रंडी की बेरहम रेल

सिमरन की गांड तीन हैवानों के विशाल, काले-मोटे लंडों से रेल की तरह चोदी जाती है। थप्पड़ों की बौछार, गालियों की बारिश, बिना दया की ग्रुप चुदाई – कुतिया रोती-चिल्लाती जन्नत-नर्क एक साथ झेलती है।

दोस्तों, मैं हूँ सिमरन… हाँ, बाहर से तो समीर नाम का २२ साल का लड़का, लेकिन अंदर से एकदम कुतिया वाली लौंडिया। मुझे लड़कियों की तरह सजना, बोलना, चलना और सबसे ज्यादा किसी मर्द के लंड के नीचे कुचला जाना पसंद है। मेरी बॉडी ३६-२८-३८ की है – गोल-गोल उभरे स्तन, पतली कमर और मोटी-मोटी गांड। कोई भी टॉप मुझे लड़की की ड्रेस में देखते ही अपना लंड पकड़ लेता है। और अगर कोई खतरनाक गे टॉप हो तो लड़के के कपड़ों में भी मेरी गांड देखकर दीवाना हो जाता है।


बचपन से ही मुझे अपनी गांड में उंगली, खीरा, बैंगन, यहाँ तक कि मोमबत्ती डालकर चुदाई का मजा लेना अच्छा लगता था। चुपके से किसी का लंड देखा तो बस मन करता था कि घुटनों के बल बैठकर पूरा मुंह में ले लूँ और गले तक चूसूँ। लड़कियों में कोई दिलचस्पी नहीं। बस मर्द… मर्द के खूंखार लंड… और मेरी गांड को फाड़ देने वाली चुदाई।


उस दिन मैं कानपुर में अपने फ्लैट पर अकेला था। मम्मी-पापा शादी में लखनऊ गए हुए थे। पूरा दिन नेट पर गे पोर्न देखता रहा। एक वीडियो में एक ६ फुट का जवान मर्द एक २० साल की कुतिया को दीवार से सटाकर इतने जोर से गांड मार रहा था कि लड़की की चीखें निकल रही थीं। मैं पानी-पानी हो गया। मेरा ५ इंच का छोटा लंड तो खड़ा होकर भी हिलने लगा। मैंने तुरंत अपनी जींस उतारी, पैंटी नीचे की और घुटनों के बल होकर अपनी गांड में दो उंगलियाँ घुसेड़ दीं।


“आह… फाड़ दो… और जोर से…” मैं खुद से ही बड़बड़ा रहा था। फिर खीरा उठाया, थूक लगाया और पूरी तरह ठेल दिया। गांड फटने लगी लेकिन मजा भी आ रहा था। पूरे दिन मैंने चार बार मुठ मारी, दो बार खीरा डाला, फिर भी मन नहीं माना। मैं पागल हो रहा था। आज किसी का असली लंड चाहिए… मोटा, लंबा, नसों वाला… जो मेरी गांड को भोसड़ा बना दे।


मैं Grindr पर लग गया। प्रोफाइल नाम रखा – “Simran Ki Gaand – Only Brutal Tops”. तुरंत १५ मैसेज आए। लेकिन ज्यादातर फेक या दूर के। फिर एक प्रोफाइल आया – BilalKhan38। फोटो देखते ही मेरा दिल धड़का। ३८ साल का, ६ फुट लंबा, चौड़ा सीना, मोटी दाढ़ी, जिम बॉडी और नीचे फोटो में ९ इंच का काला-मोटा लंड खड़ा था। कैप्शन लिखा था – “Lakhimpur se hoon, aaj Lucknow aa raha hoon. Randi ko २ घंटे तक nonstop chodunga. Gaand phaad doonga.”


मैं तुरंत चैट में कूद पड़ा। Simran: Sir aapka lund dekh kar meri gaand hil rahi hai… aaj mujhe chod do na. Bilal: Nangi ho ja randi. Bra-panty pehen kar video call kar.
मैं झट से नंगा हो गया। ब्रा-पैंटी मेरे पास नहीं थी लेकिन मैंने जल्दी से ऑनलाइन ऑर्डर किया था, वो भी आ गई थी – लाल रंग की लेस वाली, बहुत छोटी। मैंने पहन ली। ब्रा में मेरे उभरे स्तन फटने को तैयार थे। पैंटी में मेरी गांड आधी बाहर निकली हुई थी। वीडियो कॉल लगाई।
Bilal ने जैसे ही मुझे देखा, उसका लंड पैंट फाड़कर बाहर आ गया। “कितनी हॉट रंडी है यार… गांड तो देख… फटेगी आज मेरे लंड से।” वह पागलों की तरह मुठ मारने लगा। मैं भी अपनी पैंटी उतारकर गांड दिखाने लगा और बोला, “Sir please aaj raat mujhe apne room pe le lo… main poori raat aapki biwi ban jaungi.”


उसने तुरंत एड्रेस भेज दिया – लखनऊ के इंदिरानगर में एक प्राइवेट गेस्ट हाउस, रूम नंबर ३०४। बोला, “८ बजे आ जा। ब्रा-पैंटी में ही आना। और हाँ… रात भर रुकना है।” मैंने हाँ कर दी। अब मेरी जान निकल रही थी।


शाम को ६ बजे मैं तैयार होने लगा। पूरे शरीर को वैक्स किया। स्किन एकदम चिकनी, गुलाबी हो गई। मेकअप किया – लाल लिपस्टिक, काजल, लंबे बालों वाली विग। फिर लाल ब्रा-पैंटी, ऊपर एक छोटा सा टॉप और नीचे स्कर्ट जो गांड के नीचे तक ही थी। मैं एकदम लौंडिया लग रहा था। घर से निकला तो ऑटो लिया। ड्राइवर नाम था राम सिंह, उम्र करीब ४८-५०, मोटा-तगड़ा, दाढ़ी, आंखों में शैतानी।


रास्ते में वह बार-बार रियर व्यू मिरर में मुझे देख रहा था। मैं जानबूझकर टांगें फैलाकर बैठा ताकि स्कर्ट ऊपर चढ़ जाए। अचानक उसने कहा, “बहन जी… आप तो बहुत मस्त लग रही हो।” मैं मुस्कुराया और बोला, “मैं बहन नहीं… रंडी हूँ।”


उसने तुरंत ऑटो साइड में लगा दिया। “क्या बोली रंडी?” वह पीछे आ गया, मेरी गर्दन पकड़ी और जोर से किस करने लगा। उसकी दाढ़ी रगड़ रही थी। मैं भी उसका साथ देने लगा। उसने मेरा हाथ अपने लंड पर रख दिया। ७ इंच का मोटा, गंदा लंड था, पसीने की बदबू आ रही थी। “चूस साली!” उसने मेरे बाल पकड़े और लंड मुंह में ठेल दिया।


मैं घुटनों के बल बैठ गया। सड़क किनारे ट्रक गुजर रहे थे लेकिन मुझे परवाह नहीं थी। मैं पूरा लंड गले तक लेने लगा। “फॉक… फॉक… ग्लक… ग्लक…” आवाजें निकल रही थीं। वह मेरे मुंह को फाड़ता जा रहा था। “आह… आज पहली बार ऐसी गांडू मिली… ले पूरा चूस… तेरी गांड भी फाड़ दूंगा!” उसने मुझे पैंट उतारने को कहा। मैंने मना किया तो उसने मेरे गाल पर जोरदार थप्पड़ मारा – “रंडी की औलाद… आज तू मेरी है!”


मैं डर गया लेकिन गांड गीली हो गई। उसने मुझे ऑटो के पीछे घुसाया, स्कर्ट ऊपर की, पैंटी खींची और सीधा अपनी उंगलियाँ मेरी गांड में घुसेड़ दीं। “आह… फाड़ दो अंकल…” मैं चीखा। वह मेरी गांड को तीन उंगलियों से चोद रहा था। फिर उसने अपना लंड मेरी गांड पर रखा और एक ही झटके में आधा घुसा दिया। दर्द से मेरी आंखों में आंसू आ गए लेकिन मजा भी आ रहा था। वह पूरी रफ्तार से गांड मारने लगा। ट्रक वाले देख रहे थे लेकिन वह नहीं रुका। १० मिनट बाद उसने मेरी गांड में ही पूरा माल उड़ेल दिया। “ले… भर गई तेरी कुतिया गांड!”
मैं हांफ रहा था। उसने मेरा नंबर लिया और बोला, “कल फिर बुलाऊंगा… अब जा अपनी असली चुदाई करा।” मैंने कपड़े ठीक किए और आगे बढ़ गया।


८ बजे मैं गेस्ट हाउस पहुंचा। Bilal दरवाजा खोलते ही मुझे अंदर खींच लिया। “आ गई मेरी रंडी!” उसने मुझे दीवार से सटाया और जोरदार किस किया। उसकी जीभ मेरे मुंह में घुस रही थी। फिर उसने मुझे बेड पर फेंक दिया। “कपड़े फाड़!” मैंने ब्रा-पैंटी उतारी। वह नंगा हो गया। उसका ९ इंच का लंड देखकर मेरी सांस रुक गई – काला, मोटा, नसें फूली हुईं।


उसने मुझे घुटनों के बल बैठाया और पूरा लंड मुंह में ठेल दिया। “गले तक ले साली… आज तेरी सांस रोक दूंगा!” मैं उबकियां ले रहा था लेकिन वह बाल पकड़कर जोर-जोर से मुंह चोद रहा था। थूक मेरे मुंह से बह रहा था। फिर उसने मुझे चारों खाने चित किया, मेरी टांगें कंधों पर रखीं और एक ही झटके में पूरा ९ इंच मेरी गांड में घुसेड़ दिया। “आआआह… फट गई… मारो… और जोर से!” मैं चीखा।


वह पागल हो गया। हर झटका इतना जोरदार कि बेड हिल रहा था। “ले कुतिया… आज तेरी गांड भोसड़ा बना दूंगा!” वह थप्पड़ मार रहा था, निप्पल काट रहा था, बाल खींच रहा था। मैं बस “और चोदो… फाड़ दो… मैं तुम्हारी रंडी हूँ” चिल्ला रहा था। उसने मुझे डॉगी स्टाइल में किया, फिर स्टैंडिंग, फिर मुझे गोदी में उठाकर चोदा। तीन घंटे तक लगातार। मैं चार बार झड़ चुका था।


आखिर रात २ बजे उसने मुझे बेड पर लिटाया, मेरे मुंह पर बैठकर लंड चुसवाया और फिर मेरी गांड में आखिरी बार अपना गाढ़ा माल भर दिया। “अब तू मेरी प्रॉपर्टी है सिमरन… हर हफ्ते लखनऊ बुलाऊंगा और तेरी गांड की हालत खराब कर दूंगा।”
मैं थका-हारा लेकिन खुश था। सुबह ६ बजे जब मैं घर वापस आया तो मेरी गांड में अभी भी उसका माल बह रहा था। मैंने शीशे में खुद को देखा – लिपस्टिक उड़ी हुई, गालों पर थप्पड़ के निशान, गांड लाल और सूजी हुई।

कुछ दिन बीत गए। Bilal का मैसेज आया – “कल रात १० बजे, वही गेस्ट हाउस। इस बार अकेला नहीं आ रहा… मेरे दो दोस्त भी हैं। तीन लंड तेरी गांड और मुंह के लिए तैयार। तैयार रहना रंडी।”


मेरा दिल धड़क उठा। डर भी लगा, लेकिन गांड में खुजली शुरू हो गई। मैंने सोचा – आज तो असली जंगली चुदाई होगी। शाम को फिर तैयार हुआ। इस बार काली लेस वाली ब्रा-पैंटी, ऊपर टाइट ब्लाउज जो मेरे ३६ के बूब्स को उभार रहा था, और नीचे छोटी स्कर्ट। मेकअप भारी किया – लाल लिपस्टिक, स्मोकी आईज, लंबी विग। मैं एकदम वेश्या लग रहा था।


रात ९:४५ बजे मैं गेस्ट हाउस पहुंचा। दरवाजा खुला तो Bilal ने मुझे अंदर खींच लिया। अंदर दो और मर्द थे – एक ४० साल का राकेश, मोटा-तगड़ा, ८ इंच का मोटा लंड, और दूसरा ३५ साल का विक्रम, लंबा-पतला लेकिन लंड १० इंच का लंबा और सीधा। तीनों नंगे खड़े थे, लंड खड़े करके मुझे घूर रहे थे।


Bilal ने कहा, “देखो मेरी नई रखैल… आज इसे तीन-तीन लंडों से भरेंगे।” राकेश ने मुझे बाल पकड़कर घुटनों पर बैठा दिया। “चूस साली… पहले मुंह गर्म कर।” मैंने तीनों के लंड बारी-बारी चूसने शुरू किए। विक्रम का लंबा लंड गले तक जा रहा था, मैं उबकियां ले रहा था। Bilal मेरी गांड में उंगलियां घुसेड़ रहा था। राकेश मेरे निप्पल काट रहा था।


फिर उन्होंने मुझे बेड पर पटक दिया। विक्रम ने पहले गांड में घुसाया – एक झटके में पूरा १० इंच। दर्द से चीख निकली, लेकिन Bilal ने मुंह में अपना लंड ठेल दिया। “चुप कर रंडी… अब तू हमारी कुतिया है।” राकेश मेरे हाथ में अपना लंड थमाकर मसलवा रहा था। तीनों बारी-बारी गांड मारते रहे। डॉगी में, मिशनरी में, गोदी में। मेरी गांड सूज गई, लाल हो गई, लेकिन मैं चिल्ला रहा था – “और जोर से… फाड़ दो… तीनों का माल मेरी गांड में डालो!”


दो घंटे बाद तीनों ने एक साथ माल निकाला – एक ने गांड में, एक ने मुंह में, एक ने मेरे चेहरे पर। मैं पूरी तरह गंदा हो गया था। वीर्य मेरे बालों में, चेहरे पर, गांड से बह रहा था। Bilal ने कहा, “अब हर हफ्ते ऐसे ही आएगी… कभी अकेले, कभी ग्रुप में। तेरी गांड हमारी है।”
मैं हांफते हुए बोला, “हां सर… मैं आपकी रंडी हूं… हमेशा तैयार रहूंगी।”


सुबह घर लौटा तो गांड में दर्द था, लेकिन मन में अगली रात का इंतजार। अब मेरी जिंदगी बस चुदाई की हो गई है – कभी ऑटो वाले के साथ, कभी Bilal के ग्रुप के साथ। और मैं खुश हूं… क्योंकि यही तो मैं चाहता था – माय ऐस्स वांट लंड… हर वक्त, हर तरह से।
क्या आप भी मेरी तरह की कुतिया बनना चाहते हो? बताओ… मैं इंतजार कर रही हूं। 🔥

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