर रही थी। सलाइवा उसके मुंह से बह रहा था। मैंने उसके बाल पकड़ कर उसके मुंह में जोर-जोर से ठोका। “चूस साली… पूरी तरह निगल इसे!”


पांच मिनट चूसने के बाद मैंने उसे काउंटर पर लिटाया। टांगें फैला कर उसके ऊपर चढ़ गया। लंड की नोक चूत पर रखी और एक जोरदार धक्का मारा। आधा लंड अंदर चला गया।


“आआआह्ह्ह… फट गई मेरी चूत! बाहर निकालो!” प्रिया चीखी, लेकिन मैंने उसके मुंह पर हाथ रख दिया और दूसरा brutal धक्का मारा। पूरा 8 इंच का लंड उसकी चूत के अंदर समा गया।


अब मैं रुका नहीं। तेज-तेज़ ठुकाई शुरू कर दी। हर धक्के पर उसके मम्मे उछल रहे थे। प्रिया दर्द और मजे के मिले-जुले आंसुओं के साथ चीख रही थी, “चोदो… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत… तुम्हारा लंड बहुत मोटा है… आह्ह्ह!”


मैंने उसकी टांगें अपने कंधों पर रख लीं और पिस्टन की तरह चोदने लगा। कमरा उसके कराहने और चुदाई की आवाजों से भर गया। वह दो बार और झड़ चुकी थी। मैंने पोजीशन बदला – उसे doggy स्टाइल में किया। उसकी मोटी गांड को थपथपाते हुए लंड अंदर-बाहर कर रहा था।


“गांड भी मारोगे ना?” उसने हांफते हुए पूछा।
“जरूर मारूंगा, लेकिन पहले चूत को भर दूं,” मैंने कहा।


कुछ देर बाद मेरी रफ्तार और बढ़ गई। मैंने उसके बाल खींचे, गर्दन दबाई और आखिरी जोरदार धक्कों के साथ अपनी सारी गर्मी उसके अंदर छोड़ दी। प्रिया भी एक साथ झड़ गई। हम दोनों पसीने से तर-बतर होकर लेट गए।
लेकिन ये सिर्फ शुरुआत थी।


शाम को मैंने उसे होटल ले जाने का प्लान बनाया। प्रिया तैयार थी। हम एक अच्छे होटल में चेक-इन किए। कमरे में घुसते ही मैंने उसे दीवार से सटा दिया और खड़े-खड़े फिर से चोदा। इस बार उसकी गांड पर भी निशान छोड़ दिए।


रात भर हमने hardcore सेक्स किया। मैंने उसे हर पोजीशन में चोदा – missionary, cowgirl, reverse cowgirl, spooning। उसके मम्मों पर काटने के निशान, गांड पर लाल थप्पड़ के मार्क्स, चूत पर सूजन। वह हर बार चीखती, रोती, लेकिन और मांगती।
“आर्यन… तुम जानवर हो… लेकिन मैं तुम्हारी चुदक्कड़ बनना चाहती हूँ। रोज चोदो मुझे,” वह बार-बार कह रही थी।


मैंने उसे शावर के नीचे खड़ा करके चोदा, बेड पर उल्टा करके चोदा। आखिरकार रात के तीन बजे तक हम थककर सो गए। सुबह फिर से एक राउंड हुआ।


उस दिन के बाद प्रिया मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा नशा बन गई। होटल वाली रात के बाद हम दोनों रोज़ किसी न किसी बहाने मिलने लगे। दुकान अब सिर्फ़ मिलने का बहाना बन गई थी। उसके घर वाले अक्सर बाहर रहते, तो हम दुकान के अंदर वाले छोटे स्टोर रूम में घंटों तक जानवरों की तरह चुदाई करते। लेकिन एक दिन की घटना ने सब कुछ और भी brutal और wild बना दिया।


दोपहर के 2 बजे थे। बाहर 42 डिग्री गर्मी पड़ रही थी। मैं दुकान पहुंचा। प्रिया ने शटर आधा गिरा रखा था। जैसे ही मैं अंदर घुसा, उसने पूरा शटर बंद कर दिया और मेरी तरफ़ दौड़ी। उसने आज एकदम transparent सफ़ेद टॉप पहना था जिसमें उसके 36 इंच के मम्मे बिना ब्रा के झूल रहे थे। निप्पल साफ़ दिख रहे थे। नीचे सिर्फ़ एक tiny स्कर्ट जो मुश्किल से उसकी मोटी गांड को ढक पा रही थी।


“आर्यन… आज मुझे बहुत तेज़ चोदना है। मेरी चूत पिछले 2 दिन से सूज गई हुई है तुम्हारे लंड की याद में,” उसने मेरे कान में फुसफुसाते हुए कहा और मेरी पैंट पर हाथ फेरने लगी।


मैंने उसे बालों से पकड़कर घसीटते हुए स्टोर रूम में ले गया। वहां पुराने सामान रखे थे, लेकिन बीच में एक पुराना mattress पड़ा था। मैंने उसे mattress पर धकेल दिया। प्रिया गिरते ही अपनी स्कर्ट ऊपर कर चूत दिखाने लगी। उसकी चूत पहले से ही चमक रही थी – पूरी गीली और भूखी।


“साली, आज तुझे मैं ऐसा चोदूंगा कि तू 3 दिन तक चल नहीं पाएगी,” मैंने कहा और अपनी शर्ट उतार दी। मेरा 8 इंच का मोटा लंड पहले से ही फटने को तैयार था।


प्रिया घुटनों पर बैठ गई और लंड मुंह में ले लिया। वह गहरी थ्रोट कर रही थी। पूरा लंड उसके गले तक जा रहा था। सलाइवा उसके मुंह से निकलकर मम्मों पर गिर रहा था। मैंने उसके सिर को दोनों हाथों से पकड़कर जोर-जोर से मुंह में ठोकना शुरू कर दिया। “चूस साली चुदक्कड़… गला फाड़ दे अपना… आह्ह्ह!”


वह उबकाई ले रही थी लेकिन रुक नहीं रही थी। उसकी आंखों से पानी निकल रहा था। 7-8 मिनट तक उसके मुंह को फाड़ने के बाद मैंने उसे उठाया और दीवार से सटा दिया। उसकी एक टांग को कंधे पर चढ़ाया और एक ही झटके में पूरा लंड उसकी चूत में धकेल दिया।
“आआआह्ह्ह मर गई रे… फट गई मेरी चूत!” प्रिया चीख उठी। लेकिन मैंने रुकना नहीं था। मैं पागलों की तरह पिस्टन मारने लगा।

हर धक्का इतना जोरदार कि उसके मम्मे ऊपर-नीचे उछल रहे थे। मैंने उसके निप्पल को दांतों से काट लिया। खून जैसा स्वाद मुंह में आ गया। वह दर्द से चीख रही थी लेकिन अपनी गांड आगे करके और गहराई मांग रही थी।
“और जोर से… फाड़ दो… मेरी चूत तुम्हारी है… आज इसे तबाह कर दो!” वह चिल्ला रही थी।


मैंने पोजीशन बदला। उसे चारों हाथ-पैरों पर किया और doggy में घुसा। उसकी मोटी गांड पर जोर-जोर से थप्पड़ मार रहा था। लाल निशान पड़ गए। लंड पूरी रफ़्तार से अंदर-बाहर। चूत से पानी की छींटें उड़ रही थीं। मैंने उसके बाल खींचे, गर्दन दबाई और लगातार चोदता रहा। प्रिया दो बार झड़ चुकी थी। उसकी टांगें कांप रही थीं।


फिर मैंने उसे mattress पर उल्टा लिटाया। टांगें सिर के पास मोड़कर piledriver पोजीशन में घुसा। इस पोजीशन में लंड सबसे गहरा जाता था। प्रिया की चीखें पूरे स्टोर रूम में गूंज रही थीं। “बस करो… नहीं सह पा रही… आह्ह्ह फिर झड़ रही हूँ!”


मैंने अंदर ही अंदर झड़ दिया। गर्म वीर्य उसकी चूत भर गया। लेकिन मैं अभी थका नहीं था। मैंने उसे शावर रूम की तरफ़ घसीटा। वहां खड़े-खड़े फिर से चोदा। उसके मम्मों को थप्पड़ मारते हुए, गांड में उंगली डालते हुए।


उस शाम हम होटल नहीं गए। दुकान में ही रुके। रात 10 बजे तक हमने 4 राउंड लिए। आखिरी राउंड में मैंने उसकी गांड मारी। पहले तो उसने मना किया, “ये बहुत मोटा है… दर्द होगा,” लेकिन मैंने शहद लगाकर और उंगलियों से तैयार करके धीरे-धीरे घुसाया। फिर पूरी रफ़्तार। प्रिया दर्द और मजे के आंसू रो रही थी। “आर्यन… तुम जानवर हो… लेकिन मुझे पसंद है… और चोदो मेरी गांड!”


रात भर हमने एक-दूसरे को नोच-खसोट कर चोदा। उसके शरीर पर काटने के निशान, थप्पड़ों के लाल छाप, चूत और गांड दोनों सूजी हुई। सुबह होते-होते वह मुश्किल से चल पा रही थी।


लेकिन ये सिर्फ़ शुरुआत थी। अगले हफ्ते हमने और खतरनाक प्लान बनाया। मैंने अपनी कंपनी की आउटिंग के बहाने एक हिल स्टेशन पर 3 दिन की ट्रिप बुक की। प्रिया ने घर पर झूठ बोला कि उसकी सहेली के साथ जा रही है।


ट्रिप के पहले दिन ही होटल के रूम में हमने कमाल कर दिया। मैंने प्रिया को पूरा नंगा करके बेड से बांध दिया। हाथ-पैर चारों तरफ़ फैलाकर। फिर blindfold लगा दिया। मैंने आइस क्यूब्स से उसके पूरे शरीर को सहलाया – मम्मों पर, चूत पर, गांड पर। फिर गर्म मोमबत्ती का मोम टपकाया। वह तड़प रही थी।


“आर्यन… मार डालोगे क्या आज?” वह हांफते हुए बोली।
मैंने लंड उसके मुंह में ठूंस दिया और चूत में vibrator डाल दिया। दोनों तरफ़ से सताने लगा। प्रिया झड़ते-झड़ते बेहोश होने लगी। फिर मैंने उसे खोलकर हर पोजीशन में brutal चुदाई की। Balcony पर खड़े-खड़े चोदा जहां नीचे लोग घूम रहे थे। वह दबे स्वर में चीख रही थी।


दूसरे दिन हम जंगल की तरफ़ घूमने गए। वहां सुनसान जगह पर मैंने उसे कार के बोनट पर लिटाकर चोदा। दिन के उजाले में, खुली जगह पर। कोई आ जाता तो क्या होता, ये सोचकर और मजा आ रहा था। उसकी चूत और गांड दोनों भरीं।


तीसरे दिन होटल के स्विमिंग पूल वाले प्राइवेट विला में हमने वॉटर सेक्स किया। पानी में उसे उठाकर चोदा। उसकी टांगें मेरी कमर पर। पानी की लहरों के साथ तेज़ ठुकाई। शाम को रूम में फिर gangbang जैसा सीन – मैं अकेला था लेकिन उसको बार-बार कह रहा था कि “कल तेरी सहेली को भी बुलाऊंगा, दोनों को साथ चोदूंगा।” वह उत्तेजित होकर और भी wild हो गई।


ट्रिप के बाद वापस शहर में हमारा खेल और बढ़ गया। एक दिन दुकान बंद करके हमने रात भर वहां ही रहने का फैसला किया। मैंने प्रिया को पूरा नंगा करके काउंटर पर लिटाया। शहद, चॉकलेट सिरप सब कुछ उसकी चूत, मम्मों और गांड पर डाला और चाट-चाट कर खाया। फिर उसने मुझे भी वैसा ही किया। हम दोनों एक-दूसरे के शरीर को चाटते, काटते, चोदते रहे।


उस रात मैंने उसे 6 बार चोदा। हर बार नई पोजीशन, नया दर्द, नया मजा। आखिरी राउंड में उसकी दोनों छेदों में उंगलियां और लंड चूत में – double penetration जैसा। प्रिया पागल हो गई थी। “आर्यन… मैं तुम्हारी गुलाम हूँ… जितना चाहो चोदो… मेरी चूत और गांड हमेशा तुम्हारे लिए खुली रहेगी!”


उसके बाद हमारा रिश्ता और गहरा होता गया। प्रिया अब कभी-कभी अपनी एक सहेली को भी साथ लाती है। लेकिन वो कहानी फिर कभी। फिलहाल ये थी हमारी wild, brutal और बेहद intense सेक्स जर्नी।


दोस्तों, अगर ये कहानी आपको पसंद आई और आप और ज्यादा डिटेल, अगली ट्रिप वाली कहानी या प्रिया की सहेली वाली कहानी चाहते हो तो कमेंट में जरूर बताना। मैं पूरी boldness के साथ सब शेयर करूंगा।
आर्यन

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