भाभी की खूबसूरत बहन लता की सगाई टूटने के बाद गौतम ने मौका पकड़ा, होटल में उसकी सील तोड़ी, चूत और गांड फाड़ी और शादी करके अपनी जोरू बना लिया।
मेरा नाम गौतम है। मैं छब्बीस साल का जवान लड़का हूँ। मेरी भाभी की छोटी बहन लता से पहली नजर में ही मेरा दिल हार गया था। लता सिर्फ बाईस साल की थी, लेकिन उसकी खूबसूरती देखकर कोई भी पुरुष दीवाना हो सकता था। उसका गोरा रंग, बड़ी-बड़ी कजरारी आँखें, गुलाब जैसे नरम होंठ, लंबे काले बाल, भरे-भरे छत्तीस साइज के स्तन, पतली कमर और अड़तीस साइज की मस्त और गोल गांड। जब भी वो मेरे पास से गुजरती थी, उसकी मीठी खुशबू मुझे पागल कर देती थी। मैं उसके पूरे बदन का दीवाना था, खासकर उसकी टाइट चूत और मस्त गांड का।
लता मेरे घर अक्सर आती-जाती रहती थी क्योंकि वो मेरी भाभी की छोटी बहन थी। हम दोनों धीरे-धीरे अच्छे दोस्त बन गए थे। वो मुझसे खुलकर बातें करती, हँसती-खिलखिलाती, लेकिन मैं कभी हिम्मत नहीं जुटा पाया कि उसे अपना प्यार कबूल करूँ। मैं सोचता था कि कहीं मेरी वजह से उसकी जिंदगी में कोई परेशानी न आए।
एक दिन अचानक खबर आई कि लता की सगाई तय हो गई है। मेरा दिल टूट गया। मैं रातों को सो नहीं पाता था। बार-बार सोचता कि मेरी प्यारी लता अब किसी और की हो जाएगी। सगाई के बाद भी लता हमारे घर आती रही। हर बार उसे देखकर मेरा दिल और ज्यादा टूटता। मैं चुपचाप उसे देखता रहता, लेकिन कुछ बोल नहीं पाता।
फिर शादी की तारीख फिक्स हो गई। लेकिन शादी से सिर्फ एक महीने पहले बड़ा सदमा पहुंचा। जिस लड़के से उसकी शादी तय थी, वो किसी दूसरी लड़की के साथ भाग गया और शादी कर ली। पूरा परिवार सदमे में आ गया। इतनी सारी तैयारियाँ, निमंत्रण, खरीदारी सब बर्बाद हो गई। लता बुरी तरह टूट गई। वो अपने कमरे में बंद रहने लगी, किसी से बात नहीं करती, खाना भी बहुत कम खाती। उसकी आँखें हमेशा सूजी रहतीं।
भाभी एक दिन मेरे भैया से कह रही थीं, “लता पूरी तरह टूट चुकी है। क्या करें कि वो फिर से खुश हो जाए? वो किसी से बात भी नहीं कर रही।” मुझे बहुत बुरा लगा। मैंने फैसला किया कि मैं लता से मिलकर उसे समझाऊँगा।
अगले दिन मैं लता के घर गया। वो बिस्तर पर बैठी उदास थी। मैंने उसके पास बैठकर बात शुरू की। “लता, ऐसे नहीं रह सकती तुम। जो हुआ उसे भूलकर आगे बढ़ना पड़ेगा। जिंदगी रुकती नहीं है।”
लता ने आँसू पोछते हुए कहा, “गौतम, मेरे लिए ये सब भूलना बहुत मुश्किल है। मैंने कितनी उम्मीदें लगाई थीं।”
मैंने उसे धीरे-धीरे समझाया कि उसके परिवार वाले भी उसकी उदासी देखकर दुखी हैं। वो समझ गई और धीरे-धीरे खुलने लगी। कुछ हफ्तों बाद लता ने एक अच्छी जॉब पकड़ ली। वो पहले जैसी चुलबुली और खुशमिजाज हो गई। अब जब मैं उससे मिलता तो अच्छा लगता। उसकी मुस्कान फिर से लौट आई थी।
एक दिन लता ने मुझे बताया कि उसकी कंपनी उसे मुंबई ट्रांसफर कर रही है। मैं बहुत परेशान हो गया। भाभी को मैंने अपना दिल का राज बताया। भाभी ने कहा, “गौतम, अगर तुम लता से सच्चा प्यार करते हो तो टाइम वेस्ट मत करो। उसे बता दो।”
मुंबई जाने वाली रात मैं लता को एयरपोर्ट छोड़ने गया। कार में बैठे-बैठे मैंने आखिर हिम्मत करके कह दिया, “लता, मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ। तुम्हें अपना बनाना चाहता हूँ।”
लता कुछ नहीं बोली। वो चुपचाप बैठी रही। मैंने उसे एयरपोर्ट ड्रॉप किया और वापस आ गया। दिल में एक अजीब सी बेचैनी थी।
मुंबई पहुंचने के बाद कई दिन तक उससे कोई बात नहीं हुई। फिर एक दिन उसने फोन किया। हम घंटों बात करते। धीरे-धीरे वो मेरी भावनाओं को स्वीकार करने लगी। हम दोनों के बीच प्यार बढ़ता गया। कुछ महीनों बाद लता कुछ दिनों के लिए घर आई। हम मिले। अब हमारे परिवार को भी हमारे प्यार का पता चल गया था।
एक शाम हम दोनों घूमने गए। बातों-बातों में मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। फिर मैंने उसे अपने सीने से लगा लिया और उसके नरम गुलाबी होंठों पर गहरी किस कर दी। उसके होंठ चूसते ही मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो गया। लता भी उत्तेजित हो गई थी। उसकी सांसें तेज हो गईं।
मैंने उसके कान में फुसफुसाया, “लता, चलो होटल चलते हैं।”
लता शरमाते हुए मान गई। पास के एक अच्छे होटल में हम कमरे में गए। दरवाजा बंद करते ही मैं लता पर टूट पड़ा। मैंने उसकी सलवार-कमीज एक-एक करके उतार दी। उसके गोरे, नाजुक और सेक्सी बदन को देखकर मेरी आँखें फटी रह गईं। छत्तीस साइज के भरे-भरे स्तन, गुलाबी निप्पल, पतली कमर और नीचे हल्के बालों वाली टाइट गुलाबी चूत। उसकी मस्त गांड देखकर तो मैं और भी पागल हो गया।
मैंने लता को बिस्तर पर लिटाया और उसके स्तनों पर टूट पड़ा। उन्हें चूसने लगा, निचोड़ने लगा, हल्के से काटने लगा। लता कराह रही थी, “आह्ह्ह… गौतम… धीरे… ऊह्ह्ह… बहुत मजा आ रहा है… और जोर से चूसो…”
मैंने पूरे पंद्रह मिनट तक उसके मम्मों का आनंद लिया। फिर उसके पूरे बदन को चूमते हुए नीचे उतरा। उसकी चूत पर हल्के बाल थे और वो पहले से ही गीली हो चुकी थी। मैंने जीभ से चूत चाटनी शुरू कर दी। पूरी जीभ अंदर डालकर चूसने लगा। लता तड़प उठी, “आआह्ह्ह… गौतम… क्या कर रहे हो… ऊफ्फ्फ… बहुत अच्छा लग रहा है… चूसो और जोर से…”
मैं लगातार चूत चाटता रहा। उसकी चूत से मीठा रस निकलने लगा। दस से बारह मिनट चूत चाटने के बाद लता झड़ गई। उसका पूरा शरीर कांप रहा था।
फिर लता ने मुझे बिस्तर पर लिटाया। मेरे सारे कपड़े उतारे और मेरा आठ इंच लंबा मोटा लंड देखकर मतवाली मुस्कान बिखेर दी। बिना कुछ कहे उसने लंड मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगी। एक हाथ से मेरे अंडकोष सहला रही थी। मैं सातवें आसमान पर था। “लता… आह्ह्ह… बहुत अच्छा चूस रही हो… ऊह्ह्ह…”
काफी देर तक उसने मेरा लंड चूसा। फिर मैंने लता को लिटाया। लंड को उसकी चूत पर रगड़ा। वो थोड़ी डरी हुई थी।
“धीरे से गौतम… पहली बार है…” उसने कहा।
मैंने धीरे-धीरे दो-तीन धक्के दिए। पूरा मोटा लंड उसकी टाइट चूत में घुस गया। लता चीख उठी, “आआआह्ह्ह… फट गई… गौतम… बहुत दर्द हो रहा है… आह्ह्ह… माँ…”
मैंने उसे गहरी किस करते हुए धीरे-धीरे चोदना शुरू किया। कुछ मिनट बाद लता को भी मजा आने लगा। वो अपनी गांड ऊपर-नीचे करके मेरा साथ देने लगी। “हां गौतम… और तेज… चोदो मुझे… आह्ह्ह… मेरी चूत फाड़ दो… बहुत मजा आ रहा है…”
मैंने जोर-जोर से ठोके मारे। चूत की चप्प-चप्प की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। फिर मैंने उसे डॉगी स्टाइल में किया। उसकी मस्त गोल गांड पकड़कर पीछे से जोरदार चोदा। गांड पर थप्पड़ मारते हुए चोद रहा था। लता चिल्ला रही थी, “आह्ह्ह… गौतम… तुम बहुत जोर से मार रहे हो… लेकिन मजा भी बहुत आ रहा है… और तेज…”
लगभग चालीस से पैंतालीस मिनट तक विभिन्न पोजीशन में चुदाई चली। आखिर में मैंने कहा, “लता, मेरा निकलने वाला है…”
“अंदर ही डाल दो… मैं तुम्हारी हूँ,” लता ने कहा।
मैंने उसकी चूत के अंदर पूरा वीर्य भर दिया। लता ने मुझे जकड़ लिया और बोली, “गौतम, मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ।”
उस रात हमने दो बार और चुदाई की। दूसरे राउंड में मैंने उसकी गांड भी मारी। लोशन लगाकर धीरे-धीरे उसकी टाइट गांड में लंड डाला। शुरू में उसे बहुत दर्द हुआ लेकिन बाद में लता को भी मजा आने लगा। “आह्ह्ह… गांड भी फाड़ दो… अब मैं पूरी तरह तुम्हारी हूँ… ऊह्ह्ह…”
उसके बाद लता ने शादी के लिए हाँ कर दी। कुछ महीनों बाद हमारी शादी हो गई। अब लता मेरी पत्नी है। शादी के बाद हमने हनीमून पर भी बहुत एंजॉय किया। हर रात मैं उसकी चूत और गांड का भरपूर मजा लेता हूँ। वो अब मेरी पूरी रखैल और जोरू दोनों है।
हम दोनों बहुत खुश हैं। लता की वो टूटा हुआ दिल अब मेरे प्यार और लंड से पूरी तरह भर गया है। वो हर वक्त मेरे लंड की भूखी रहती है। जब भी मौका मिलता है, हम होटल जाते हैं या घर में ही अलग-अलग पोजीशन में चुदाई करते हैं। लता अब मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत हिस्सा बन चुकी है।
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