तीन लंडों की भूखी गांड

32 साल की प्रिया की शादीशुदा चूत और गांड तीन मोटे-जंगली लंडों से बुरी तरह फट गई। पति के दोस्तों के साथ brutal थ्रीसम, डबल पेनेट्रेशन, चीखते हुए ऑर्गेज्म और रंडी बनने की आग – एक बेकाबू हॉट देसी वाइफ की सबसे खतरनाक रात yeh group sex stories ap lustystories par padh rhe ho।

नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम प्रिया है। मेरी उम्र 35 साल है और मैं मुंबई की रहने वाली हूँ। मेरा फिगर 38-28-40 है। मैं देखने में गोरी-चिट्टी हूँ लेकिन मेरी आँखों में वो आग है जो किसी भी मर्द को पागल कर दे। मेरी शादी को 12 साल हो चुके हैं। मेरे पति राहुल एक मल्टीनेशनल कंपनी में सीनियर मैनेजर हैं। हम दोनों एक-दूसरे से बेहद प्यार करते हैं, लेकिन शादी के इतने सालों और एक 8 साल के बेटे के बाद हमारी सेक्स लाइफ काफी नीरस हो गई थी।


मूल रूप से मैं पुणे की हूँ, लेकिन राहुल की जॉब की वजह से हमें मुंबई शिफ्ट होना पड़ा। हमारे बेटे की गर्मियों की छुट्टियाँ शुरू हुईं तो मेरे देवर उसे अपने साथ पुणे ले गए। घर में अब सिर्फ मैं और राहुल थे। पूरी तरह अकेले।


राहुल हमेशा से ही सेक्स में कुछ नया ट्राई करने के शौकीन थे, लेकिन मैं थोड़ी संकोची थी। फिर भी, 12 साल की शादी के बाद वो सुख जो शुरू के सालों में था, वो अब कम हो गया था। एक रात वो अपने फोन पर कुछ खास वीडियो दिखाने लगे। पहले तो नॉर्मल कपल वाले थे, लेकिन अचानक उन्होंने एक थ्रीसम वाली हॉट वीडियो प्ले कर दी। स्क्रीन पर एक औरत दो मर्दों के बीच फँसी हुई थी – एक उसकी चूत में जोर-जोर से धक्के मार रहा था, दूसरा उसके मुँह में अपना मोटा लंड ठूँस रहा था। औरत की चीखें और कराहें पूरे कमरे में गूँज रही थीं।
मैं चौंक गई। “ये क्या चला दिया राहुल? ये तो बहुत गंदा है!”


राहुल मुस्कुराए, उनकी आँखों में शरारत थी। “देखो ना जaan, कितना मजा ले रही है वो। एक लंड चूत में, दूसरा गले तक मुँह में। मैं सोचता हूँ तुम्हें भी ऐसा एक्सपीरियंस मिले तो कैसा लगेगा?”


मेरा चेहरा लाल हो गया। गुस्सा भी आया और अंदर ही अंदर एक अजीब सी गर्मी भी। “तुम मुझे ऐसी औरत समझते हो? मैं ऐसी नहीं हूँ!”
राहुल ने मुझे अपनी गोद में खींच लिया। “मज़ाक कर रहा था बेबी। लेकिन सच कहूँ तो ये वीडियो देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता है।” उन्होंने अपना फोन साइड रखा लेकिन वीडियो चलती रही। उस औरत की चीखें, धड़कते शरीर और दो मोटे लंडों के बीच फँसी हुई उसकी हालत देखकर मेरी चूत भी गीली होने लगी।


हम दोनों चुपचाप वीडियो देखते रहे। राहुल के हाथ मेरे ब्लाउज के अंदर घुस गए। उन्होंने मेरे भारी 38 साइज के बूब्स को जोर से दबाया। मेरे निप्पल्स तुरंत सख्त हो गए। मैंने भी उनका पैंट खोलकर उनका 8 इंच लंबा और मोटा लंड बाहर निकाल लिया। वो पहले से ही पूरा खड़ा था।
“आज तुम्हें पूरा मजा दिलाऊँगा प्रिया,” राहुल ने मेरे कान में फुसफुसाया। “तुम्हारी चूत, गांड और मुँह – सब मेरे कंट्रोल में होगा।”
मैंने शर्माते हुए कहा, “लेकिन आराम से करना…”


उन्होंने मुझे बेड पर लिटाया और मेरी साड़ी, ब्लाउज, पेटीकोट सब उतार दिया। मैं बिल्कुल नंगी उनके सामने पड़ी थी। राहुल ने मेरी जाँघों को फैलाया और अपनी जीभ मेरी चूत पर फेर दी। “आह्ह्ह… राहुल…” मेरे मुँह से निकला। उनकी जीभ मेरी क्लिटोरिस को चूसने लगी, फिर अंदर घुसकर चूत की दीवारों को चाटने लगी। मैं तड़पने लगी।


मैंने उनका लंड पकड़कर मुँह में ले लिया। 8 इंच का मोटा लंड मेरे गले तक जा रहा था। मैं जोर-जोर से चूस रही थी, लार टपक रही थी। राहुल ने मेरी चूत में तीन उंगलियाँ डाल दीं और तेजी से अंदर-बाहर करने लगे।
करीब 20 मिनट तक हम 69 पोजीशन में एक-दूसरे को चूसते-चाटते रहे। फिर राहुल उठे और फ्रिज से एक मोटा, लंबा खीरा लेकर आए। वो खीरा उनके लंड से भी मोटा और करीब 10 इंच लंबा था। वो ठंडा था।


“आज तुम्हें दो चीजें एक साथ चाहिएगी,” उन्होंने कहा।
मैं डरते हुए बोली, “नहीं राहुल… इतना बड़ा… दर्द होगा।”
“प्लीज बेबी, आज मैं तुम्हें वो सुख दूंगा जो तुमने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा।”


उन्होंने पहले मेरी चूत को खूब चाटा, फिर खीरे पर तेल लगाया और धीरे-धीरे मेरी चूत में डालना शुरू किया। पहले तो सिर्फ सिरा गया, फिर आधा। मैं कराह रही थी – “आह… आह… धीरे… फट जाएगी मेरी चूत!”


राहुल ने एक जोरदार धक्का मारा और पूरा 10 इंच खीरा मेरी चूत में घुस गया। मेरी आँखें फट गईं। दर्द के साथ अनोखा मजा भी था। राहुल खीरे को तेजी से अंदर-बाहर करने लगे। हर धक्के पर मेरी चूत फूल रही थी। मैं चीख रही थी – “मां… राहुल… मार डाला… आह्ह्ह… और जोर से!”


उनका लंड मेरे मुँह में था। मैं उसे पूरा गले तक ले रही थी। गैग हो रही थी लेकिन रुक नहीं रही थी।
राहुल ने मुझे घुटनों के बल करवाया। पीछे से उन्होंने अपना 8 इंच का लंड मेरी गांड पर रखा। पहले तो थोड़ा-थोड़ा, फिर पूरा का पूरा एक झटके में अंदर। “आआआह्ह्ह… फट गई मेरी गांड!” मैं चीख पड़ी।


अब खीरा मेरी चूत में और लंड गांड में – दोनों एक साथ। राहुल ने रिदम पकड़ लिया। हर धक्के पर खीरा और लंड दोनों मेरे अंदर टकरा रहे थे। मेरी चीखें कमरे में गूँज रही थीं। “चोदो… और जोर से चोदो… फाड़ दो मेरी चूत और गांड!”


मेरा बदन काँप रहा था। पहला ऑर्गेज्म आया तो मैं पूरी तरह ढेर हो गई। लेकिन राहुल रुके नहीं। उन्होंने खीरा बाहर निकाला, मुझे चारों तरफ घुमाया और फिर से दोनों जगह भर दिया।


दूसरा राउंड और भी brutal था। उन्होंने मेरे बाल पकड़े, गर्दन दबाई और जोर-जोर से धक्के मारे। मेरी चूत से पानी बह रहा था। गांड लाल हो गई थी। मैं रो रही थी मजा लेते हुए। “हाँ… हाँ… मुझे अपनी रंडी बना दो आज… दो लंड चाहिए मुझे…”
राहुल ने मेरा मुँह खोला और अपना लंड गले तक ठूँसा। खीरा अभी भी मेरी चूत में पूरा अंदर था। उन्होंने खीरे को तेजी से चलाया। मैं तीसरी बार झड़ गई।


फिर उन्होंने अपना पूरा माल मेरे मुँह में उड़ेल दिया। गाढ़ा, गर्म वीर्य मेरे गले से नीचे उतर गया। मैंने सब पी लिया।
लेकिन वो अभी थके नहीं थे।


राहुल ने मुझे बेड पर लिटाया, मेरे पैर अपने कंधों पर रखे और फिर से खीरा मेरी चूत में घोंप दिया। इस बार उन्होंने अपना लंड भी उसी के साथ मेरी चूत में ठूँसने की कोशिश की। डबल पेनेट्रेशन। मेरी चूत फटने को थी। दर्द और मजा का ऐसा मिश्रण कि मैं बेहोश होने लगी। “राहुल… मैं मर जाऊँगी… आह्ह्ह… हाँ… और गहरा… फाड़ दो!”


करीब 45 मिनट तक वो मुझे इस तरह रगड़ते रहे। चौथा ऑर्गेज्म इतना जोरदार था कि मेरी आँखों के सामने अंधेरा छा गया।
आखिर में राहुल भी झड़ गए। उन्होंने अपना लंड मेरी चूत से निकाला और बाकी वीर्य मेरे बूब्स और चेहरे पर छोड़ दिया। मैं पूरी तरह लथपथ, थकी हुई लेकिन संतुष्ट पड़ी थी।


राहुल ने मुझे चूमते हुए कहा, “अब बताओ बेबी, अगली बार दो असली लंड ट्राई करें?”
मैंने शर्माते हुए लेकिन मुस्कुराते हुए उनकी छाती से लगते हुए कहा, “देखते हैं… अगर तुम इतना मजा दिला सको तो…”
रात भर हम ऐसे ही लिपटे रहे। अगले दिन भी हमने नई-नई पोजीशन ट्राई कीं। खीरे के अलावा उन्होंने vibrator भी इस्तेमाल किया। मेरी गांड अब इतनी ट्रेंड हो गई थी कि वो बिना दर्द के पूरा लंड घुसा देते।


राहुल की उस रात की बात मेरे दिमाग में घूमती रही। “दो असली लंड…” ये शब्द मेरी चूत को बार-बार गीला कर देते। अगले कुछ दिन हमने घर में ही खूब प्रयोग किए। राहुल ने ऑनलाइन से दो बड़े vibrator मंगवाए – एक 9 इंच का मोटा काला और दूसरा 8 इंच का। हर रात वो मुझे बेड पर बाँधकर दोनों छेदों में एक साथ घुसाते।


एक शाम राहुल ऑफिस से लौटे तो उनके चेहरे पर अलग ही चमक थी। “प्रिया, आज मैंने दो दोस्तों को डिनर पर इनवाइट किया है। दोनों यंग, फिट और बहुत open-minded हैं। नाम हैं विक्रम और सनी। अगर तुम तैयार हो तो… आज रात तुम्हें वो असली थ्रीसम मिल सकता है जिसकी तुम्हें तलब लग गई है।”


मेरा दिल जोरों से धड़का। डर, शर्म और भयंकर उत्तेजना का मिश्रण। “राहुल… सच में? मैं… मैं रंडी तो नहीं बनना चाहती।”
राहुल ने मुझे चूम लिया और मेरे कान में फुसफुसाया, “तुम मेरी हॉट वाइफ हो। आज रात तुम तीन मोटे लंडों की रानी बनोगी।”
रात 8 बजे दोनों दोस्त आए। विक्रम 28 साल का, 6 फुट लंबा, जिम का दीवाना, चौड़े कंधे।

सनी 30 साल का, थोड़ा मोटा लेकिन बहुत मस्कुलर, दोनों ही शादीशुदा लेकिन सेक्स एडवेंचर के शौकीन। हमने डिनर किया, वाइन पी। बातें धीरे-धीरे गंदी होने लगीं। राहुल ने अपना फोन निकाला और पहले वाली थ्रीसम वीडियो चला दी।


मैं शर्म से लाल हो रही थी लेकिन मेरी चूत पहले से ही तर थी। विक्रम ने मुझे घूरते हुए कहा, “भाभी, आपकी चूत आज हम तीनों के लिए है।”
राहुल ने मुझे खींचकर अपनी गोद में बिठाया और मेरी साड़ी का पल्लू खींच दिया। मेरे 38 साइज के गोरे बूब्स ब्लाउज में फटने को तैयार थे। सनी आगे बढ़ा और ब्लाउज के हुक तोड़ते हुए दोनों बूब्स बाहर निकाल दिए। उसने एक निप्पल को जोर से चूसा तो मैं कराह उठी – “आह्ह्ह… धीरे…”


विक्रम ने पीछे से मेरी गर्दन चूमते हुए मेरी साड़ी और पेटीकोट उतार दी। मैं सिर्फ काली पैंटी में थी। राहुल ने पैंटी फाड़ दी। अब मैं पूरी नंगी तीन मर्दों के सामने खड़ी थी।


तीनों ने अपने कपड़े उतारे। राहुल का 8 इंच लंड पहले से खड़ा। विक्रम का लंड देखकर मेरी आँखें फट गईं – 9.5 इंच लंबा, बहुत मोटा, नसें उभरी हुईं। सनी का 8.5 इंच का, लेकिन सिरा बहुत बड़ा, जैसे मशरूम। तीनों लंड मेरे सामने तनकर खड़े थे।


राहुल ने मुझे सोफे पर लिटाया। विक्रम ने मेरे मुँह में अपना मोटा लंड ठूँस दिया। “चूस भाभी, पूरा गले तक।” मैं गैग हुई, आँखों में आँसू आ गए लेकिन मैं चूसती रही। सनी ने मेरी जाँघें फैलाकर मेरी चूत चाटना शुरू किया। उसकी जीभ अंदर तक घुस रही थी। राहुल मेरे बूब्स दबा रहे थे और निप्पल्स को काट रहे थे।


“आह… आह… मां… मार डालोगे क्या?” मैं कराह रही थी।
विक्रम ने मेरे बाल पकड़कर जोर-जोर से मुँह चोदा। उसका लंड मेरे गले तक धंस रहा था। सनी ने अपनी तीन उंगलियाँ मेरी चूत में डाल दीं और तेजी से फिंगर फक करने लगा। मैं पहली बार झड़ गई, चूत से पानी फूटा।


फिर उन्होंने मुझे बेडरूम में ले जाया। राहुल ने मुझे doggy स्टाइल में किया। उसने अपना लंड मेरी गांड में एक झटके में पूरा घुसा दिया। “आआआह्ह्ह… फट गई… राहुल… निकालो!” लेकिन वो रुका नहीं। विक्रम मेरे मुँह में घुस गया। सनी नीचे लेट गया और अपना मोटा लंड मेरी चूत में ठेल दिया।


अब मैं तीनों तरफ से भरी हुई थी। चूत में सनी का मोटा लंड, गांड में राहुल का, मुँह में विक्रम का। तीनों ने रिदम पकड़ लिया। हर तरफ से धक्के पड़ रहे थे। मेरी चीखें पूरे फ्लैट में गूँज रही थीं – “चोदो… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत… गांड… गला… मैं तुम्हारी रंडी हूँ आज… हाँ… हाँ… मारो!”


सनी ने मेरी चूत में इतने जोरदार धक्के मारे कि खून जैसा गर्म पानी बाहर निकलने लगा। राहुल मेरी गांड को थप्पड़ मार-मारकर लाल कर रहे थे। विक्रम ने मेरे गले में लंड ठूँसकर साँस लेना मुश्किल कर दिया। मैं रो रही थी, चीख रही थी, लेकिन मजा भी अनगिनत था।
पोजीशन बदली। मुझे cowgirl में सनी के ऊपर बिठाया गया। उसका मोटा लंड पूरी तरह चूत में समा गया। विक्रम पीछे से गांड में घुसा।

राहुल खड़ा होकर मेरा मुँह चोद रहा था। अब मैं खुद ऊपर-नीचे हो रही थी। मेरे भारी बूब्स उछल रहे थे। दोनों ने मेरे बूब्स पर जोरदार थप्पड़ मारे। दर्द से मैं और उत्तेजित हो गई।
“जोर से… फाड़ दो… मुझे गर्भवती कर दो… तीन लंडों से…” मैं चिल्लाई।


करीब 40 मिनट तक ये brutal चुदाई चली। मैं चार बार झड़ चुकी थी। आखिर में उन्होंने मुझे घुटनों के बल बिठाया। तीनों लंड मेरे चेहरे के सामने। उन्होंने एक साथ मेरे मुँह, बूब्स और चेहरे पर अपना गाढ़ा वीर्य उड़ेल दिया। मैं पूरी तरह लथपथ हो गई। गर्म वीर्य मेरे होंठों से टपक रहा था। मैंने जितना पी सकी, पी लिया।


लेकिन रात अभी खत्म नहीं हुई थी।
उन्होंने मुझे बाथरूम में ले जाकर नहलाया। वहाँ भी चुदाई हुई। विक्रम ने मुझे दीवार से सटाकर खड़े-खड़े मेरी चूत मारी। सनी ने मेरे मुँह में दिया। राहुल ने शावर के नीचे मेरी गांड में लंड घुसाया। पानी की धार के साथ तीनों लंड मेरे अंदर-बाहर हो रहे थे। मैं बेहोश होने लगी थी।
बेड पर वापस आकर उन्होंने मेरी टांगें फैलाकर डबल पेनेट्रेशन किया। सनी और राहुल दोनों का लंड एक साथ मेरी चूत में। विक्रम गांड में।

मेरी चूत फटने वाली थी। दर्द इतना था कि मैं चीख-चीखकर रो पड़ी, लेकिन मैंने रोका नहीं। “और गहरा… फाड़ दो… मुझे पूरी तरह भरो…”
आधी रात तक ये तूफान चला। मैंने कुल 7 बार ऑर्गेज्म दिए। आखिर में तीनों थककर मेरे ऊपर गिर गए। मैं उनके बीच नंगी लेटी थी, शरीर पर निशान, चूत और गांड लाल और सूजी हुई, लेकिन चेहरे पर संतुष्टि थी।\

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सुबह जब वे गए तो राहुल ने मुझे चूमकर कहा, “अब तुम मेरी ultimate हॉट वाइफ हो।”
मैंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “अगली बार और ज्यादा मर्द लाना… मैं अब रुक नहीं सकती।”
दोस्तों, ये थी मेरी जिंदगी की वो रात जब मैंने तीन मोटे लंडों से अपनी चुदाई करवाई। दर्द, मजा, चीखें और पागलपन – सब कुछ था। अगर आपको ये स्टोरी पसंद आई हो तो कमेंट में जरूर बताएं। मैं अगला भाग लिखूँगी जिसमें मैं अपने ऑफिस के बॉस और उसके दोस्तों के साथ एक वीकेंड ट्रिप पर जाती हूँ और वहाँ group sex का तूफान आता है।
आपकी प्यारी और अब पूरी तरह खुल चुकी प्रिया।

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