नींद की गोली से बेहोश पति के सामने राजेश ने मेरी सेक्सी बीवी अंजलि को रात भर बेरहमी से पेला। जोरदार धक्के, चीखें, थप्पड़ – चूत फट गई, मैं देखता रहा मजे में डूबा।
मेरा नाम करण है। उम्र ठीक 30 साल। मैं एक आईटी कंपनी में सीनियर डेवलपर की जॉब करता हूँ और मुंबई के बांद्रा में एक छोटे से 2BHK फ्लैट में अपनी पत्नी अंजलि के साथ रहता हूँ। अंजलि 28 साल की है, लेकिन देखने में लगती है जैसे कोई 22 की कॉलेज गर्ल। उसकी रंगत दूध जैसी सफेद, चमकदार। फिगर 36-28-38। उसके स्तन इतने भरे-भरे कि ब्रा फटने को तैयार। कमर पतली, नितंब गोल और उभरे हुए, जैसे कोई जिम ट्रेनर की। वह किसी बॉलीवुड हीरोइन से कम नहीं लगती। हम दोनों पंजाब के एक छोटे से गांव के रहने वाले हैं, लेकिन नौकरी के चक्कर में मुंबई आ गए। मेरा परिवार अभी भी गांव में है, वहीं खेतीबाड़ी करता है।
मैं सुबह 8 बजे ऑफिस निकल जाता हूँ। शाम को 8:30-9 बजे तक घर लौटता हूँ। इस बीच अंजलि पूरे दिन अकेली रहती है। वह सिविल सर्विस की तैयारी कर रही है। दिन भर किताबों में घुसी रहती है, लेकिन उसकी सेक्सी बॉडी और हॉटनेस कभी कम नहीं होती। घर पर सिर्फ शॉर्ट नाइटियों में रहती है। मैं जब भी चाहता, उसे उठा लेता। मेरा लंड 5.5 इंच लंबा और काफी मोटा। रोज रात को हम दोनों नंगे ही सोते। मैं उसे चोदता, वह चीखती, लेकिन मजे लेती।
एक दिन मैंने अपना फोन चार्जर भूल गया था। अंजलि का फोन बेड पर पड़ा था। मैंने उठा लिया। व्हाट्सएप खोला। मुझे पता था कि वह कभी-कभी अपने मायके के रिश्तेदारों से बात करती है, लेकिन आज जो देखा, उसने मेरे दिमाग में आग लगा दी। उसका चैट एक 50 साल के आदमी राजेश से था। राजेश दिल्ली में एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी का रीजनल हेड है। उसकी अपनी बीवी और दो बच्चे दिल्ली में रहते हैं। लेकिन अंजलि से वह घंटों वीडियो कॉल करता, मैसेज करता। बातें शुरू होती थीं नॉर्मल, फिर सेक्सी हो जातीं। “अंजलि जान, तेरे उन बड़े-बड़े स्तनों को चूसने का मन करता है।” “राजेश जी, आपका लंड याद आता है, कितना मोटा और खड़ा होता है।” एक-एक दिन में 2-3 घंटे की कॉल। मैंने सारा चैट कॉपी कर लिया अपने फोन में। रात को पढ़ता, और मेरा लंड खड़ा हो जाता।
धीरे-धीरे मैंने अंजलि को भी उकसाना शुरू किया। रात को सेक्स के दौरान मैंने अपना फोन में एक हॉट ककॉल्ड पॉर्न चला दिया। उसमें पति अपनी बीवी को दूसरे मर्द से चुदवाता है। अंजलि पहले शरमा गई, फिर उसकी सांसें तेज हो गईं। “करण… ये क्या देख रहे हो?” मैंने उसके कान में फुसफुसाया, “जान, मेरा मन है कि कोई गैर मर्द तेरी उस गर्म चूत को मेरे सामने फाड़े।” पहले वह डांटती, लेकिन जब मैं उसके अंदर घुसता और कहता कि “कल्पना कर, कोई 50 साल का तगड़ा आदमी तुझे पेल रहा है,” तो वह पागल हो जाती। उसकी चूत गीली हो जाती, वह जोर-जोर से चीखती, “हां… चोदो मुझे… किसी और से चुदवाओ!” हमारी सेक्स लाइफ और जल उठी। मैं उसे रोल प्ले में “पोर्नस्टार” बनाता, वह मुझे “कमजोर पति” कहकर गालियां देती और चुदवाती।
राजेश अब अंजलि से मिलने के लिए कहने लगा। “जान, मुंबई आ रहा हूँ बिजनेस मीटिंग के लिए। एक रात रुकना है।” अंजलि ने मुझे बताया। मैंने तुरंत कहा, “बुला लो घर। पुराना दोस्त है, रात रुक जाए।” अंजलि की आँखें चमक उठीं।
राजेश शाम को आया। 50 साल का, लेकिन बॉडी फिट, चौड़ा कंधा, मोटा सीना। ऊंचाई 6 फुट। जब वह अंदर आया तो अंजलि का चेहरा लाल हो गया। हमने डिनर किया। खाने के बाद मैंने कहा, “राजेश जी, आज रात यहीं रुक जाओ। गाड़ी मिलना मुश्किल होगा।” राजेश मुस्कुराया, “ठीक है करण भाई।” अंजलि ने मुझे देखा, उसकी नजर में आग थी।
रात को हम तीनों बैठे थे। मैंने जान-बूझकर कहा, “आज ऑफिस में बहुत थक गया हूँ। सिर दर्द भी है।” राजेश तुरंत बोला, “मेडिकल स्टोर से दवा ले आता हूँ।” वह गया और लौटा। मैंने दवा ली, लेकिन सिंक में बहा दी। बाहर आकर बोला, “अब सो जाता हूँ। तुम लोग बातें करो।” अंजलि बोली, “हाँ जानू, तुम आराम करो। मैं राजेश जी से थोड़ी देर बात करके आती हूँ।”

मैं बेडरूम में गया। दरवाजा बंद किया, लेकिन हॉल की तरफ वाली खिड़की थोड़ी खोल दी। 20 मिनट बाद अंजलि अंदर आई। मुझे सोता देखा, फिर वापस हॉल में चली गई। मैं चुपके से बाहर निकला और स्टोर रूम के रोशनदान से देखने लगा।
राजेश और अंजलि हॉल में बैठे थे। अंजलि ने अपनी लोअर टीशर्ट उतारकर सिर्फ मैक्सी पहन ली थी। राजेश ने उसका हाथ पकड़ा। “जान, आज रात पूरी तेरी है।” अंजलि ने फुसफुसाया, “करण सो गया है, लेकिन सावधानी से।” राजेश हंसा, “मैंने दवा में नींद की गोली मिला दी थी। अब करण सुबह तक नहीं उठेगा।” अंजलि की आँखें फैल गईं, “तुम… कितने शैतान हो!” फिर दोनों उठे और गेस्ट रूम में चले गए। अंदर से दरवाजा बंद।
मैं स्टोर रूम के रोशनदान से झाँकने लगा। अंदर रोशनी थी। राजेश ने अपनी शर्ट और पैंट उतार दी। सिर्फ अंडरवियर में। उसका लंड पहले से ही उभरा हुआ था। 7 इंच लंबा, 4 इंच मोटा, नसें फड़ी हुईं। अंजलि ब्रा-पैंटी में खड़ी थी। राजेश ने उसे खींचा और जोर से किस किया। उसके होंठ चूसने लगा, जैसे भूखा शेर। अंजलि की सांसें फूल गईं। राजेश ने ब्रा का हुक तोड़ा और उसके 36 के भारी स्तनों को दोनों हाथों से दबाया। “आह… कितने साल से इनको चूसने का मन था!” फिर उसने एक स्तन मुंह में ले लिया। जोर-जोर से चूसने लगा। अंजलि की कमर झुक गई, “उफ्फ… राजेश जी… जोर से… काट लो!”
राजेश ने पैंटी भी फाड़कर उतार दी। अंजलि अब पूरी नंगी। उसकी चूत साफ, गुलाबी, पहले से ही गीली। राजेश घुटनों पर बैठ गया और उसकी चूत चाटने लगा। जीभ अंदर-बाहर, चूसता, काटता। अंजलि चीखी, “आह… हां… चाटो मेरी चूत… मैं पागल हो रही हूँ!” उसकी टांगें कांप रही थीं।
फिर राजेश उठा। अपना अंडरवियर उतारा। उसका मोटा लंड लहराया। अंजलि घुटनों पर बैठ गई और दोनों हाथों से पकड़ लिया। “कितना मोटा है… मेरे करण का तो आधा भी नहीं!” वह मुंह खोलकर पूरा लंड अंदर ले गई। गला तक। उल्टी जैसी आवाज निकल रही थी, लेकिन वह चूसती रही। राजेश ने उसके बाल पकड़े और जोर-जोर से मुंह में धकेलने लगा। “चूस… साली… पूरी चूस!”
10 मिनट चूसने के बाद राजेश ने अंजलि को बेड पर पटक दिया। कंडोम पहना और मिशनरी में घुस गया। एक ही धक्के में आधा लंड अंदर। अंजलि चीखी, “आआह… फाड़ दिया…!” राजेश ने पूरा लंड ठोक दिया। फिर तेज-तेज धक्के। हर धक्के पर बेड हिल रहा था। “लो… ले मेरी बीवी की चूत…!” वह गालियां दे रहा था। अंजलि चीख रही थी, “हां… चोदो… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत!” 8 मिनट तक वह पेलता रहा। फिर अंजलि को ऊपर बिठाया। वूमेन ऑन टॉप। अंजलि खुद उछल-उछलकर चुद रही थी। उसके स्तन उछल रहे थे। राजेश नीचे से जोर के धक्के लगा रहा था। “मार… साली… मेरे लंड पर कूद!” अंजलि की आँखें बंद, मुंह खुला, “आह… आने वाला है…!” दोनों साथ में झड़ गए। राजेश का मोटा स्पर्म कंडोम में भर गया।
लेकिन रुकना कहाँ था। 5 मिनट बाद फिर शुरू। राजेश ने अंजलि को डॉगी स्टाइल में किया। बाल पकड़कर पीछे से जोर-जोर से ठोका। हर थप्पड़ पर नितंब लाल हो गए। “चोद… चोद… मेरी रंडी!” अंजलि चीख रही थी, “हां… मैं तुम्हारी रंडी हूँ… करण की बीवी… लेकिन तुम्हारे लंड की गुलाम!” फिर खड़े-खड़े। राजेश ने उसे दीवार से सटाकर ऊपर उठाया और खड़े-खड़े चोदा। अंजलि की टांगें उसके कमर पर। धक्के इतने जोरदार कि दीवार हिल रही थी। फिर घोड़ी बनाकर आखिरी राउंड। 20 मिनट लगातार। अंजलि 4 बार झड़ चुकी थी। आखिर राजेश ने फिर स्पर्म उगला।
अंजलि थककर लेट गई। राजेश ने उसे किस किया, स्तन दबाए। फिर दोनों सो गए। मैं चुपके से वापस अपने बेडरूम में आ गया। दिल धड़क रहा था। मेरा लंड खड़ा था। लेकिन मैं सो गया।
रात के 3 बजे अंजलि फिर उठी। मैंने देखा वह राजेश के रूम में गई। फिर से शुरू हो गया। इस बार और खूंखार। राजेश ने उसे बेड पर उल्टा किया, दोनों टांगें कंधे पर रखीं और इतनी तेज चोदा कि अंजलि रोने लगी मजे से। “फाड़ दो… आज पूरी फाड़ दो!” 15 मिनट बाद फिर झड़ गए।
सुबह 7 बजे राजेश उठा। अंजलि ने उसे चाय दी। फिर राजेश ने अंजलि को किचन में ही पीछे से पकड़ा। नाइट पहने हुए ही चोदा। 5 मिनट में झड़ गया। फिर वह निकल गया। जब मैं उठा, अंजलि मुस्कुरा रही थी। “राजेश जी सुबह ही चले गए।” मैंने उसे देखा। उसकी आँखों में अभी भी आग थी। मैंने उसे खींचा और कहा, “जान… कल रात क्या हुआ था?” अंजलि शरमा गई, लेकिन मैंने उसके कान में कहा, “मैं सब जानता हूँ… और मुझे बहुत मजा आया। अगली बार मैं खुद देखना चाहता हूँ।”
अंजलि ने मुझे जोर से किस किया। “तुम सच में…?” मैंने सिर हिलाया। “हाँ… अब ये हमारी नई जिंदगी है।”
और उस रात से हमारी जिंदगी बदल गई। राजेश अब हर महीने मुंबई आता। मैं छुपकर देखता। अंजलि को वह इतना खूंखार चोदता कि वह चीखती, रोती, लेकिन मांगती और भी। मैं देखता और मजे लेता। हमारी शादी अब सिर्फ कागज पर थी। असली मालिक राजेश था। और मैं… खुश था। पूरी तरह।
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