खून और गालियों की बरसात – Sex stories hindi

18 साल की मासूम रिया की कच्ची चूत को 9 इंच के काले, नसों वाले राक्षसी लंड ने बेरहमी से फाड़ डाला। थप्पड़, बाल खींचना, गालियां और खून के साथ ब्रूटल चुदाई – वो अब उस दर्द का दीवानी बन गई! Sex stories hindi

दोस्तों, मैं रवि लखनऊ से एक बार फिर हाजिर हूं आप सबके बीच एक नई चुदाई की कहानी लेकर, जो मेरी एक महिला दोस्त रिया की सच्ची घटना पर आधारित है। वो मेरी कहानियां कामुकता पर पढ़ती है और उसी से प्रभावित होकर उसने मुझे ये सब बता दिया, ताकि मैं इसे सबके साथ शेयर करूं। आगे की कहानी उसी की जुबानी सुनिए।


हैलो दोस्तों, मेरा नाम रिया है और मैं दिल्ली की रहने वाली हूं। मेरी उम्र अब 25 साल है। मेरे घर में मेरी बहन, मम्मी और पापा रहते हैं। दोस्तों, मेरा फिगर अभी 36-30-36 का है। मेरे बूब्स और गांड का उभार इतना जबरदस्त है कि कोई भी मर्द मुझे देखकर अपना लंड सहलाए बिना नहीं रह सकता। उसकी आंखें मेरे जिस्म पर चिपक जाती हैं, और वो कल्पना करने लगता है कि कैसे मुझे चोदेगा।


ये मेरी पहली चुदाई की कहानी है, जब मैं 18 साल की थी। तब मेरे बूब्स अभी-अभी बड़े होने लगे थे, गोल-गोल और टाइट, लेकिन मैं ब्रा नहीं पहनती थी, सिर्फ एक टाइट टॉप या कुर्ती। मेरी चूत पर घने बाल आने शुरू हो चुके थे, और मैं अक्सर रातों में अपनी उंगलियां चलाकर सोचती थी कि कोई मर्द मुझे कब पकड़कर पेल देगा। लेकिन असल में मैं वर्जिन थी, बस सहेलियों से सुनी-सुनाई बातों पर जी रही थी।

बात गर्मियों की छुट्टियों की है। मैं अपनी मम्मी की एक पुरानी सहेली, जिन्हें मैं आंटी कहती हूं, उनके यहां कुछ दिनों के लिए मुंबई गई थी। उनका नाम मीना है, और वो मुंबई के एक पॉश इलाके में रहती हैं। मैं उन्हें आंटी कहती हूं, और उनके बच्चे मेरी मम्मी को आंटी कहते हैं। उनके घर में आंटी, उनके पति और उनका बेटा राहुल रहता है। राहुल उस वक्त 24 साल का था, लंबा-तगड़ा, जिम वाला बॉडी, काले बाल और वो आंखें जो किसी लड़की को घूरकर उसकी पैंटी गीली कर दें। वो इतना हैंडसम और मस्कुलर था कि मैं उसे देखकर सोचती थी, काश ये मेरा बॉयफ्रेंड होता। लेकिन मजबूरी में उसे भाई कहना पड़ता था।


अंकल सुबह-सुबह अपनी फैक्ट्री चले जाते थे और शाम को लौटते। दिनभर हम तीनों घर में रहते – मैं, आंटी और राहुल। ज्यादातर समय हम एसी में सोते या टीवी देखते। मैं और आंटी एक रूम में सोतीं, राहुल दूसरे में। मुझे उनके घर आए चार दिन हो चुके थे। उस दिन दोपहर को मैं और आंटी लेटे। आंटी तो बिस्तर पर गिरते ही खर्राटे मारने लगीं, लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी। गर्मी से पसीना आ रहा था, और दिमाग में कुछ शरारती ख्याल घूम रहे थे। मैंने सोचा, अगर राहुल जागा होगा तो उसके साथ कार्ड्स खेल लूं या कुछ और। वो तो हमेशा मुझे घूरता रहता था, शायद आज कुछ मजा हो जाए।


मैं उठी और चुपके से उसके रूम के पास गई। दरवाजा बंद था, लेकिन लॉक नहीं। लाइट जल रही थी, मतलब वो जागा है। मैंने धीरे से दरवाजा खोला और अंदर झांका। जो नजारा देखा, वो मेरी जिंदगी बदल देने वाला था। राहुल आंखें बंद करके लेटा था, उसने अपनी शॉर्ट्स और अंडरवियर नीचे सरका रखा था। उसका लंड – ओह गॉड, क्या मॉन्स्टर था वो! करीब 9 इंच लंबा और 4 इंच मोटा, एकदम काला, नसों से फूला हुआ, ऊपर की ओर तना हुआ जैसे कोई हथियार। वो उसे अपने मजबूत हाथों से पकड़कर जोर-जोर से हिला रहा था, टोपा बार-बार बाहर आता और अंदर जाता। उसका चेहरा तनाव से लाल हो रहा था, और मुंह से हल्की-हल्की सिसकारियां निकल रही थीं – “आह… साली… चोदूंगा तुझे…”


मैंने पहले पॉर्न वीडियोज देखी थीं, सहेलियां दिखाती थीं, लेकिन रियल में कभी नहीं। ये पहली बार था जब मैंने किसी मर्द का लंड लाइव देखा, वो भी इतना विशालकाय। डर लग रहा था, लेकिन चूत में कुछ गुदगुदी सी हो रही थी। मैं जानती थी कि ये लंड लड़कियों की चूत फाड़ने के लिए होता है। सहेलियां बताती थीं – “रिया, जब घुसेगा न, तो दर्द से मर जाएगी, लेकिन मजा इतना आएगा कि रोज मांगेगी।” मैंने सोचा, मौका है, क्यों न अंदर जाकर देखूं क्या होता है। मैं चुपके से अंदर घुसी, दरवाजा अंदर से बंद किया, और उसके बगल में खड़ी हो गई। वो अभी भी मग्न था, आंखें बंद। मैंने अपना हाथ उसके हाथ पर रखा और उसके लंड को पकड़ लिया। वो इतना गर्म और सख्त था कि मेरे छोटे हाथ में आया ही नहीं। जैसे ही मैंने पकड़ा, राहुल की आंखें खुलीं, वो हड़बड़ा गया – “रिया! तू यहां क्या कर रही है? बाहर निकल!”


मैंने अपनी उंगली उसके होंठों पर रखी, “शशश… चुप रहो भाई, आंटी सो रही हैं।” और मैंने उसके लंड को और तेज हिलाना शुरू कर दिया। वो विरोध करता रहा, लेकिन उसका लंड मेरे हाथ में फड़क रहा था। “रिया, ये गलत है… आह…” लेकिन मैं नहीं रुकी। मैंने उसे जोर से हिलाया, ऊपर-नीचे, टोपा सहलाया। दस मिनट में उसका लंड फट पड़ा – गाढ़ा, सफेद वीर्य मेरे हाथों पर छूट गया, इतना ज्यादा कि मेरी उंगलियां चिपचिपी हो गईं। मैंने उसी वीर्य से उसके लंड की मालिश की, जैसे तेल लगाती हूं। वो सिसकारियां भर रहा था, “आह रिया… क्या कर दिया तूने…” फिर मैंने हाथ धोए और चुपके से आंटी के पास लेट गई। लेकिन दिमाग में वो लंड घूम रहा था, चूत गीली हो चुकी थी।
उसी शाम हमें एक फैमिली फंक्शन में जाना था। राहुल ने मना कर दिया, “मेरा मन नहीं है।” मैंने भी तुरंत कहा, “आंटी, मेरा भी नहीं। आप लोग जाओ, हम घर पर रहेंगे।” अंकल बोले, “ठीक है, तुम दोनों भाई-बहन घर पर रहो, टीवी देखो या पढ़ो। हम जल्दी आ जाएंगे।” वो लोग चले गए, मैंने दरवाजा बंद किया। पीछे मुड़कर देखा तो राहुल खड़ा था, उसका लंड पहले से भी ज्यादा सख्त, शॉर्ट्स से बाहर निकला हुआ। “रिया, दिन में जो तूने किया, वो फिर से कर ना… प्लीज, बहुत मजा आया।”


मैंने हंसकर उसका लंड पकड़ा, “ठीक है भाई, लेकिन बदले में मुझे क्या मिलेगा?” वो बोला, “जो मांगोगी, वो दूंगा।” मैंने कहा, “खुद सोचो ना, क्या दे सकते हो?” और मैं रूम में चली गई। वो मेरे पीछे आया, मुझे दीवार से सटा लिया, अपनी मजबूत बांहों में जकड़ लिया। पीछे से उसके हाथ मेरे बूब्स पर आए, जोर से दबाए – इतने जोर से कि दर्द हो गया। “आह… भाई, धीरे…” लेकिन वो नहीं रुका। गर्दन पर काटने लगा, जैसे कोई जानवर। उसने मेरी टी-शर्ट और ब्रा फाड़ दी, हां, फाड़ दी – ऊपर से नंगी कर दिया। मुझे घुमाया, होंठों पर टूट पड़ा, जीभ अंदर डालकर चूसने लगा। मैं भी साथ देने लगी, लेकिन वो ब्रूटल था – मेरे बूब्स को मसल रहा था, निप्पल्स को खींच रहा था। “आह… दर्द हो रहा है भाई…” लेकिन मजा भी आ रहा था।


उसने मेरी जींस नीचे खींची, पैंटी फाड़कर अलग की। मैं शर्म से चूत छुपाने लगी, लेकिन उसने हाथ हटाया और जीभ से चूत चाटने लगा – जोर-जोर से, अंदर तक। “ओह गॉड… भाई… आह…” वो मेरी क्लिट को काट रहा था, दांतों से। फिर उसने खुद नंगा हो गया, मुझे उठाया और बेड पर पटक दिया। हम 69 पोज में आए – उसकी जीभ मेरी चूत को चोद रही थी, और उसका लंड मेरे मुंह में। वो इतना बड़ा था कि मुंह में फंस रहा था, दांत लग रहे थे। “चूस साली, जोर से चूस!” वो चिल्लाया। मैंने कोशिश की, लेकिन गैग हो रही थी।


फिर वो उठा, मुझे गोद में उठाया, खड़े-खड़े लंड चूत पर टिकाया। मेरी चूत गीली थी, रस टपक रहा था। “भाई, धीरे… मैं वर्जिन हूं…” लेकिन उसने सुना नहीं। एक झटके में सुपारा अंदर घुसेड़ा – दर्द से मैं चीखी, “आआआह… मर गई!” लेकिन वो रुका नहीं, पूरा 9 इंच का मॉन्स्टर एक साथ पेल दिया। मेरी सील टूट गई, खून बहने लगा। “भाई, निकालो… फट गई!” मैं रो रही थी, लेकिन वो मुझे उछालने लगा – ऊपर-नीचे, जैसे कोई डॉल। दर्द असहनीय था, लेकिन वो ब्रूटल था – “चुप साली, अब तू मेरी रंडी है!”


खून देखकर वो रुका, टिशू से साफ किया। मैं उल्टी लेटी, रो रही थी। लेकिन वो पीछे से मेरी पीठ चाटने लगा, गांड पर थप्पड़ मारने लगा – जोर-जोर से। “उठ साली, अभी तो शुरुआत है।” दर्द कम हुआ, मैं सीधी हुई, उसे किस किया। वो फिर ऊपर आया, लंड चूत में घुसेड़ा – इस बार धीरे, लेकिन तेज धक्के। “आह… भाई… जोर से…” मैं सिसकारियां ले रही थी। वो स्पीड बढ़ाता गया, मेरे बूब्स मसलता, गर्दन काटता। फिर मुझे गोद में उठाया, दीवार से सटाकर चोदा – इतने जोर से कि दीवार हिल रही थी। “ओओओ… हां भाई… फाड़ दो…”


फिर घोड़ी बनाया, पीछे से पेला – गांड पर थप्पड़, बाल खींचकर। मेरी चूत रस छोड़ रही थी, फच-फच की आवाजें आ रही थीं। वो गाली दे रहा था – “साली रंडी, ले मेरा लंड… चोदूंगा तेरी गांड भी!” जब झड़ने लगा, लंड निकाला और मेरी गांड पर वीर्य गिराया – गाढ़ा, गर्म। मैं थककर लेट गई, लेकिन मजा इतना आया कि मैं मुस्कुरा रही थी। बाथरूम में साफ किया, कपड़े पहने। थोड़ी देर बाद आंटी-अंकल आए, सब नॉर्मल।
उसके बाद, जब भी मौका मिला, हमने जमकर चुदाई की। राहुल ने मुझे हर पोज में चोदा – किचन में, बाथरूम में, रातों में चुपके से। वो ब्रूटल था, लेकिन मैं आदी हो गई। कभी वो मेरे मुंह में झाड़ता, कभी बूब्स पर। एक बार तो उसने मेरी गांड भी ट्राई की, लेकिन दर्द से मैं चीखी, फिर रुक गया। हमारी चुदाई की आग कभी नहीं बुझी, और आज भी याद करके चूत गीली हो जाती है। दोस्तों, ये थी मेरी पहली चुदाई की कहानी – इतनी इंटेंस कि मैं कभी भूल नहीं सकती। अगर आपको पसंद आई, तो बताना।

Yeh meri Sex stories hindi kaisi lagi muje comment krke batiye. Or agar apke sath bhi kuch aisa hua he toh ap apni hot Sex stories hindi muje email kr skte he.

Sex stories hindi send kijiye lustystories9@gmail.com par send kijiye.

More Sex stories hindi :-

Kaale Tantrik Ka Desi Jaadu – Biwi Ki Chudai Pooja – hindi sex stories

Chennai Ka Andhera |Priya Ki Tadapti Chut -hindi audiosex stories

सरसों के खेतों में नेहा की चीखें – sex ki kahani

Anjali Ki Kunwari Chut Ka Pehla Khooni Maza – kamukta stories

Kunwari Rajkumari Ka Raaz – Naukar Ka Zulm – taboodesi

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *