40 साल की सेक्सी देसी आंटी रिया को चाय के बहाने घर बुलाया, चूत और गांड दोनों फाड़ दी। 2 दिन तक रखैल बनाकर मस्त चुदाई की aunty porn stories।
बात सिर्फ पंद्रह दिन पहले की है। मेरा नाम सिद्दू है और मेरी उम्र 24 साल है। मैं लुधियाना में रहता हूँ। मेरे अंकल का घर मेरे घर से ज्यादा दूर नहीं था, इसलिए मैं अक्सर वहाँ जाता था। रिया आंटी, जिनकी उम्र करीब 40 साल थी, दो बच्चों की मां थीं – एक 16 साल का बेटा और 14 साल की बेटी। बाहर से देखने में वे बहुत शालीन, संस्कारी और घरेलू महिला लगती थीं। सलवार-कमीज में उनकी मोटी-मोटी जांघें, भारी-भारी गांड और बड़े-बड़े स्तन हमेशा ढके रहते थे। लेकिन अंदर से वे कितनी भूखी और सेक्स की प्यासी थीं, यह मुझे हाल ही में पता चला।
पिछले कुछ दिनों से उनके व्यवहार में अचानक बदलाव आने लगा था। जब भी मैं उनके घर जाता, वे अपना सारा काम छोड़कर मेरे पास आकर बैठ जातीं। बातें करने में बहुत उत्साह दिखातीं, मेरी आँखों में आँखें डालकर मुस्कुरातीं, कभी-कभी मेरे कंधे या जांघ पर हाथ फेर देतीं। उनकी नजरें अब पहले जैसी नहीं थीं। वे मेरे शरीर को घूरती हुई नजर आतीं। मैंने सोचा शायद कोई गलतफहमी है, लेकिन मन में एक अजीब सी उत्तेजना महसूस होने लगी थी।
एक दिन दोपहर में अचानक उनका फोन आया।
“हैलो सिद्दू बेटा, क्या कर रहे हो?” उनकी आवाज में मिठास और थोड़ी सी शरारत झलक रही थी।
“आंटी जी, मैं ठीक हूँ। आप कैसे हैं?” मैंने सामान्य स्वर में कहा।
“बहुत बोर हो रही हूँ सिद्दू। अंकल तो दो दिन के लिए काम से बाहर चले गए हैं और बच्चे भी अपने मामा के घर गए हुए हैं। घर में अकेली हूँ। थोड़ी शॉपिंग करनी है, क्या तुम फ्री हो? अभी आ जाओ ना प्लीज,” उन्होंने अनुरोध किया।
मैं मुस्कुराया और तुरंत तैयार हो गया। “जी आंटी, बस 20 मिनट में पहुँचता हूँ।”
जब मैं उनके घर पहुँचा तो आंटी ने खुद दरवाजा खोला। वे हल्की पीली सलवार-कमीज में थीं। कमीज का कट थोड़ा गहरा था, जिससे उनकी गोरी छाती का आधा हिस्सा दिख रहा था। उनकी कमर पतली और गांड भारी थी। उन्होंने मुस्कुराते हुए मुझे अंदर बुलाया और दरवाजा बंद कर दिया।
“आओ सिद्दू, आज तो मैं बहुत बोर हो रही थी। तेरे आने से अच्छा लग रहा है,” वे बोलीं।
वे पानी ले आईं और फिर रसोई में चाय बनाने चली गईं। चाय पीते हुए हम दोनों सोफे पर बैठकर यहां-वहां की बातें कर रहे थे। अचानक मेरी टांगों पर गर्म चाय गिर गई। चाय बहुत गरम थी।
“अरे सिद्दू! ध्यान नहीं रखा क्या? जल्दी से कपड़े उतारो वरना जलन हो जाएगी,” आंटी घबरा कर बोलीं।
वे मुझे बाथरूम ले गईं और बोलीं, “कपड़े निकाल दो, मैं अंकल का नाइट सूट देती हूँ। तुम आराम से साफ कर लो।”
मैंने कपड़े उतारे, ठंडे पानी से जलन वाली जगह धोई और नाइट सूट पहनकर बाहर आया। आंटी मुझे घूर रही थीं। उनकी नजरें मेरी छाती और नीचे की तरफ बार-बार जा रही थीं। उन्होंने मेरी जींस धोकर धूप में सुखाने रख दी।
हम वापस सोफे पर बैठे। “सिद्दू, तुम्हें जलन तो नहीं हुई ना? दिखाओ तो,” उन्होंने पूछा।
मैंने मना किया लेकिन आंटी नहीं मानीं। उन्होंने बिना इजाजत मेरे नाइट सूट का नाड़ा खोल दिया। उनकी नरम, गर्म उंगलियाँ मेरी जांघों पर घूमने लगीं। मेरी त्वचा पर हल्की लालिमा थी। सहलाते-सहलाते उनकी सांसें तेज हो गईं। अचानक उनका हाथ मेरे अंडरवियर पर पहुँच गया।
मेरा 10 इंच लंबा, मोटा और काला लंड पहले से ही पूरी तरह खड़ा हो चुका था। “वाह सिद्दू… कितना बड़ा, मोटा और सख्त लंड है तेरा। मस्त है यार,” आंटी की आवाज कांप रही थी।
उन्होंने मेरा अंडरवियर नीचे खींचा और लंड को बाहर निकाल लिया। फिर दोनों हाथों से धीरे-धीरे मुठ मारने लगीं। कुछ ही पलों बाद उन्होंने अपना मुंह खोला और गर्म, गीली जीभ से लंड के सुपाड़े को चाटने लगीं। फिर पूरा लंड मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगीं।
“रिया… आंटी… ऊह्ह्ह…” मैं कराह उठा।
“मुझे रिया बोलो सिद्दू। आज से मैं तुम्हारी हूँ। मुझे पता है अंकल मुझसे ऊब चुके हैं। उनका किसी और औरत से अफेयर चल रहा है। मैं बहुत दिनों से तुम्हें चाहती थी,” उन्होंने लंड चूसते हुए कहा।
वे बेतहाशा चूस रही थीं। उनकी जीभ लंड के चारों तरफ घूम रही थी। 12-15 मिनट तक उन्होंने मेरा लंड चूसा। फिर मैंने उन्हें उठाकर बेडरूम में ले जाकर बिस्तर पर लिटा दिया।
मैंने उनकी नाइटी उतार दी। वे ब्रा और पैंटी में थीं। उनका फिगर 36-30-38 था। बड़े-बड़े स्तन, पतली कमर और भारी गांड देखकर मैं पागल हो गया। मैंने ब्रा के हुक खोले। उनके सफेद, भारी स्तन बाहर आ गए। भूरे निप्पल सख्त हो चुके थे।
मैं उनके स्तनों पर टूट पड़ा। चूसने लगा, काटने लगा, जोर-जोर से निचोड़ने लगा। रिया कराह रही थीं, “आह्ह्ह… सिद्दू… और जोर से… चूसो इन्हें… ये अब सिर्फ तुम्हारे हैं… ऊह्ह्ह… बहुत मजा आ रहा है…”
मैंने पूरे 15-18 मिनट तक उनके मम्मों का आनंद लिया। फिर उनकी पैंटी उतार दी। उनकी चूत बिल्कुल क्लीन शेव्ड, गुलाबी और पहले से ही गीली हो चुकी थी। मैंने उनके पैर फैलाए और जीभ से चूत चाटने लगा। पूरी जीभ अंदर डालकर चूसने लगा।
रिया पागल हो गईं, “सिद्दू… चूसो मेरी चूत… अंकल ने कभी नहीं चूसा… आह्ह्ह… खा जाओ इसे… ऊफ्फ्फ… बहुत अच्छा लग रहा है…”
12-15 मिनट तक चूत चाटने के बाद रिया झड़ गईं। उनका मीठा रस मैंने पूरा पी लिया। फिर हम 69 पोजीशन में आ गए। वे मेरा लंड चूस रही थीं और मैं उनकी चूत चाट रहा था।
कुछ देर बाद मैंने उन्हें पीठ के बल लिटाया और लंड को उनकी चूत पर रगड़ने लगा। रिया तड़प रही थीं, “चोद दो मुझे सिद्दू… फाड़ दो मेरी चूत… प्लीज… और कितना तड़पाओगे…”
मैंने एक जोरदार धक्का लगाया। आधा लंड अंदर चला गया। दूसरा धक्का – पूरा 10 इंच का मोटा लंड उनकी टाइट चूत में घुस गया। रिया चीख पड़ीं, “आआह्ह्ह… बहुत मोटा है… फट जाएगी मेरी चूत… आह्ह्ह… सिद्दू…”
मैं तेजी से धक्के लगाने लगा। चूत की चप्प-चप्प, पच्च-पच्च की आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थीं। रिया कराह रही थीं, “हां सिद्दू… और तेज… भोसड़ी बना दो मेरी… आह्ह्ह…”
मैंने उन्हें 12-15 मिनट तक मिशनरी स्टाइल में चोदा। फिर उन्हें ऊपर बिठाकर घुड़सवारी कराई। उनके भारी स्तन ऊपर-नीचे उछल रहे थे। वे खुद तेजी से ऊपर-नीचे हो रही थीं और अपने मम्मों को निचोड़ रही थीं।
फिर मैंने उन्हें दीवार की तरफ मोड़कर खड़ा किया और पीछे से डॉगी स्टाइल में चोदा। उनकी भारी गांड मेरे पेट से टकरा रही थी। 10-12 मिनट तक इस पोजीशन में चुदाई चली।
लगभग 50 मिनट तक विभिन्न पोजीशन में चुदाई के बाद मेरा निकलने वाला था। “रिया, मेरा माल निकलने वाला है… कहाँ निकालूँ?”
“मेरे मुंह में निकाल दो सिद्दू… मैं पहली बार लंड का रस पीना चाहती हूँ,” उन्होंने कहा।
मैंने लंड निकाला और उनके मुंह में डाल दिया। वे जोर से चूसने लगीं। दो मिनट में मैं झड़ गया। रिया ने पूरा रस निगल लिया और लंड को चूस-चूसकर साफ कर दिया।
हम थोड़ी देर नंगे लेटे रहे, किस करते रहे। फिर साथ में बाथरूम गए नहाने। वहाँ फिर से उनका मूड बन गया। मैंने लोशन की बोतल ली और उनकी गांड पर अच्छे से लगाया। उनकी गांड बहुत टाइट और गोरी थी।
धीरे-धीरे एक उंगली डाली, फिर दो, फिर तीन। जब वे तैयार हो गईं तो मैंने अपना मोटा लंड उनकी गांड पर रखा और एक जोरदार झटके में पूरा अंदर डाल दिया।
“आआआह्ह्ह… मर गई… गांड फट गई सिद्दू… निकालो…” रिया चीखीं।
लेकिन कुछ देर बाद उन्हें भी मजा आने लगा। मैंने 15 मिनट तक उनकी गांड मारी। आखिरकार अंदर ही पूरा माल भर दिया। रिया को बहुत मजा आया।
उस दिन शाम को हम शॉपिंग करने गए। रिया ने कई सेक्सी नाइट सूट, ब्रा और पैंटी खरीदीं। मैंने घर पर बहाना बनाया कि दोस्त के घर रुक रहा हूँ। अगले दो दिन तक मैं रिया के साथ ही रहा। उन दो दिनों में हमने घर के हर कोने में चुदाई की – किचन में खड़े-खड़े, सोफे पर, बेडरूम में, बाथरूम में, बालकनी में भी। रिया अब पूरी तरह मेरी रखैल बन चुकी थीं।
अब जब भी अंकल बाहर जाते हैं, मैं रिया आंटी की चूत और गांड का भरपूर मजा लेता हूँ। वे अब मेरी पूरी तरह से हैं।
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